जब चिट्टी बईं काली नहीं रही (Retain Benefits To Environment)

May 28, 2020 Chander Mohan 0

3 अप्रैल को जालन्धर निवासियों को एक अद्भुत और दिलकश नज़ारा देखने को मिला। अपने घरों की छत से उन्हें 160 किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश की बर्फ़ से ढकी धौलाधार पर्वत श्रंखला के दर्शन हो रहे थे। उपर निर्मल नीला आकाश और दूर चमकता धौलाधार ! अपनी अच्छी क़िस्मत पर इंसान झूम उठा। ऐसा ही अनुभव श्रीनगर में हुआ जब लोगों को 190 किलोमीटर दूर पीर पंजाल शृंखला देखने को मिली। लॉकडाउन के बीच उत्तर भारत के कई शहरों से कई किलोमीटर दूर पहाड़ नज़र आने लगे। जैसे जैसे इंसान पीछे हटता गया क़ुदरत ने अपनी जगह वापिस हासिल करने का ज़बरदस्त प्रयास किया। कारख़ानों की चिमनियों से ज़हरीला धुआँ निकलना बंद हो गया। उन दिनों किसान पराली नही जला […]

दिल्ली बेरहम है (Dilli is Merciless)

January 16, 2020 Chander Mohan 0

दिल्ली के गली-कूचे इतिहास की बेरहम करवट के गवाह रहें हैं। बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ बर्दाश्त किया और बहुत कुछ बर्बाद भी किया। मीर तक्की मीर जिन्हें दिल्ली से इश्क था, ने दिल्ली की बेरहमी के बारे लिखा था, दिल्ली में आज भीख भी मिलती नहीं उन्हें था कल तलक दिमाग जिन्हें ताज-ओ-तख्त का लाल हरदयाल ने मीर को भी जवाब दिया था, पगड़ी अपनी संभालिएगा मीर और बस्ती नहीं यह दिल्ली है अब फिर पगड़ी संभालने का मौका आ गया है। फरवरी में चुनाव है। क्या अरविंद केजरीवाल अपनी पगड़ी संभाल पाएंगे? और अगर उनके सर पर नहीं तो पगड़ी और किस के सिर पर बंधेगी? दिल्ली आज पूरे देश का लघु रूप है। कभी यह लाहौर के […]

एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाहिए (Surgical Strike Required Against Pollution)

November 21, 2019 Chander Mohan 0

वाराणसी से समाचार है कि प्रदूषण को देखते हुए वहां के तारकेश्वर महादेव मंदिर में पुजारियों ने शिवलिंग पर मास्क चढ़ा दिया है। उनका कहना है कि भोले बाबा को जहरीली हवा से बचाना है। वहां के सिगरा मंदिर में भी पुजारियों ने देवी-देवताओं को भारी प्रदूषण से बचाने के लिए मास्क पहना दिए हैं। चित्र में पुजारियों ने खुद भी मास्क डाले हुए हैं। दिल्ली में भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बच्चों में कुछ मास्क बांटे हैं लेकिन अब तो विशेषज्ञ कह रहे हैं कि उत्तर भारत की हवा इतनी खराब है कि मास्क भी आपको बचा नहीं सकते। जो विशेषज्ञ बता रहें हैं वह भयानक है। दिल्ली में जो लोग सिगरेट नहीं पीते उनके फेफड़ों के कैंसर में तीन […]

मुद्दा तो है, पर है नहीं (An Issue That Should Be There)

March 21, 2019 Chander Mohan 0

चुनाव के शोर-शराबे, गाली-गलौच और आरोप-प्रत्यारोप में कई महत्वपूर्ण मुद्दे औझल हो गए हैं और राजनीति का बेसुरापन हॉवी हो गया है। मेरा अभिप्राय देश में बढ़ते प्रदूषण से है जो बुरी तरह से सेहत और कई मामलों में जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। प्रकाश सिंह बादल जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने पंजाब के बारे कहा था कि “न साडा पानी साफ, न साडी हवा साफ और न ही साडा खाना साफ।“ और बादल तो देश के एक प्रमुख प्रगतिशील प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। अफसोस है कि देश में फैलते प्रदूषण के बारे कोई भी पार्टी या नेता प्रमुखता से बात नहीं कर रहा। उत्तराखंड में पर्यावरण से छेड़छाड़ की हम बहुत कीमत चुका हटे हैं लेकिन कोई सबक […]

दिवाली पर बम और पटाखे (Bombs and Crackers of Diwali)

October 19, 2017 Chander Mohan 0

भारतीय जनता पार्टी के लिए दिवाली की शुरूआत अच्छी नहीं रही। जिस गुरदासपुर से 2014 में भाजपा के विनोद खन्ना 1.36 हजार से विजयी रहे थे वहां इस बार पार्टी दो लाख से हार गई। यह हार किसी बम गिरने से कम नहीं। भाजपा की पराजय के कई कारण हैं। उनके उम्मीदवार की छवि संदिग्ध है। पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर रेप का मामला दर्ज होने से अकाली दल उस क्षेत्र में बहुत बदनाम है। पंजाब भाजपा के पास न कोई नेता हैं और न ही किसी को उभरने ही दिया गया। दिल्ली का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है और पार्टी को अकालियों के पास गिरवी रख दिया गया। लेकिन असली कारण और है। लोग विशेष तौर पर कारोबारी, […]

दिल्ली का शर्मनाक पतन (The Shameful Fall of Delhi)

November 8, 2016 Chander Mohan 0

जस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक पूर्व सैनिक की आत्महत्या को भुनाने में लगे हुए थे दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर से बहुत पार कर गया था। यह पिछले 17 साल में सबसे खतरनाक स्तर पर है। सारा एनसीआर क्षेत्र ही जहरीली चादर से ढका प्रतीत होता है। लोगों का दम घुट रहा है। सुरक्षित से 12 गुणा खतरनाक स्तर तक प्रदूषण है। पहले कहा जा रहा था कि दिल्ली में सांस लेने वालों के अंदर रोजाना 20 सिगरेट के बराबर विषैला धुआं जा रहा है, अब बताया जा रहा है कि यह 40 सिगरेट के बराबर है। हवा इतनी जहरीली बन चुकी है कि घरों के अंदर भी कइयों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। […]