प्रियंका गांधी: संस्करण 2, Can Priyanka Be The Alternative?

January 29, 2026 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना बॉस कहा है। भाजपा में कौन ‘बॉस’ है यह सब जानते है, पर यह तो मानना पड़ेगा कि 45 वर्ष के नितिन नबीन को अध्यक्ष बना कर भाजपा के हाईकमान ने एक बार फिर प्रदर्शित कर दिया कि वह लगातार पार्टी का नवीनीकरण करते जातें हैं। पार्टी पुराने घिसे पिटे नेताओं के बल पर आश्रित नहीं रहती, जैसे कांग्रेस है या कई प्रादेशिक पारिवारिक पार्टियाँ हैं। झोले से अचानक ऐसा नाम निकाला जाता है कि लोग दंग रह जातें हैं। वह पाँच बार विधायक चुने जा चुके हैं और नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं। उनके चुनाव से संदेश है कि भाजपा मेरिट को डाइनेस्टी पर […]

प्रियंका गांधी की सक्रिय एंट्री, Priyanka Gandhi’s Entry

November 6, 2024 Chander Mohan 0

पुरानी बात है। तब लाल कृष्ण आडवाणी देश के उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे (2002-04)। उनके निवास स्थान पर एक मुलाक़ात के दौरान मैंने उनसे प्रियंका गांधी के राजनीतिक भविष्य के बारे पूछा था। आडवाणीजी का जवाब था, “हाँ, वह एक चुनाव जीत सकतीं हैं”। प्रियंका उस वक़्त लगभग 30 वर्ष की थीं। 1989 में जब वह 17 वर्ष की थीं तो अपने पिता राजीव गांधी के लिए उन्होंने प्रचार किया था पर अधिकतर माँ और भाई का हाथ ही बँटाती रहीं। उस वक़्त कहा गया कि प्रियंका की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि न केवल शक्ल बल्कि हाव भाव में भी वह इंदिरा गांधी से मिलती हैं। जब माँ सोनिया गांधी कर्नाटक में बेल्लारी में सुषमा स्वराज के खिलाफ चुनाव […]

राहुल गांधी : ज़िम्मेवारी और अपेक्षा, Rahul Gandhi: Responsibility And Expectation

July 3, 2024 Chander Mohan 0

नई सरकार स्थापित हो गई। प्रधानमंत्री मोदी बता रहें हैं कि वह पुराने गियर में लौट आऐं है। गठबंधन सरकार होने के बावजूद सारे प्रमुख मंत्रालय भाजपा के पास हैं। सहयोगियों को झुनझुना दे कर संतुष्ट कर लिया गया है। स्पीकर भी ओम बिरला को बना कर संदेश है कि कुछ नहीं बदला। लेकिन नरेन्द्र मोदी को भी अहसास होगा कि चुनाव परिणाम ने बहुत कुछ बदल दिया है। विपक्ष का रूख तीखा है और देश का मूड बदल चुका है। लोग महंगाई और बेरोज़गारी पर केन्द्रित हैं और बता रहें हैं कि जो अब तक चलता रहा है उसे पसंद नहीं किया गया। इस सरकार का दुर्भाग्य है कि शुरू में ही गम्भीर शिकायतों के विस्फोट हो रहें हैं। […]

बड़े इंजन की जीत, Big Victory of The ‘Big’ Engine

March 17, 2022 Chander Mohan 0

उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष के बाद किसी मुख्यमंत्री को दोबारा बनने का मौक़ा मिला है। कोविड के दौरान मौतें, महंगाई, बढ़ती बेरोज़गारी, आर्थिक संकट, किसान आन्दोलन, के बावजूद भाजपा  दोबारा सत्ता में आने में सफल रही हैं। योगी आदित्यनाथ  अनथक है और विशेष तौर पर क़ानून और व्यवस्था के क्षेत्र में प्रदेश ने भारी सुधार किया है।  उन्हे ‘बुलडोज़र बाबा’ के नाम से जाना जाता है, जो जरूरी नही कि अच्छी बात है।  इस बार तो अयोध्या या धारा 370 का मामला भी नही था, चाहे योगी आदित्यनाथ ने 80 बनाम 20 का मुद्दा उठा कर ध्रुवीकरण की कोशिश की थी। अभी से कहा जारहा है कि भाजपा में उनकी स्थिति नम्बर 2 की बन गई है क्योंकि भाजपा […]

सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों का मिड-टर्म एग्ज़ाम, Midterm Exam of Ruling Party and Opposition

January 20, 2022 Chander Mohan 0

पाँच प्रदेशों की 690 सीटों पर चुनाव देश की भावी राजनीतिक दिशा तय करेंगे। सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम भाजपा, नरेन्द्र मोदी, योगी आदित्यनाथ के लिए बहुत महत्व रखतें हैं।  साथ ही यह भटक रही कांग्रेस पार्टी और उसके हाईकमान तथा प्रादेशिक शक्तियों की भी भावी दिशा तय करेंगे। अगर भाजपा आसानी से जीत जाती है तो योगी आदित्यनाथ इतिहास बनाऐगे क्योंकि गोबिन्द बल्लभ पंत के बाद एक अवधि पूरा करने के बाद किसी मुख्यमंत्री को दूसरी बार वहां चुना जाएगा।  इसी के साथ मोदी के बाद की भाजपा में वह ताकतवार उत्तराधिकारी बन उभरेंगे और भाजपा देश भर में अपना ऐजेडा जोरशोर से लागू करने में सफल रहेगी। विपक्ष और निरुत्साहित होगा और आपसी टकराव बढ़ेगा। […]

कुज मरन दा शौक वी सी (DEATH WISH OF CONGRESS)

June 6, 2019 Chander Mohan 0

कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं से कहा है कि वह एक महीना टीवी चैनलों से दूर रहें। जिस वक्त पार्टी बुरी तरह चुनाव में पिटी है, नेताओं तथा कार्यकर्त्ताओं का मनोबल न्यूनतम स्तर पर है, ऐसे निर्णय पार्टी की सेहत के लिए और हानिकारक साबित हो सकते हैं। इस वक्त तो यह भी मालूम नहीं कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी रह रहें हैं या जा रहें हैं? सोनिया गांधी को कांग्रेस की संसदीय दल की नेता चुन लिया गया। सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को कमान संभालते हुए कहा था कि राहुल अब मेरा भी नेता है लेकिन अब संसद में सोनिया गांधी राहुल की नेता बन गई। परिवार का यह गोरखधंधा समझ नहीं आ रहा लेकिन ऐसी कांग्रेस पार्टी बन […]