ख़ाक हो जाऐंगे हम तुमको खबर होने तक, Punjab Needs More Hand Holding

September 11, 2025 Chander Mohan 0

घुटने भर पानी में तस्वीर खीचवाने के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की स्थिति को जलप्रलय कहा है और साथ ही भरोसा भी दिलवाया कि केन्द्र की सरकार ‘पंजाब के साथ मज़बूती से खड़ी है’। शिवराज सिंह चौहान की बात सही है। पंजाब की तबाही किसी प्रलय से कम नहीं है। ऐसी भयंकर बाढ़ इससे पहले 1988 में आई थी जब 500 लोग मारे गए थे पर विशेषज्ञ बता रहें हैं कि आज स्थिति 1988 से भी अधिक नाज़ुक और संकटपूर्ण है। उस वक़्त 12 ज़िले प्रभावित हुए थे जबकि इस बार सभी 23 ज़िले बाढ़ की गिरफ़्त में हैं। अनुमान है कि 4 लाख एकड़ खेत पानी से भर गए हैं। हैं।2000 गाँव पानी में […]

‘उड़ता पंजाब’ ही नहीं, शुभमन पंजाब, Not Only Udta Punjab Also Shubhman Punjab

July 17, 2025 Chander Mohan 0

पिछले कुछ दिन बुरी खबरों से भरे रहें हैं। एयर इंडिया का विमान गिर गया, गुजरात में पुल गिर गया, मंडी में भूस्खलन में सारा परिवार बह गया केवल एक 11 महीने की बच्ची बची है जो अपनी माँ के लिए लगातार रो रही है। जैगुआर विमान गिर गया, दो पायलट मारे गए। रेप की खबरें कोलकाता से चेननई तक रोज़ाना आ रही है। जगह जगह से हत्या के समाचार मिल रहें हैं। समाज के मूल्य किस तरह लड़खड़ा रहें हैं यह हरियाणा से दो समाचारों से पता चलता है। गुरुग्राम में अपनी बेटी की सफलता और आज़ादी की तमन्ना से परेशान पिता ने ही उसकी हत्या कर दी। हिसार में दो स्कूली छात्रों ने चाकू मार मार कर अपने […]

पंजाब में राजधर्म, Raj Dharma In Punjab

April 3, 2025 Chander Mohan 0

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पानी पीकर अपना ‘अनिश्चितकालीन अनशन’ समाप्त कर दिया है। ऐसा पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है। वह 26 नवम्बर से किसानों की माँगों को लेकर अनशन पर थे। चाहे कुछ किसान नेताओं का कहना है कि डल्लेवाल ने अनशन समाप्त नहीं किया पर उनके पानी पीने से सरकार को राहत मिलेगी। इस बीच 13 महीनों के बाद सरकार ने ज़बरदस्ती शंभु और खनौरी बॉर्डर से किसानों का धरना हटा दिया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही शुरू हो गई है। जो किसान गिरफ़्तार किए गए उन्हें भी रिहा कर दिया गया है। बार्डर खुलने से राजपुरा और अम्बाला के आसपास के गाँवों और क़स्बों में रहने वाले लोगों को तो राहत मिली […]

क्या पंजाब का अतीत ही पंजाब का भविष्य है ? Will The Past Become Punjab’s Future

December 19, 2024 Chander Mohan 0

यह राहत की बात है कि श्री दरबार साहिब के बाहर हुए जानलेवा हमले में सुखबीर बादल दो कर्मचारियों की मुस्तैदी से बाल बाल बच गए। आतंकी नारायण सिंह चौड़ा को घटनास्थल पर ही क़ाबू कर लिया गया। अब तो सुखबीर बादल अपनी बाक़ी धार्मिक सजा सकुशल पूरी कर चुकें हैं पर यह घटना बहुत से सवाल खड़े कर गई है जो पंजाब के भविष्य से जुड़े हैं। पहला सवाल तो यह है कि यह हो कैसे गया जबकि बताया जाता है कि तीन लेयर की सुरक्षा थी और अमृतसर के पुलिस कमीशनर के अनुसार 175 पुलिस कर्मी सादा कपड़ों में तैनात थे। नारायण सिंह चौड़ा का अतीत पुलिस जानती थी फिर उसे सुखबीर बादल जिनके पास Z+ सुरक्षा है, […]

भाजपा ‘सेफ़’ है, और कांग्रेस…?. BJP is ‘Safe’, But Congress…?

November 28, 2024 Chander Mohan 0

महाराष्ट्र और झारखंड के चुनाव परिणाम सब सियानों को ग़लत साबित कर गए। ऐसा हरियाणा चुनाव में भी हुआ था। महाराष्ट्र के बारे लोकसभा चुनाव परिणाम को मापदंड रखा गया जहां महाविकास अघाड़ी को 48 में से 30 सीटें मिली थी और भाजपा के नेतृत्व में महायुति को 17 से ही संतुष्ट होना पड़ा था। कि भाजपा का नेतृत्व छ: महीने के अंदर अंदर बाज़ी पलट देगा यह सोचा भी नहीं गया। सब ‘काँटे की टक्कर’ की रट लगाते रहे। चुनाव से पहले भविष्यवाणी करना अब ख़तरे से ख़ाली नहीं क्योंकि लोग अपना मन नहीं बताते और पिछले आँकड़ों पर आधारित आँकलन ग़लत निकल रहें हैं। महाराष्ट्र में न केवल महायुति का प्रदर्शन बढ़िया रहा है, भाजपा वहाँ सब पर […]

अकाली दल का क्षरण और पंजाब, The Decline of Akali Dal And Punjab

July 11, 2024 Chander Mohan 0

                    चन्द्र मोहन कांग्रेस के बाद देश की दूसरी सबसे पुरानी पार्टी शिरोमणि अकाली दल, का क्षरण लगातार जारी है। यह इतने निचले स्तर पर पहुँच गया है कि उसके पतन के पंजाब के लिए निहितार्थ को लेकर चिन्ता हो रही है। विपक्ष भी चिन्तित है कि अकाली दल जो जगह ख़ाली कर रहा है कहीं उसे उग्रवादी न भर दें, जैसे संकेत लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह और सरबजीत सिंह खालसा की जीत से मिलतें है। पर यह बाद में। इस वक़्त तो अकाली दल दोफाड़ हो चुका है। जिन्हें ‘टकसाली’ नेता कहा जाता है, उनमें से 60 के क़रीब ने प्रधान सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफ़े की माँग को लेकर पूरी बग़ावत कर दी है। वह चाहतें हैं […]