ब्रिक्स और बेहाल दुनिया, BRICS And Troubled World

September 17, 2026 Chander Mohan 0

नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से घोषणा पत्र अपनाया गया। लगता है कि जो लज़ीज़ शाकाहारी भोजन परोसा गया वह काम कर गया! रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में भीषण टकराव, भारत और चीन के बीच मतभेद, यूएई और ईरान के बीच ड्रोन और मिसाइल हमले, और व्हाइट हाउस में बैठे डानल्ड ट्रंप की चिढ़ के बीच आम सहमति बनाना भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता है। वैसे हैरान भी नहीं होना चाहिए क्योंकि हमारा सदियों का कूटनीतिक अनुभव है। बड़ा संदेश अमेरिका के लिए है कि मनमाने टैरिफ़ और प्रतिबंध का विरोध हो रहा है। विश्व व्यवस्था में पश्चिम का विकल्प भी खड़ा हो सकता है। 140 पैराग्राफ़ वाले साँझे बयान में पिछले साल […]

दो अंतहीन युद्ध, Wars With No End In Sight

August 6, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर प्रस्तावित हमले को रोक दिया है। उनका कहना है कि ऐसा उन्होंने मध्य पूर्व के साथी देशों और ईरान के अनुरोध पर किया है। ईरान इस बात का प्रतिवाद करता है कि उन्होंने ऐसा कोई अनुरोध किया है। पर खाड़ी के देश निश्चित तौर पर चाहतें हैं कि युद्ध ख़त्म हो जाए या कम से कम और न भड़के। मामला होर्मुज को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ़ रूस-युक्रेन युद्ध अब छठे साल में प्रवेश कर गया है जो प्रथम विश्व युद्ध से भी अधिक लम्बा चल चुका है। ट्रम्प की ही तरह पुतिन भी ग़लतफ़हमी का शिकार हो गए […]

कूटनीतिक धुंध में भारत- रूस, Diplomatic Fog and Indo-Russia

December 11, 2025 Chander Mohan 0

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपनी दो दिन भारत यात्रा से बहुत संतुष्ट लौटें होंगें। उन पर पश्चिम के देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है, उन्हें वॉर क्रिमिनल तक कहा जा रहा है, पर यहाँ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री उनका भव्य स्वागत कर रहे थे। हवाई अड्डे पर नरेन्द्र मोदी ने पुतिन को हग किया, दोनों एक ही कार में बैठ कर वह प्रधानमंत्री के निवास स्थान तक पहुँचे जहां उनके लिए प्राईवेट डिनर रखा गया। यह कूटनीतिक शिष्टाचार के सामान्य कदम नहीं हैं। जिसे लंडन के गार्डियन अख़बार ने मोदी -पुतिन ‘ब्रोमांस’ अर्थात् बिरादर+रोमांस,कहा है पश्चिमी राजधानियों में निश्चित तौर पर अखरा होगा। यूक्रेन युद्ध द्वारा अंतराष्ट्रीय कानून के खुले उल्लंघन के बावजूद पुतिन अपने लोगों को […]

यूक्रेन की क़ुर्बानी की तैयारी, Preparations For Sacrifice of Ukraine

March 6, 2025 Chander Mohan 0

दुनिया ने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा था। दुनिया के सबसे शक्तिशाली दफ़्तर, अमेरिका के राष्ट्रपति के वाशिंगटन स्थित ओवल आफ़िस, में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच मुलाक़ात हो रही थी। शुरू के शिष्टाचार के बाद बातचीत गाली गलौज में बदल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि यूक्रेन के प्रतिनिधि मंडल को व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कह दिया गया। ट्रम्प और उनके उपराष्ट्रपति वैंस चाहते थे कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध विराम को तैयार हो जाएं जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति सुरक्षा की मज़बूत गारंटी की माँग कर रहे थे। शीघ्र ही वार्ता अशोभनीय तूं तूं मैं मैं में बदल गई और जेलेंस्की बिना भोजन किए ग़ुस्से में वहाँ से निकल […]

अस्थिर,अनिश्चित दुनिया में भारत, India In Uncertain World,

July 18, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर पश्चिम के देश काफ़ी परेशान लग रहें हैं। तीसरी बार निर्वाचित होने के बाद नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा रूस की थी जबकि अब तक परम्परा रही है कि भारत के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री पड़ोस के किसी देश की यात्रा सबसे पहले करते हैं। यात्रा के दौरान नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच गर्मजोशी को भी पश्चिम में पसंद नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने रूस को ‘सुख दुख का साथी’ कहा, जो बात पुतिन को पसंद आई। कड़वी टिप्पणी युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की थी कि, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता का दुनिया को सबसे खूनी नेता को ग़ले लगाना निराशाजनक है”। जेलेंस्की की टिप्पणी रूस द्वारा युक्रेन […]

जी 20: हमारी कूटनीति का जश्न, G20: Triumph Of Our Diplomacy

September 14, 2023 Chander Mohan 0

नई दिल्ली में जी-20 सम्मेलन सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस ग्रुप के देशों के पास दुनिया की 85 प्रतिशत जीडीपी  और दो तिहाई जनसंख्या है। बाली में सम्पन्न पिछले सम्मेलन में युक्रेन को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इस बार कूटनीतिक दक्षता दिखाते हुए हम युक्रेन को लेकर पश्चिम और रूस-चीन के बीच, विकास को लेकर उत्तर और दक्षिण के देशों के बीच, मौसम को लेकर सबमे मतभेदों के बावजूद  सबको एक साथ लाने में सफल रहे है। अंतराष्ट्रीय राजनीति के बेहद चुनौतीपूर्ण समय में सर्वसम्मति बनाना हमारी कूटनीति का करिश्मा ही कहा जाएगा। कूटनीति का हमारा सदियों का इतिहास रहा है और हम पश्चिम और पूर्व के बीच सेतु रहें है। जब से पुतिन की मूर्खता से रूस […]