इंसाफ़ या इंतक़ाम ( Justice or Revenge?)

March 26, 2020 Chander Mohan 0

निर्भया के क़ातिल बलात्कारियों को सात वर्ष के बाद आख़िर फाँसी पर चढ़ा दिया गया।  हमारे समाजिक इतिहास का बहुत घिनौना अध्याय बंद हुआ। जिस मज़बूती  से उसका परिवार विशेष तौर पर उसकी माता आशा रानी ने इस मामले का पीछा किया है वह क़ाबिले तारीफ़ है। अगर वह इतनी मज़बूती न दिखाते तो मामला अभी भी अदालतों में लटकता पड़ा होता। एक बार तो कई महीने कोई जज नहीं था जबकि यह हाई प्रोफ़ाइल मामला है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने सही कहा है कि मृत्यु दंड के मामलों के ख़िलाफ़ अपील की सीमा होनी चाहिए और यह लड़ाई अंतहीन नहीं हो सकती। उनकी बात सही है पर यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि देश में बलात्कार […]

रेप: क्या नपुंसक बनाना समाधान है? (Rape: Should Culprits Be Made Impotent?)

June 27, 2019 Chander Mohan 0

तेलंगाना के वरांगला जिले से दहलाने वाला समाचार है कि 9 महीने की बच्ची से बलात्कार करने का प्रयास किया गया। जब वह रोने लगी तो 25 वर्ष के बलात्कारी ने उसका मुंह दबा कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी पकड़ा गया लेकिन सवाल तो है कि हमारा समाज कैसे-कैसे वेहशी पैदा कर रहें हैं जो कुछ महीने की बच्ची पर भी यौन हमला करने को तैयार है? और यह पहला ऐसा मामला नहीं है। कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जहां कुछ महीने या कुछ सालों की बच्ची बलात्कार का शिकार हो चुकी हैं। बलात्कार दुनिया भर में होते हैं यहां तक कि जिन देशों में वेश्यावृत्ति वैध है वहां भी होते हैं, लेकिन जैसी दरिंदगी तेलंगाना के इस […]

Woh aayana khud ko bhi kabhi dikhao -By Chander Mohan

March 17, 2015 Chander Mohan 0

वो आइना खुद को भी कभी दिखाओ जिस वक्त देश में यह जबरदस्त बहस चल रही थी कि निर्भया बलात्कार पर आधारित बीबीसी वृत्तचित्र ‘इंडियाज़ डॉटर’ दिखाई जाए या न दिखाई जाए, लुधियाना के एक होटल में काम करने वाली लड़की जो देर रात काम के बाद घर लौट रही थी, के साथ गैंगरेप हो गया। अपने साथ रेप के बाद उस लड़की ने जो कहा वह उल्लेखनीय है, ‘मैंने चूड़ीदार कुर्ता डाला हुआ था। मेरा कोई ब्वाय फ्रैंड नहीं है। मेरा कसूर क्या था? कुछ लोग कहते हैं कि जीन्स डालने से रेप हो जाता है। कुछ महिला के चरित्र को जिम्मेवार ठहराते हैं। मैं किसे दोषी ठहराऊं?’ अपराधी मुकेश सिंह, हिन्दू महासभा तथा कई और समाज के ठेकेदार […]