पढ़ा-लिखा आतंकी अधिक घातक है, Educated Terrorist is More Lethal

November 27, 2025 Chander Mohan 0

लालक़िले के पास कार बम विस्फोट करने वाले डाक्टर उमर उन नबी ने एक रोंगटे खड़े करने वाले वीडियो में इसको न्यायोचित ठहराते हुए कहा है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ग़लत समझा जाता है कि यह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है। उसके अनुसार दरअसल यह “शहादत का अभियान” है। विडियो में उसका कहना है कि “जिहाद में ऐसी कार्यवाही न केवल जायज़ है बल्कि सराहनीय भी है”। यह वीडियो अप्रैल में बनाया गया था पर नवम्बर में अपलोड किया गया। इसके द्वारा नबी दूसरों को सुसाइड बॉम्बर बनने के लिए प्रेरित ही नही, उत्तेजित भी कर रहा है। कि हमारी एजेंसियाँ इस वीडियो के प्रसारण को रोक नहीं सकी यह बहुत बड़ी चूक साबित होगी। असादुद्दीन ओवैसी जो मॉडरेट […]

न सरकार का सर झुके, न किसान की पगड़ी, Farmers Protest: Both Need To Step Back

February 4, 2021 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि किसान नेताओं के साथ 22 जनवरी को हुई अंतिम वार्ता में सरकार ने डेढ़ वर्ष तीन कृषि क़ानूनों को न लागू करने की जो पेशकश की थी, उस पर सरकार आज भी क़ायम है। सरकार ने तब यह प्रस्ताव भी रखा था कि किसानों की बाक़ी माँगें, विशेष तौर पर एम एस पी, पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सरकार की यह पेशकश काफ़ी उदार थी और इन क़ानूनों को ठंडे बस्ते में डालने के बराबार थी। ज़्यादा से ज़्यादा किसान संगठन डेढ़ वर्ष की अवधि को दो या तीन वर्ष तक बढ़ाने का सुझाव दे सकते थे, तब तक अगले चुनाव आ जाते और मामला लटक जाता। 26 जनवरी और […]

नियंत्रण से बाहर होता किसान आन्दोलन, Kisan Agitation Goes Out of Control

January 28, 2021 Chander Mohan 0

गणतन्त्र दिवस पर दिलली की घटनाएँ बहुत विचलित करने वाली हैं। जो किसान आन्दोलन अपनी शान्ति और व्यवस्था के लिए दुनिया के लिए मिसाल था, अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया। न केवल बैरिकेड तोड़े गए बल्कि अनुशासन  में रहने के वादे भी तोड़ दिए गए। जिन मार्ग पर जाने का वादा किया था उन्हें छोड़ते हुए दिलली में घुस गए। आन्दोलन पर किसी का नियंत्रण नही रहा। संयुक्त किसान मोर्चे के नेता जो रोज़ टीवी पर नज़र आते थे, ग़ायब हो गए क्योंकि  कोई उनकी सुन नही रहा था। लेकिन ज़िम्मेवारी तो उनकी बनती है। जब ट्रैक्टर मार्च के लिए हज़ारों किसानों को राजधानी में इकट्ठा किया  गया तो यह सम्भावना तो सदैव थी कि कुछ नियंत्रण से बाहर […]