सोनिया गांधी की वापिसी (Return of Sonia Gandhi)

August 22, 2019 Chander Mohan 0

सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी के राजनीति में प्रवेश और बाद में प्रधानमंत्री बनने के जबरदस्त विरुद्ध थी। इंदिरा गांधी ने खुशवंत सिंह को बताया था कि  “राजीव की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। सोनिया ने धमकी दी है कि अगर वह राजनीति में कदम रखेंगे तो वह तलाक दे देंगी।” लेकिन पहले संजय गांधी की हवाई दुर्घटना में मौत और फिर खुद इंदिरा गांधी की हत्या ने सब कुछ बदल डाला। जिस वक्त अभी इंदिरा गांधी का गोलियों से छलनी शव हस्पताल में ही था, दूसरे कमरे में सोनिया गांधी अपने पति से “शेरनी की तरह” , यह शब्द उनके अपने हैं, लड़ रही थीं कि वह प्रधानमंत्री न बने। बाद में उन्होंने कहा था, “राजीव के […]

आकस्मिक और लाचार प्रधानमंत्री (Accidental and Ineffective PM)

January 3, 2019 Chander Mohan 0

वैसे तो देश में कई  ‘एक्सिडैंटल’  अर्थात आकस्मिक प्रधानमंत्री रहें हैं। सबसे प्रमुख नाम इंदिरा गांधी का है। अगर शास्त्रीजी का ताशकंद में देहांत न होता तो देश का राजनीतिक इतिहास ही कुछ और होता। न तब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनती और न ही दशकों एक परिवार का शासन रहता। सोनिया गांधी खुद प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनी यह भी रहस्य की बात है क्योंकि वह पहले 1999 में प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा प्रदर्शित कर चुकी थीं पर मुलायम सिंह यादव ने अडिंग़ा दे दिया। शायद इसी अनुभव को याद रखते हुए उन्होंने महत्वकांक्षाविहीन डॉ. मनमोहन सिंह को 2004 में प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था। तब सोनिया गांधी की ‘कुर्बानी’ का बहुत प्रचार किया गया लेकिन बाद में स्पष्ट हो गया […]

इंदिरा गांधी और नरेन्द्र मोदी (Indira Gandhi and Narendra Modi)

November 29, 2016 Chander Mohan 0

राजदीप सरदेसाई के साथ इंटरव्यू में सोनिया गांधी का कहना था कि वह इससे सहमत नहीं कि नरेन्द्र मोदी इंदिरा गांधी जैसे ताकतवर नेता हैं। दिलचस्प है कि हमारे बड़े बड़े दबंग पत्रकार जब बड़े नेताओं से बात करते हैं तो उनकी सारी बोलती बंद हो जाती है। अरनब गोस्वामी की नरेन्द्र मोदी के साथ और अब राजदीप सरदेसाई की सोनिया गांधी की इंटरव्यू में भी इंटरव्यू करने वाला बिलकुल दब्बू था। प्रभाव यह दे रहे थे कि अपने सामने बैठे व्यक्ति के आभा मंडल से वह मंत्रमुग्ध हैं। जहां तक इंदिरा गांधी तथा नरेन्द्र मोदी के बीच तुलना का सवाल है दोनों का व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि तथा कैरियर अलग अलग हैं। इंदिरा गांधी का जन्म देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों […]

दर्द-ए-कांग्रेस (Dard-e-Congress)

August 9, 2016 Chander Mohan 0

यह संतोष की बात है कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की हालत अब स्थिर है। वाराणसी में उनके रोड शो में लोगों में जोश था लेकिन ऐसा रोड शो करने के लिए सेहत भी चाहिए, जो नहीं है। इस महिला की हिम्मत की दाद देनी चाहिए कि इसके बावजूद पार्टी को उत्तर प्रदेश में खड़ा करने के लिए वह खुद मैदान में कूद गई थीं। शुरुआत धर्म की नगरी वाराणसी से की जो प्रधानमंत्री का चुनाव क्षेत्र भी है। सावन में वाराणसी में धार्मिक माहौल रहता है इसीलिए सोनिया गांधी के कार्यक्रम में काशी विश्वनाश मंदिर में पूजा तथा गंगा पूजा को शामिल किया गया था। यह हो न सका। लेकिन वहां उन्हें मिला जनसमर्थन भाजपा के लिए चिंता का […]

मिस्टर वाड्रा के लिए मकान (A House for Mr. Vadra)

June 7, 2016 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि उन्होंने लोगों की ‘मिठाई खाना’ बंद कर दिया है। यह मानना पड़ेगा कि केन्द्रीय सरकार पर इन दो वर्षों में एक भी आरोप नहीं लगा। लेकिन सवाल दूसरा है। क्या सरकार भ्रष्टाचार के जो दूसरे बड़े मामले हैं उन्हें तार्किक अंत तक पहुंचाने के प्रति गंभीर है या दिलचस्पी केवल उनका राजनीतिक लाभ उठाने में ही है? मामला राबर्ट वाड्रा से भी जुड़ा है। चुनाव अभियान के दौरान भाजपा ने राबर्ट वाड्रा के जमीन घोटालों को बड़ा मुद्दा बनाया था। अब दो वर्ष हो गए। हमें बताया जा रहा है कि मामले की जांच हो रही है। कितनी जांच होनी है? जमीन हरियाणा तथा राजस्थान में खरीदी गई। अगर घपला हुआ है तो यहां […]

शेरनीजी, महात्मा मनमोहन और सेंट एंटनी (Sherniji, Mahatma Manmohan and Saint Antony)

May 10, 2016 Chander Mohan 0

कांग्रेस के कथित ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस कथन कि ‘कांग्रेस गंगा के समान है’, पर रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर ने लोकसभा में अपने जवाब में कहा कि ‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गंगा जाती कहां है?’ मनोहर पार्रिकर का भाषण तर्क से भरा हुआ बढ़िया भाषण था पर मुझे उन्हें कहना है कि केवल यह ही नहीं देखना कि बहती गंगा गई किधर, उन्हें यह भी ढूंढना है कि गंगोत्री कौन है? रिश्वत जरूर उन्हें दी गई होगी जो निर्णय को प्रभावित कर सकते थे। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि किस तरह जब अगस्ता को हेलीकाप्टर नहीं मिल रहा था तो सौदे की शर्तें व धाराएं बदली […]