भाजपा की अकाली-दुविधा (BJP and Akalis)

January 30, 2020 Chander Mohan 0

जिसे कभी प्रकाश सिंह बादल ने नाखुन तथा मास का रिश्ता कहा था, वह अलग होता नज़र आ रहा है। शिरोमणि अकाली दल ने घोषणा की है कि वह दिल्ली विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। असलियत यह है कि दोनों अकाली दल तथा भाजपा में मतभेद इतने बढ़ चुके हैं कि दोनों अब इक्ट्ठे नहीं चल सकते इसलिए भाजपा के खिलाफ चुनाव लडऩे से कतराते हुए अकाली दल ने फिलहाल दिल्ली विधानसभा से ही किनारा कर लिया है। इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोनों दलों के बीच तलखी नज़र आई थी और अब दिल्ली, जहां सिखों की अच्छी-खासी जनसंख्या है, के विधानसभा चुनाव से अकाली दल बाहर हो गया है। यह अकाली दल की कमज़ोरी भी दर्शाता […]

मनमोहन II और बादल II

August 27, 2013 Chander Mohan 1

मनमोहन II और बादल II पंजाब की प्रकाश सिंह बादल सरकार अक्सर हर मामले पर अपनी मुसीबत के लिए केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार को कोसती रहती है पर देखा जाए तो दोनों सरकारों के कामकाज में काफी समानता है। डा. मनमोहन सिंह की पहली सरकार ने अच्छा काम किया था। देश की विकास की दर तेज हुई और हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत इज्जत मिली। देश में आशा का माहौल था जिस कारण 2009 में लोगों ने यूपीए को दोबारा सत्ता में आने का मौका दिया। इसका बड़ा श्रेय खुद मनमोहन सिंह को जाता है क्योंकि मिडल क्लास तब उनकी दीवानी थी। लेकिन दूसरी बार यूपीए सरकार का प्रदर्शन शोचनीय रहा और सरकार भ्रष्टाचार, घपलों और गिर रही आर्थिक […]

अंदर गीदड़ बाहर शेर

August 2, 2013 Chander Mohan 3

अंदर गीदड़ बाहर शेर पंजाब में ई-ट्रिप था। कालोनाईजर के मामले में कुछ रियायतें दी गई हैं। जिस पर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष कमल शर्मा का दावा है कि भाजपा के दबाव में सरकार को ये रियायतें देनी पड़ी हैं पर उल्लेखनीय है कि दोनों कदमों को वापिस नहीं लिया गया। मामूली संशोधन करवा मामला खत्म किया जा रहा है। इसी तरह जब शहरी आबादी पर जायदाद टैक्स लगाया गया तो लोगों के शोर मचाने के बाद कुछ रियायतें दे दी गई लेकिन कदम वापिस नहीं लिया गया। पंजाब सरकार की वित्तीय हालत कमजोर है। सरकार खर्चे घटाने की कोशिश नहीं कर रही इसलिए टैक्स लगाए जा रहे हैं। क्योंकि बादल परिवार ग्रामीण क्षेत्र को छेड़ना नहीं चाहता इसलिए जो […]