‘सतलुज’ के उस पार, The Other Bank of ‘Satluj’

July 16, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के नागरिक दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म ‘सतलुज’ को लेकर पंजाब में काफ़ी सनसनी फैल गई है। तीन साल यह फ़िल्म सेंसर बोर्ड में फँसी रही फिर इसे 2 जुलाई को ओटीटी पर रिलीज़ कर दिया गया। दो दिन के बाद सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे हटवा दिया। सरकार का यह अनाड़ीपन है जिसने फ़िल्म के प्रति पंजाब में भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। गाँवों और गुरुद्वारों में इसकी स्क्रीनिंग हो रही है। गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग सामान्य नहीं है। अगर फ़िल्म को हटाना ही था, तो इसे ओटीटी पर रिलीज़ क्यों किया गया? क्या इस सरकार का बायाँ हाथ नहीं जानता कि दायाँ क्या कर रहा है? या इसके पीछे कोई और प्लानिंग है, आख़िर […]

पाकिस्तान को लंच, हमें झुनझुना, Lunch For Pakistan, Rattle for India

July 24, 2025 Chander Mohan 0

अमेरिका ने पहलगाम हमले के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकी संगठन टीआरएफ को आतंकी ग्रुप घोषित कर दिया है। इसका ज़मीनी मतलब यह है कि टीआरएफ को वित्तीय मदद देना अमेरिकी क़ानून के नीचे अपराध होगा। इस संगठन से जुड़े लोगों की अमेरिका में सम्पत्ति ज़ब्त होगी और अमेरिका में एंट्री नहीं हो सकेगी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना है कि टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करना पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलवाने की कोशिश है। उनके विदेश विभाग का कहना है कि टीआरएफ लश्करे तोयबा की ‘प्राक्सी’ अर्थात् प्रतिनिधि है। मार्क रुबियो का यह भी कहना था कि उनका आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ है। हमारे विदेश मंत्री एस.जयशंकर के अनुसार यह सही समय पर लिया गया फ़ैसला […]

दिलजीत दोसांझ और पाकिस्तानी हीरोइन, Daljit Dosanjh And His Pakistani Heroine

July 10, 2025 Chander Mohan 0

जनून का दौर है किस किस को जाएँ समझानेउधर भी होश के दुष्मन इधर भी दीवाने वैसे तो सिंगर दिलजीत दोसांझ विवादों के आदी है। कई बार हमारे आर्टिस्ट लोकप्रियता बढ़ाने के लिए भी विवाद खड़ा कर देते हैं पर उन्हें लेकर जो ताज़ा विवाद है वह तो फ़िज़ूल लगता है। मामला उनकी फ़िल्म ‘सरदार जी 3’ से सम्बंधित है क्योंकि उस फ़िल्म में उनके साथ पाकिस्तानी हीरोइन हानिया आमीर काम कर रही है। इसी पर दिलजीत की बड़ी आलोचना की गई। मांग की गई कि उन्हें बार्डर -2 से निकाल दिया जाए। फैडेरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया साइन इम्पलॉईज़ एसोसिएशन ने तो और बढ़ते हुए माँग की है कि दिलजीत दोसांझ की नागरिकता रद्द कर दी जाए। शिकायत यह है […]

इमरान खान और ‘खतरनाक’ पाकिस्तान ( Imran Khan and ‘Dangerous’ Pakistan)

August 23, 2018 Chander Mohan 0

चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान की ताजपोशी पर लिखा है, “दुनिया का सबसे खतरनाक देश अब और खतरनाक बन गया है।” वह लिखते हैं,  “पाकिस्तान को हर हाल में अच्छी सरकार तथा स्वस्थ नागरिक-सेना रिश्ते चाहिए… उसे अपना परमाणु कार्यक्रम धीमा करना चाहिए… उनके अपने हित में है कि वह भारत के साथ बेहतर संबंध करें। सबसे अधिक उसे एक स्थिर तथा अनुभवी नेतृत्व चाहिए। पर ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला। एक अज्ञात भविष्य के लिए तैयार हो जाएं। जिस वक्त इमरान खान सत्ता संभाल रहे हैं ब्रूस रीडल का यह आंकलन काफी सख्त लगता है पर यह हकीकत पर आधारित है। इमरान खान के पास अपना बहुमत नहीं […]

हमारी पाकिस्तान नीति क्या है? (What is our policy on Pakistan?)

January 11, 2018 Chander Mohan 0

यह सवाल पहली बार नहीं उठा। पाकिस्तान को लेकर किसी भी भारतीय सरकार की नीति स्पष्ट नहीं रही। हम कभी आंखें दिखाते हैं तो कभी दोस्ताना पहल करते हैं। कारगिल के खलनायक परवेज़ मुशर्रफ को प्रधानमंत्री वाजपेयी ने आगरा बुलाया पर वह कश्मीर के इलावा और बात करने को तैयार नहीं था इसलिए उसे बेरंग वापिस भेज दिया गया। मोदी लाहौर में नवाज शरीफ को मिलने गए उसके बाद पठानकोट एयरबेस पर हमला हो गया। हाल ही में कुलभूषण जाधव की माता तथा पत्नी के साथ वहां घोर दुर्व्यवहार किया गया। हमारा मीडिया उत्तेजित होकर पाकिस्तान को गालियां निकाल रहा था। सुषमा स्वराज ने संसद में एक और बढ़िया भावनात्मक भाषण दे डाला पर बाद में पता चला कि इस […]

गिल साहिब, तालियां बजती रहेंगी (Gill Sahib, You Will Be Long Remembered)

June 1, 2017 Chander Mohan 0

देश के प्रति उनकी सेवा तथा भक्ति को देखते हुए यह बहुत अफसोस की बात है कि पंजाब के पूर्व डीजीपी के.पी.एस. गिल के साथ न्याय नहीं किया गया। जितना उनका योगदान था उसे देखते हुए, वह तो किसी गायक या क्रिकेटर से अधिक ‘भारत रत्न’ के अधिकारी थे। अगर वह आगे आकर खालिस्तानी आंदोलन को कुचलते नहीं तो पंजाब शायद आज भी अशांत रहता। लेकिन मानवाधिकार वालों के शोर तथा कुछ निजी कमजोरियों के कारण के.पी.एस. गिल को जिंदगी में सही तरीके से सम्मानित नहीं किया गया पर उनकी मौत के बाद जनता की तरफ से उन्हें जो श्रद्धांजलि मिली है उससे पता चलता है कि लोग जानते हैं कि यह जांबाज पुलिस जरनैल वास्तव में राष्ट्रीय हीरो हैं। […]