अमेरिका में अराजकता, दुनिया के लिए सबक़, Lesson From America

January 14, 2021 Chander Mohan 0

‘अमेरिका कभी भी बाहर से नष्ट नही होगा। अगर हम लड़खड़ाने लगे और अपनी आज़ादी खो बैठे तो इसका कारण यह होगा कि हमने ख़ुद को नष्ट कर लिया’ –अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16वें  राष्ट्रपति की यह भविष्यवाणी 160 सालों के बाद 6 जनवरी को लगभग सही साबित हो गई जब अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप के उकसाने पर एक भड़की हुई भीड़ ने अमेरिकी लोकतन्त्र की सबसे पावन संस्था, उनकी संसद, पर ही हमला बोल दिया। बेक़ाबू भीड़ से बचाने के लिए सांसदों, उपराष्ट्रपति समेत, को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा। कुछ दंगाईयों ने कॉनफैडरेसी के झंडे उठाए हुए थे जिसने दास प्रथा समाप्त करने के विरोध में 1865 में युद्ध किया था, और अब्राहम लिंकन के […]

ट्रंप का जीतना दुर्भाग्यपूर्ण होगा Trump’s Victory will Be Most Unfortunate

October 15, 2020 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप ने फिर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। नौ दिन पहले उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। तीन दिन वह अस्पताल में भी रहे थे जिस दौरान यह समाचार भी बाहर निकले थे कि उन्हें दो बार ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ी थी। लेकिन ट्रंप परेशान है क्योंकि 3 नवंबर को उनका चुनाव है और हर सर्वेक्षण बताता है कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन से बहुत पीछे चल रहें है इसलिए यह कहते हुए कि ‘आई एम फ़ीलिंग ग्रेट’ वह जोश से चुनाव अभियान में कूद पड़ें हैं। ट्रंप बेधड़क है, उनका एकमात्र लक्ष्य चुनाव जीतना है उन्हें परवाह नही कि इसके रास्ते में वह और कितनों को संक्रमित करतें हैं। पिछले महीने […]

रिश्तों की नींव हिल गई (Uncertainty in Indo-US Relations)

August 1, 2019 Chander Mohan 0

अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के अनिश्चित रिश्तों के बारे अपनी किताब में चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल लिखते हैं,  “इस क्षेत्र में अमेरिका अपने अधिकतर लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहा है। रुज़वैल्ट से लेकर ओबामा तक अधिकतर अमरीकी राष्ट्रपतियों ने पाया कि उपमहाद्वीप में आगे बढ़ना मुश्किल है… इतिहास साक्षी है कि अमेरिकी कदमों ने बुरी स्थिति को बदतर बना दिया था…।” अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह किताब पढ़ी होती या अपने सलाहकारों की राय मानी होती तो इमरान खान के साथ अपनी बैठक में कश्मीर में अपनी मध्यस्थता की अनावश्यक पेशकश न कर बैठते। इमरान खान के लिए तो छींका फूटने वाली बात हो गई लेकिन अपनी इस लापरवाही से ट्रम्प […]

कूटनीति के विकल्प और चुनौतियां (Choices and Challenges of Diplomacy)

September 13, 2018 Chander Mohan 0

भारत की विदेश नीति पर अपनी किताब ‘चौयसेस’ अर्थात  ‘विकल्प’ में मनमोहन सिंह सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन भारत-अमेरिका रिश्ते पर तब ली गई पहल के बारे लिखते हैं, “यह पहल इस धारणा पर आधारित थी कि बदली परिस्थिति में यह हमारे हित में है। चाहे दोनों देश यह कहने में शर्माते हैं कि उनकी सांझेदारी चीन से संतुलन बनाने के लिए है पर यह स्पष्ट है कि चीन का उत्थान इसकी प्रमुख प्रेरणा है… भारत अपने को बदलने, अपने विकास के लिए तथा स्थिर तथा शांतमय वातावरण के लिए अमेरिकी टैकनालिजी, बाजार तथा समर्थन चाहता है।“ इस सब पर कोई विवाद नहीं हो सकता है। जवाहर लाल नेहरू से लेकर सभी प्रधानमंत्रियों ने अमेरिका के साथ […]