दो अंतहीन युद्ध, Wars With No End In Sight

August 6, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर प्रस्तावित हमले को रोक दिया है। उनका कहना है कि ऐसा उन्होंने मध्य पूर्व के साथी देशों और ईरान के अनुरोध पर किया है। ईरान इस बात का प्रतिवाद करता है कि उन्होंने ऐसा कोई अनुरोध किया है। पर खाड़ी के देश निश्चित तौर पर चाहतें हैं कि युद्ध ख़त्म हो जाए या कम से कम और न भड़के। मामला होर्मुज को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ़ रूस-युक्रेन युद्ध अब छठे साल में प्रवेश कर गया है जो प्रथम विश्व युद्ध से भी अधिक लम्बा चल चुका है। ट्रम्प की ही तरह पुतिन भी ग़लतफ़हमी का शिकार हो गए […]

कूटनीतिक धुंध में भारत- रूस, Diplomatic Fog and Indo-Russia

December 11, 2025 Chander Mohan 0

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपनी दो दिन भारत यात्रा से बहुत संतुष्ट लौटें होंगें। उन पर पश्चिम के देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है, उन्हें वॉर क्रिमिनल तक कहा जा रहा है, पर यहाँ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री उनका भव्य स्वागत कर रहे थे। हवाई अड्डे पर नरेन्द्र मोदी ने पुतिन को हग किया, दोनों एक ही कार में बैठ कर वह प्रधानमंत्री के निवास स्थान तक पहुँचे जहां उनके लिए प्राईवेट डिनर रखा गया। यह कूटनीतिक शिष्टाचार के सामान्य कदम नहीं हैं। जिसे लंडन के गार्डियन अख़बार ने मोदी -पुतिन ‘ब्रोमांस’ अर्थात् बिरादर+रोमांस,कहा है पश्चिमी राजधानियों में निश्चित तौर पर अखरा होगा। यूक्रेन युद्ध द्वारा अंतराष्ट्रीय कानून के खुले उल्लंघन के बावजूद पुतिन अपने लोगों को […]

यूक्रेन की क़ुर्बानी की तैयारी, Preparations For Sacrifice of Ukraine

March 6, 2025 Chander Mohan 0

दुनिया ने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा था। दुनिया के सबसे शक्तिशाली दफ़्तर, अमेरिका के राष्ट्रपति के वाशिंगटन स्थित ओवल आफ़िस, में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच मुलाक़ात हो रही थी। शुरू के शिष्टाचार के बाद बातचीत गाली गलौज में बदल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि यूक्रेन के प्रतिनिधि मंडल को व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कह दिया गया। ट्रम्प और उनके उपराष्ट्रपति वैंस चाहते थे कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध विराम को तैयार हो जाएं जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति सुरक्षा की मज़बूत गारंटी की माँग कर रहे थे। शीघ्र ही वार्ता अशोभनीय तूं तूं मैं मैं में बदल गई और जेलेंस्की बिना भोजन किए ग़ुस्से में वहाँ से निकल […]

अनिश्चित, अस्थिर दुनिया में भारत , India In An Unstable World

October 3, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूस, यूक्रेन और अमेरिका की यात्राओं ने एक बार फिर प्रदर्शित कर दिया कि भारत अब बड़ा अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया है। रूस,फ़्रांस और ब्रिटेन के नेताओं ने भारत को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की वकालत की है। अमेरिका पहले ही समर्थन दे चुका है। मामला चीन पर जा कर रूका हुआ है। इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की भविष्यवाणी है कि 2050 तक अमेरिका, चीन और भारत तीन सुपर पावर होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं से यहाँ यह चर्चा शुरू हो गई कि भारत यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता कर सकता है। रूस के राष्ट्रपति ने खुलेआम कहा भी है कि वह चाहतें हैं कि भारत, चीन और ब्राज़ील मध्यस्थता करें पर यह […]

अस्थिर,अनिश्चित दुनिया में भारत, India In Uncertain World,

July 18, 2024 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा को लेकर पश्चिम के देश काफ़ी परेशान लग रहें हैं। तीसरी बार निर्वाचित होने के बाद नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा रूस की थी जबकि अब तक परम्परा रही है कि भारत के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री पड़ोस के किसी देश की यात्रा सबसे पहले करते हैं। यात्रा के दौरान नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच गर्मजोशी को भी पश्चिम में पसंद नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने रूस को ‘सुख दुख का साथी’ कहा, जो बात पुतिन को पसंद आई। कड़वी टिप्पणी युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की थी कि, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता का दुनिया को सबसे खूनी नेता को ग़ले लगाना निराशाजनक है”। जेलेंस्की की टिप्पणी रूस द्वारा युक्रेन […]

अमेरिका और उसका ‘न्यू बैस्ट फ्रैंड’, America- India New Best Friends?

June 22, 2023 Chander Mohan 0

 ब्रिटेन के साप्ताहिक अख़बार द इकोनॉमिस्ट ने भारत को अमेरिका का नया बैस्ट फ्रैंड करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले प्रकाशित लेख में अख़बार लिखता है, “ इस एशियन जांयट का वैश्विक दबदबा बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। इसकी अर्थव्यवस्था दुनिया में पाँचवीं है…2028 तक वह जापान और जर्मनी से आगे निकल जाएँगे… भारत एशिया में चीन के आक्रमण को रोकने और अपना अधिकार जताने के अमरीकी प्रयासों के लिए अत्यावश्यक हो गया है”। यह अकारण नहीं  कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा का उस तरह स्वागत किया जा रहा जैसे पहले शायद एक ही बार हुआ था जब राष्ट्रपति कैनेडी ने  प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का अमेरिका में स्वागत किया था। […]