संविधान निर्माता बेवक़ूफ़ नही थे, Our Founding Fathers Had Right Perspective

September 16, 2021 Chander Mohan 0

समाजवादी का लिबास ओड़े हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात कर जातीय जनगणना की माँग की है। नीतीश कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री ने उनकी माँग को ख़ारिज नही किया। इन लोगों का तर्क है कि जातीय जनगणना से विकास योजनाओं बनाने में मदद मिलेगी और ऐसी योजनाओं को बनाने का आधार केवल आर्थिक नही हो सकता क्योंकि जातीय पिछड़ापन अभी भी बड़ी समस्या है और इसका हल तब ही होगा जब पता चलेगा कि कौन सी जाति के कितने लोग है? तेजस्वी यादव का कहना था कि, ‘जातिगत जनगणना राष्ट्रीय हित में है और यह एतिहासिक तौर पर ग़रीबों के हक़ में क़दम होगा’। 1931 में अंग्रेज़ों के समय […]

उत्तर प्रदेश का विभाजन होना चाहिए, UP Needs To Be Divided

June 17, 2021 Chander Mohan 0

कांग्रेस के जितिन प्रसाद जो राहुल गांधी के मित्रों में भी गिने जातें हैं, भाजपा में शामिल हो गए हैं। राहुल गांधी के लिए यह  व्यक्तिगत आघात है कि वह अपने मित्रों को भी सम्भाल नहीं सके। ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले पार्टी छोड़ चुकें हैं और सचिन पायलेट और मिलिंद देवड़ा बेचैन हैं। पार्टी को कमजोर करने में पार्टी के कथित हाईकमान ने भी कसर नही छोड़ी। आख़िर दो साल से पार्टी अध्यक्ष का चुनावलटक रहा है। राहुल गांधी अध्यक्ष के सभी अधिकार सम्भाले हुए हैं पर ज़िम्मेवारी उनकी नही है। वह सही मुद्दे उठातें है पर ट्विटर के बल पर राजनीति नही हो सकती। यहां तो ममता बैनर्जी स्टाईल स्ट्रीट-पॉलिटिक्स सफल रहता है। लेकिन भाजपा को भी जितिन प्रसाद को […]

रात के अंधेरे में In The Dead of Night

October 8, 2020 Chander Mohan 0

दिसम्बर 2012 के दिल्ली के निर्भया कांड के बाद देश ने सोचा था कि इस से क्रूर और पाशविक और कुछ नही हो सकता। परेशान संसद ने भी रेप के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून बना दिया था लेकिन अब हाथरस में एक दलित लड़की के साथ जो नृशंस हुआ उस से पता चलता है कि इन आठ साल में कुछ नही बदला। महिलाओं पर अत्याचार के मामले में हम वहीं के वहीं हैं। शायद कुछ और आगे बढ़ गए हैं। देश भर से लगातार ऐसी घटनाओं के समाचार मिल रहें हैं। हिमाचल जैसा शरीफ़ प्रदेश भी अछूता नही रहा। वहाँ मई में हमीरपुर जिले के तलासी गाँव की लापता हुई लड़की का कंकाल अब जंगल से मिला है। बलात्कार के बाद […]

मोदीजी, एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाहिए Need Another Surgical Strike

July 16, 2020 Chander Mohan 0

‘विकास दुबे कानपुर वाला’ की 30 वर्ष लम्बी कुख्यात यात्रा और उज्जैन में उसकी कथित गिरफ़्तारी तथा रास्ते में उसका कथित एंकाउंटर कई सवाल छोड़ गया है। जिस अपराधी को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश तथा पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस चौकस थी वह एक हज़ार किलोमीटर दूर उज्जैन कैसे पहुँच गया? उसे हथकडी क्यों नहीं पहनाई गई? कार कैसे पलट गई? रास्ते में कार क्यों बदली गई? और भी कई सवाल हैं लेकिन यह उल्लेखनीय है कि उसकी मौत पर लोग संतुष्ट हैं। उमा भारती ने बधाई दी है। जिन पुलिस अफ़सरों ने यह एंकाउंटर किया है उन्हें हार डाले गए हैं चाहे कई मानवाधिकार वाले परेशान है। यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है किजिन्होंने विकास दुबे की मदद की यहां […]

देश की अनाथ औलाद (The Lost People of India)

May 14, 2020 Chander Mohan 0

प्रवासी मज़दूरों की त्रासदी ज़ारी है। महाराष्ट्र में औरंगाबाद के नज़दीक रेल पटरी पर सोए 16 मज़दूरों को माल गाड़ी रौंद गई।चालक कल्पना नही कर सकता था की रेल पटरी पर भी कोई सो सकता है। लेकिन बात दूसरी है। कितनी मजबूरी थी कि थके हारे भूखे प्यासे पुलिस के डंडों से बचते यह सब रेल पटरी पर ही सो गए? पहले लॉकडाउन ने ज़िन्दगी पटरी से उतार दी अब पटरी पर आ रही रेल उनके चिथड़े कर निकल गई। लॉकडाउन के कारण कई सौ किलोमीटर दूर अपने अपने गाँव के लिए निकले 80 प्रवासी रास्ते में ही दम तोड़ चुकें हैं। आज़ादी के बाद का यह सबसे बड़ा पलायन है। समय पर लॉकडाउन ने बड़ी संख्या में जाने बचाईं […]

नकारात्मक को दिल्ली ने नकार दिया (Dilli Negates The Negative)

February 13, 2020 Chander Mohan 0

दिल्ली के इतिहास का सबसे भद्दा चुनाव खत्म हुआ। अरविंद केजरीवाल तथा उनकी आप को प्रचंड बहुमत मिल गया है। दिल्ली वालों ने ‘गोली मारो’ राजनीति को वोट की गोली मार दी। नफरत की राजनीति को रद्द कर दिया। भाजपा का प्रदर्शन फीका रहा जबकि कांग्रेस यह प्रभाव दे रही है कि वह जिंदा रहने को तैयार नहीं। दिल्ली के ठीक बीच स्थित गार्गी कालेज में छात्राओं के साथ कुछ गुंडों ने जो अभ्रद व्यवहार किया है उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। ऐसी-ऐसी हरकतें की गई कि लिखा भी नहीं जा सकता और जैसा हर बार हो रहा है, पुलिस यहां भी तमाशबीन खड़ी रही। जब नेता राजनीति पर जरूरत से अधिक केन्द्रित हो जाएं तो प्रशासन […]