संस्थानों का कमज़ोर पड़ जाना, The Troubling Decline Of Institutions

October 15, 2026 Chander Mohan 0

हमारा चुनाव आयोग एक समय दुनिया के लिए मिसाल था कि चुनाव कैसे करवाए जातें हैं और लोगों के वोट के अधिकार को कैसे सुरक्षित रखा जाता है। अंतराष्ट्रीय मंचों पर चुनाव करवाने में इसे एक प्रकार का गोल्ड स्टैंडर्ड समझा जाता था कि भारत जैसे विशाल और जटिल लोकतंत्र में भी किस तरह निष्पक्ष, आज़ाद और ज़बरदस्त चुनाव करवाए जाते है। कई देशों से हमारे चुनाव आयोग को अपने चुनाव की देखरेख करने के लिए बुलाया जाता था। हमारे कई चुनाव आयुक्तों को तो रोल मॉडल समझा जाता रहा। विशेष तौर पर टी एन शेषन की बहुत इज़्ज़त रही है, यहाँ तक कि पाकिस्तान में भी उनके प्रशंसक थे कि किस तरह वह निष्पक्ष चुनाव करवाने में किसी की […]

राहुल गांधी नहीं तो और कौन, The Importance Of Rahul Gandhi

October 8, 2026 Chander Mohan 0

कांग्रेस कार्यकारिणी की हालिया बैठक में राहुल गांधी ने बहुत दिलचस्प टिप्पणी की है। उनका कहना था कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उन पर भरोसा नहीं करते और उनका पूरा साथ नहीं देते। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक बैठक के दौरान उन्होंने महसूस किया कि दोनों समझतें हैं कि अगर भाजपा सत्ता से बाहर होती है तो जगह कांग्रेस ही लेगी। तब राहुल गांधी ने अपने ही नेताओं से सवाल किया, “जब देश के शीर्ष नेतृत्व को यह यकीन है कि कांग्रेस सत्ता में वापिसी करेगी तो पार्टी के अंदर कुछ नेताओं को ‘वोट चोरी’ या चुनावी सूची से जुड़े अभियान पर अब तक भरोसा क्यों नहीं था”? राहुल गांधी की […]

चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता का सवाल है, ECI Has Huge Credibility Problem

October 1, 2026 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर रीतिका चोपड़ाकी विस्फोटक रिपोर्ट के तीन दिन के बाद चुनाव आयोग ने बैठक कर प्रेस रिलीज़ द्वारा कुछ स्पष्टीकरण देने का प्रयास किया है जिससे नए सवाल उठ खड़े हुए हैं। बेहतर होता कि आयोग के तीनों सदस्य संयुक्त तौर पर पत्रकार सम्मेलन कर सभी शंकाओं को दूर करने का प्रयास करते पर ऐसा नहीं किया गया। उलट यह प्रभाव जा रहा है कि आयोग रक्षात्मक है। लोकतंत्र चुनाव प्रक्रिया की स्वतन्त्रता और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर आधारित है। पार्टियां जीतती रहेंगी, हारती रहेंगी पर अगर वह उच्च संस्था जो चुनाव करवाती है, अपनी विश्वसनीयता खो बैठती है तो सारी चुनाव प्रक्रिया शंका के घेरे में आजाएगी। चुनाव आयोग […]