जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो यहाँ हैं, यहाँ हैं, Jinhe Naaz He Hind Par Woh Yehan Hein
राजहठ की हार हुई! जो कहते थे कि हमारी सरकार में इस्तीफ़े नहीं होते को धर्मेन्द्र प्रधान को जाने के लिए कहना पड़ा। इस्तीफ़े पहले भी हुऐं है। जवाहरलाल नेहरू को कृष्णा मेनन का इस्तीफ़ा, तो इंदिरा गाँधी को गृहमंत्री गुलज़ारी लाल नन्दा का तो अटल बिहारी वाजपेयी ने जार्ज फ़र्नाडिस का इस्तीफ़ा लेना पड़ा। मनमोहन सिंह की सरकार में तो कई मंत्री हटाए गए। इन इस्तीफ़ों और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े में अंतर यह है कि धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा यूथ जिसे जेन-ज़ी कहा जाता है, के दबाव में लिया गया। जंतर मंतर नें भारी भरकम भारत सरकार को हिला कर रख दिया। सरकार ने स्थिति को बदलने का बहुत प्रयास किया। तीन सप्ताह के बाद सीजेपी से वार्ता […]