यूएई का आकर्षण क्या है?, What is the Attraction of UAE?

February 29, 2024 Chander Mohan 0

यूएई पर लिखे मेरे पिछले लेख पर एक मित्र का मैसेज आया कि तुम तो यूएई के फ़ैन (प्रशंसक) बन गए हो। फिर मज़ाक़ में उसने पूछा, ‘आशा है तुम वहाँ बसने तो नहीं जा रहे?’ जहां तक बसने की बात है, मेरा जवाब राज कपूर की फ़िल्म  ‘मेरा नाम जोकर’ का गाना है, जीना यहाँ मरना यहाँ, इसके सिवा जाना कहाँ! ‘यहाँ’ से अभिप्राय मेरा अपना देश है। जहां तक पसंद की बात है, मुझे कहने में बिल्कुल हिचक नहीं कि मैं यूएई जाना पसंद करता हूँ और साल में दो-तीन बार अबू धाबी या दुबई का चक्कर ज़रूर लगाता हूं। सिर्फ़ मैं ही नहीं पिछले साल मेरे 24.6 लाख हमवतन दुबई गए थे। कई काम के लिए, कई […]

भारत-यूएई: बैस्ट फ्रैंड्स, India -UAE Best Friends

February 22, 2024 Chander Mohan 0

यह लेख मैं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ख़ूबसूरत राजधानी अबू धाबी से लिख रहा हूँ। यह वही शहर है जहां पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन किया था। इस मंदिर की ज़मीन यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान ने दान दी थी। यह अबू धाबी का पहला और यूएई का तीसरा हिन्दू मंदिर है। 27 एकड़ में बना यह मंदिर भारतीय वास्तुकला की अद्भुत मिसाल है। इस मंदिर के सात शिखर सात अमीरात के प्रतीक हैं। इस मंदिर का निर्माण वहाँ की सरकार की उदारता ही नहीं दर्शाता, इसका निर्माण इस बात का भी प्रमाण है कि भारत और यूएई के रिश्ते कितने प्रगाढ़ होते जा रहे हैं और आज वह एक […]

औक़ात की लड़ाई, Fight For Self Respect

February 15, 2024 Chander Mohan 0

हाल ही में दो बढ़िया फ़िल्में, ‘सैम बहादुर’ और ‘12th fail’ प्रदर्शित हुईं हैं जिनसे यह आशा बंधी है कि जिसे हम बॉलीवुड कहतें हैं में सब कुछ ‘रॉकी और रानी’ ही नहीं है, यहाँ अर्थपूर्ण फ़िल्में भी बन सकती है। जैसे नाम से पता चलता है, ‘सैम बहादुर’ सैम मानकशॉ की कहानी है जो देश के पहले फील्ड मार्शल थे। बांग्लादेश की लड़ाई में विजय का श्रेय इंदिरा गांधी के साथ साथ उन्हें भी दिया जाता है। यह दिलचस्प है कि युद्ध के बाद 22 दिसम्बर 1971 को उन्हें लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका श्रेय सशस्त्र सेनाओं के साथ मानकशॉ की ‘ब्रिलियंट लीडरशिप’ को भी दिया था,सारा श्रेय खुद लेने का प्रयास नहीं किया। विकी […]

नीतीश-मुक्त बिहार चाहिए, Bihar Needs To Be Nitish-Mukt

February 8, 2024 Chander Mohan 0

कसमें खाने के बाद कि “मर जाना क़बूल है, उनके साथ जाना क़बूल नही”, नीतीश कुमार फिर ‘उनमे’ (एनडीए)  शामिल हो गए हैं। यह उनका पाँचवा पलटा है। 2013 में भाजपा द्वारा नरेन्द्र मोदी को पीएम का चेहरा घोषित करने का बाद वह एनडीए को छोड़ गए थे। 2015 का चुनाव उन्होंने राजद-कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ मिल कर लड़ा था। 2017 में लोकसभा चुनाव से पहले वह एनडीए में लौट आए थे। पाँच साल के बाद यह भाँपते हुए कि भाजपा उनकी जेडीयू का विभाजन करने की कोशिश कर रही है उन्होंने एनडीए को छोड़ कर राजद के साथ सरकार बना ली। और अब 2024 में लोकसभा के चुनाव से पहले राजद-कांग्रेस और वाम को एक तरफ़ फेंक […]

पाकिस्तान के पिछवाड़े के साँप, Snakes In Pakistan’s Backyard

February 1, 2024 Chander Mohan 0

जिस 22 जनवरी को भारत में राम मंदिर का जश्न मनाया जा रहा था पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले की आशंका से स्कूल, कालेज और यूनिवर्सिटी बंद कर दिए गए। विशेष आशंका थी कि  एक आत्मघाती महिला तीन सैनिक यूनिवर्सिटी में से किसी को निशाना बना सकती है। यह तीन हैं, नैशनल डिफ़ेंस यूनिवर्सिटी, बाहरिया यूनिवर्सिटी और एयर यूनिवर्सिटी जिन्हें क्रमश सेना, नौसेना और वायुसेना चलाती हैं। तब पुलिस ने बताया कि यह तीनों “संभावित ख़तरे को देखते हुए” बंद कर दिए गए हैं। पुलिस की विज्ञप्ति में कहा गया कि कि सुरक्षा कारणो से स्टाफ़ ‘वर्क फ़्रॉम होम’ करेगा। यह खबर जिओ टीवी ने भी प्रसारित की और एक विदेशी न्यूज़ एजंसी के रिपोर्टर ने इस बात […]

यह ऐतिहासिक और गौरवमय क्षण है, It is a glorious proud moment

January 25, 2024 Chander Mohan 0

यह एक ऐतिहासिक और गौरवमय क्षण है। यह क्षण गणतंत्र दिवस से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि संविधान की मूल प्रति में मौलिक अधिकारों से जुड़े अध्याय में अयोध्या लौट रहे राम, सीता और लक्ष्मण का ख़ूबसूरत चित्र है।  अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण श्रद्धा से सम्पन्न हो गई। 500 वर्षों का इंतज़ार ख़त्म हुआ। देश भर में इसे लेकर जो उत्साह और ख़ुशी है उससे पता चलता है कि लोग किस तरह इस क्षण की इंतज़ार कर रहे थे। विशेष श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है जिनके नेतृत्व में यह गौरवपूर्ण क्षण के हम साक्षी हैं। जो मंदिर बना है उसकी भव्यता हमारी कलाकारी की उत्कृष्ट मिसाल है। यह अंतर नहीं पड़ता कि अभी मंदिर पूरा […]