एलिज़ाबेथ और ‘मुश्किल घटनाओं की कष्टप्रद मिसाल’, ‘Elizabeth And ‘Distressing Examples Of Difficult Times’

September 22, 2022 Chander Mohan 0

14 अक्तूबर 1997 को इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय अपने पति प्रिंस फ़िलिप के साथ अमृतसर के जलियाँवाला बाग आईं थीं। वहाँ उन्होंने  पुष्पांजलि अर्पित की और विज़िटर बुक में हस्ताक्षर कर लौट गईं। जो कई सौ निहत्थे अंग्रेजों की बर्बरता के शिकार हुए उनकी मौत पर कोई शोक व्यक्त नहीं किया गया, डायर की क्रूरता की निन्दा करना तो दूर की बात है।  वहाँ लिखा हुआ था कि ‘लगभग 2000 हिन्दू, सिख और मुसलमान यहाँ अहिंसक आंदोलन के दौरान शहीद हुए थे’। इस पर फ़िलिप ने यह कह कर  विवाद खड़ा कर दिया कि ‘आँकड़ा कुछ अधिक लगता है और इसमें घायल शामिल लगते हैं’। उनके अनुसार ऐसा उन्हें डायर के पुत्र, जो नौसेना में उनके साथ था, ने […]

मज़बूत देश, कमजोर समाज, Strong Nation, Weak Society

September 15, 2022 Chander Mohan 0

देश आर्थिक और सामरिक तौर पर मज़बूत हो रहा है, इसके बारे अब कोई शक नहीं रहा। दो साल के गतिरोध के बाद चीन भी अपने सैनिक वापिस ले जाने के लिए तैयार हो गया है।  अगर यहाँ राजनीतिक अस्थिरता का दौर नहीं आया तो भारत लगातार तरक़्क़ी करता जाएगा। पर जहां देश तरक़्क़ी कर रहा  है, हमारा समाज पहले से अधिक विभाजित और अनुदार बनता जा रहा है। आज तो हालत यह है कि एक ट्वीट आपको जेल भेज सकता है। सागर के जैन  मंदिर का समाचार है जहां पुजारी ने एक बच्चे को पेड़ से बांध कर पीटा क्योंकि उसने पूजा की थाली से बादाम खा लिए थे। क्रिकेट के खिलाड़ी अर्शदीप का मामला बहुत पुराना नहीं जब […]

डूबता पड़ोसी, और हम, Pakistan Is Drowning, And India

September 8, 2022 Chander Mohan 0

पाकिस्तान डूब रहा है। केवल पानी में ही नहीं, वह आर्थिक, समाजिक और राजनीतिक तौर पर भी डूब रहा है। कई तो भविष्यवाणी कर रहें हैं कि वह अगला श्रीलंका बन सकता है।  सारे मापदंड विनाश का संकेत दे रहें हैं। और मदद करने की इच्छा रखते हुए भी भारत कुछ नहीं कर सकता। इस समय पाकिस्तान उनकी मंत्री शैरी रहमान के मुताबिक़, ‘भीमकाय बाढ़’ में डूबा हुआ है। इंगलैंड के आकार से अधिक क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है।   डॉन अख़बार के अनुसार आधे से अधिक पाकिस्तान बाढ में डूबा हुआ है और लाखों लोग बेघर हो चुकें हैं।  1300 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है और यह संख्या बढ़ सकती है। 3 करोड़ से अधिक […]

आज़ाद ‘कोटरी’ के चमकते सितारे रहें हैं, लेकिन बात सही है, Azad was member of ‘coterie’ but what he says is correct

September 1, 2022 Chander Mohan 0

कांग्रेस नेतृत्व और विशेष तौर पर राहुल गांधी को कोसते हुए गुलाम नबी आज़ाद ने  पचास वर्ष के कांग्रेस के साथ सम्बंध तोड़ लिए हैं। कांग्रेस के नेता कटाक्ष कर रहे हैं कि ‘जीएनए का डीएनए मोदी मय हो गया है।  राज्यसभा से आज़ाद की विदाई के समय प्रधानमंत्री मोदी के भावुक होने के क्षण की याद दिलवाई जा रही है कि आज़ाद के उनके साथ गहरे सम्बन्ध है। आज़ाद द्वारा अपनी पार्टी बनाने की घोषणा को भी अमरेन्द्र सिंह जैसा प्रयास कहा जा रहा है जब उन्होंने अपनी पार्टी बना कर भाजपा के साथ गठबंधन किया था। आज़ाद की पार्टी का यह  गठबंधन होता है या नहीं यह तो समय ही बताएगा। यह भी हो सकता है कि उनकी […]

ताइवान: अमेरिका की चुनौती, चीन की दुविधा, Taiwan: America’s Challenge, China’s Dilemma

August 25, 2022 Chander Mohan 0

अमेरिका की 82 वर्षीय स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से यूक्रेन के बाद दुनिया में एक और बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका यूक्रेन के कंधे पर बंदूक़ रख रूस की तरफ़ चला रहा है पर ताइवान में चीन के नेतृत्व को सीधी चुनौती दे दी गई है। चीन के घोर विरोध के बावजूद नैंसी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा की और वहाँ घोषणा की कि अमेरिका सदा ताइवान के साथ रहेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी एक प्रकार से कह चुकें हैं कि अगर चीन वहाँ हमला करता है तो अमेरिका  हस्तक्षेप करेगा। अमेरिकी सरकार का  ज़रूर कहना था कि पेलोसी की यात्रा में हमारा कोई हाथ नहीं और स्पीकर अपना कार्यक्रम खुद बनातीँ हैं, पर […]

पलटू कुमार या भावी आशा ? Nitish Kumar : Undependable or Hope For Future

August 18, 2022 Chander Mohan 0

             नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटा खाया है। वह तो आया राम गया राम का रिकार्ड भी पीछे छोड़ गए। 2005 में वह पहली बार राष्ट्रीय जनता दल के ‘जंगल राज’ के विरोध में  मुख्यमंत्री बने थे। 2013 में उन्होंने भाजपा का साथ तब छोड़ दिया जब उस पार्टी ने नरेन्द्र मोदी को 2014 के चुनाव में अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार प्रोजेक्ट किया था। मोदी के साथ उनकी स्पर्धा तब से चल रही है। दोनों आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक हैं और दोनों सत्ता के केन्द्रीयकरण में विश्वास रखतें हैं। पर मोदी अपनी विचारधारा के प्रति ईमानदार है जबकि नीतीश कुमार का कोई पक्का राजनीतिक धर्म नहीं लगता। 2015 में कांग्रेस और आरजेडी के साथ गठबंधन बना कर […]