यह हमारे ही बच्चे हैं, अपना ही यूथ है, They Our Kids, Our Youth

July 23, 2026 Chander Mohan 0

 महात्मा गांधी जिन्होंने अनशन को प्रसिद्ध किया था,ने इसके बारे बताया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, यह आध्यात्मिक और नैतिक अहिंसक हथियार है। उनका प्रयास अन्याय को पराजित करने के लिए विरोधी की अंतरात्मा को जगाना है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा जी ने 17-18 बड़े उपवास रखे थे और कई कम अवधि के उपवास थे। उनका सबसे प्रसिद्ध अनशन आज़ादी के बाद कोलकाता में था। हिन्दू -मुसलमान दंगों को रोकने के लिए उन्होंने 1सितम्बर 1947 को वहाँ अपना अनशन शुरू कर दिया था। अगले ही दिन से दोनों तरफ़ के दंगाईयों ने उनके पैरों पर अपने अपने हथियार रखने शुरू कर दिए। तीसरे दिन महात्माजी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इस पर […]

‘सतलुज’ के उस पार, The Other Bank of ‘Satluj’

July 16, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के नागरिक दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म ‘सतलुज’ को लेकर पंजाब में काफ़ी सनसनी फैल गई है। तीन साल यह फ़िल्म सेंसर बोर्ड में फँसी रही फिर इसे 2 जुलाई को ओटीटी पर रिलीज़ कर दिया गया। दो दिन के बाद सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे हटवा दिया। सरकार का यह अनाड़ीपन है जिसने फ़िल्म के प्रति पंजाब में भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। गाँवों और गुरुद्वारों में इसकी स्क्रीनिंग हो रही है। गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग सामान्य नहीं है। अगर फ़िल्म को हटाना ही था, तो इसे ओटीटी पर रिलीज़ क्यों किया गया? क्या इस सरकार का बायाँ हाथ नहीं जानता कि दायाँ क्या कर रहा है? या इसके पीछे कोई और प्लानिंग है, आख़िर […]

पाकिस्तान से बीतचीत होनी चाहिए?, Talks For Talk’s Sake ?

July 9, 2026 Chander Mohan 0

अगर कोई और यह बात कहता तो तत्काल उसे पाकिस्तान जाने के लिए कह दिया जाता। उसे एंटी- नैशनल करार दिया जाता। सोशल मीडिया की तोपों के द्वारा उसके ख़िलाफ़ ज़बरदस्त अभियान चलाया जाता। पर यहाँ तो संघ के वरिष्ठ अधिकारी दत्तात्रय होसबाले कह रहे थे कि पाकिस्तान की पुलवामा जैसी हरकतों का जवाब देते हुए भी “हमें दरवाज़े बंद नहीं करने चाहिए। हमें सदा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए”। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तान की तरफ़ पहल को एक मिसाल कहा कि बार बार उत्तेजना के बावजूद उन्होंने संवाद जारी रखा। दत्तात्रय होसबाले भूल गए कि अटलजी की लाहौर यात्रा के दौरान ही पाकिस्तान ने कारगिल की चोटियों पर क़ब्ज़ा करना शुरू कर दिया था। […]

हम,भारत के लोग, From Chori In Ram Mandir To Uncertainty About Passport: Season Of Disquiet

July 2, 2026 Chander Mohan 0

मेरा पासपोर्ट नवम्बर 2017 में जारी हुआ था। अगले साल इसकी अवधि समाप्त हो रही है। इसमें मेरी नैशनैलिटी अर्थात् राष्ट्रीयता ‘इंडियन’ लिखी हुई है। इसी पासपोर्ट के आधार पर मुझे वीजा मिलता है। विदेशी हवाई अड्डों पर भी मुझे इसलिए प्रवेश मिलता है क्योंकि मैं भारत का नागरिक हूँ। पर अब हमारे विदेश मंत्रालय ने स्वेच्छा से यह स्पष्टीकरण जारी किया है कि पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है और यह महज़ एक ‘ट्रैवल डॉक्यूमेंट’ या यात्रा दस्तावेज है। एक झटके में हमारे विदेश मंत्रालय ने हम करोड़ों भारतीयों का यह भ्रम तोड़ दिया कि हमारे हाथ में जो नीले रंग का पासपोर्ट है वह हमारी भारतीय नागरिकता का प्रमाण है। यह भी समझ नहीं आया कि अचानक […]

बच्चों को उनका बचपन लौटा दो, Reclaim Their Bachpan For Our Children

June 25, 2026 Chander Mohan 0

यूएई पहला अरब देश है जिसने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया देखने पर पाबंदी लगा दी है। यह बैन विश्व व्यापी चिन्ता के बीच लगाया गया है कि सोशल मीडिया का बच्चों में बढ़ रहा आकर्षण घातक बनता जा रहे है। कई और देश पहले ही यह बैन लगा चुकें हैं। शुरुआत आस्ट्रेलिया ने की थी। आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री का कहना था कि सोशल मीडिया बच्चों में व्याकुलता पैदा करता है और कई बार वह ऑनलाइन भक्षकों के शिकार हो जातें हैं। 13-17 साल के 95% बच्चे सोशल मीडिया पर है। कई दिन में घंटों इस पर लगे रहतें हैं। चीन में 2021 से 14 वर्ष से कम बच्चों को दिन में 40 मिनट से […]

भारतीय ज़िन्दगियाँ भी मायने रखती हैं , Indian Lives Matter

June 18, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया लगता है पर यह कैसे लागू होता है यह समय बताएगा। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर गतिरोध हो सकता है। ईरान और इज़राइल की दुष्मनी क्या रंग लाती है, यह भी समय ही बताएगा। पर यह समझौता दुनिया के लिए और विशेष तौर पर हमारे लिए बड़ी राहत है और  बड़ा सबक़ भी है। ज़ख़्मी, आहत, लगभग तबाह, ईरान ने सुपरपावर अमेरिका को समझौता करने पर मजबूर कर दिया। जिन डानल्ड ट्रम्प ने समझा था कि एक सप्ताह में ईरान समर्पण कर जाएगा उन्हें 100 दिन से अधिक समय युद्ध को समाप्त करवाने की मशक़्क़त करनी पड़ी। अमेरिका को यह सबक़ 1973 में वियतनाम ने भी सिखाया था कि ज़रूरी […]