मक्का समझौता’ और भारत, Mecca Pact And India’s Splendid Isolation,

August 27, 2026 Chander Mohan 0

तीन इस्लामी देशों, साऊदी अरब-तुर्किये-पाकिस्तान, के बीच इस्लाम के पवित्र शहर मक्का में हुऐ रक्षा समझौते ने पहले से अस्थिर मध्य पूर्व में और हलचल पैदा कर दी है। पश्चिम में इसे ‘इस्लामिक नाटो’ कहा जा रहा है। इस समझौते के तहत किसी भी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसा ही लगभग नाटो का सिद्धांत है। इसे ‘इस्लामिक नाटो’ कहना सही नहीं है क्योंकि यह तीन सुन्नी देशों का गठबंधन है जो शिया ईरान की बढ़तीं महत्वाकांक्षा और यहूदी इज़रायल की आक्रामकता से आतंकित हैं। फ़रवरी में शुरू हुई जंग से मध्य पूर्व में जो उथल पुथल हो रही है उसी ने इस गठबंधन को प्रेरित किया है। अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान और […]

क्या बोलती पब्लिक ? Is The Mood Changing ?

August 20, 2026 Chander Mohan 0

यह हैडिंग मेरा नहीं है। यह मैंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से चुराया है।वह देश भर में यह जानने के लिए अभियान चलाना चाहतें हैं कि लोग क्या सोचतें हैं, क्या चाहतें हैं? जिस देश में 60% जनसंख्या 35 वर्ष से कम है यह जानना भी ज़रूरी है कि उनके ‘मन की बात’ क्या है? हमारे नेता अपनी बात कह कर निकल जातें है, लोगों की बात कम सुनतें हैं। जनता क्या कह रही है इसका कुछ अन्दाज़ा जंतर मंतर से पता चल गया था। झारखंड से भी पता चल रहा है जहां भी सरकार को समर्पण करना पड़ा है।उसका एक और संस्करण सरकारी स्कूलों की दयनीय हालत पर बच्चों के प्रोटैस्ट से पता चलता है। जब देश 80वां आज़ादी […]

क्या राजनीति बेमतलब हो रही है? Politics Becoming Irrelevant

August 13, 2026 Chander Mohan 0

यह असामान्य प्रदर्शन थे। देश के कई हिस्सों में स्कूल के बच्चे अपनी यूनिफ़ॉर्म में बेहतर सुविधा के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। जैन-ज़ी के बाद जिसे जैन-एल्फा (2010 को बाद जन्मे) कहा जाता है, वह भी कुछ जगह सड़कों पर उतर कर अपने अपने स्कूल की बेहतरी के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी शिकायत थी कि उनके स्कूलों में साफ़ टॉयलेट नहीं है, डेस्क नहीं है,पंखें नही हैं। पीने के पानी का प्रबंध नहीं है। पर्याप्त टीचर नहीं हैं। एक बच्ची बता रही थी कि इतनी गंदी हालत है कि वह बीमार हो सकतें हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र से ऐसे समाचार मिल रहें हैं। उल्लेखनीय है कि सब कथित ‘डब्बल इंजन’ सरकारें हैं। भीषण गर्मी […]

दो अंतहीन युद्ध, Wars With No End In Sight

August 6, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर प्रस्तावित हमले को रोक दिया है। उनका कहना है कि ऐसा उन्होंने मध्य पूर्व के साथी देशों और ईरान के अनुरोध पर किया है। ईरान इस बात का प्रतिवाद करता है कि उन्होंने ऐसा कोई अनुरोध किया है। पर खाड़ी के देश निश्चित तौर पर चाहतें हैं कि युद्ध ख़त्म हो जाए या कम से कम और न भड़के। मामला होर्मुज को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ़ रूस-युक्रेन युद्ध अब छठे साल में प्रवेश कर गया है जो प्रथम विश्व युद्ध से भी अधिक लम्बा चल चुका है। ट्रम्प की ही तरह पुतिन भी ग़लतफ़हमी का शिकार हो गए […]

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो यहाँ हैं, यहाँ हैं, Jinhe Naaz He Hind Par Woh Yehan Hein

July 30, 2026 Chander Mohan 0

राजहठ की हार हुई! जो कहते थे कि हमारी सरकार में इस्तीफ़े नहीं होते को धर्मेन्द्र प्रधान को जाने के लिए कहना पड़ा। इस्तीफ़े पहले भी हुऐं है। जवाहरलाल नेहरू को कृष्णा मेनन का इस्तीफ़ा, तो इंदिरा गाँधी को गृहमंत्री गुलज़ारी लाल नन्दा का तो अटल बिहारी वाजपेयी ने जार्ज फ़र्नाडिस का इस्तीफ़ा लेना पड़ा। मनमोहन सिंह की सरकार में तो कई मंत्री हटाए गए। इन इस्तीफ़ों और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े में अंतर यह है कि धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा यूथ जिसे जेन-ज़ी कहा जाता है, के दबाव में लिया गया। जंतर मंतर नें भारी भरकम भारत सरकार को हिला कर रख दिया। सरकार ने स्थिति को बदलने का बहुत प्रयास किया। तीन सप्ताह के बाद सीजेपी से वार्ता […]

यह हमारे ही बच्चे हैं, अपना ही यूथ है, They Our Kids, Our Youth

July 23, 2026 Chander Mohan 0

 महात्मा गांधी जिन्होंने अनशन को प्रसिद्ध किया था,ने इसके बारे बताया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, यह आध्यात्मिक और नैतिक अहिंसक हथियार है। उनका प्रयास अन्याय को पराजित करने के लिए विरोधी की अंतरात्मा को जगाना है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा जी ने 17-18 बड़े उपवास रखे थे और कई कम अवधि के उपवास थे। उनका सबसे प्रसिद्ध अनशन आज़ादी के बाद कोलकाता में था। हिन्दू -मुसलमान दंगों को रोकने के लिए उन्होंने 1सितम्बर 1947 को वहाँ अपना अनशन शुरू कर दिया था। अगले ही दिन से दोनों तरफ़ के दंगाईयों ने उनके पैरों पर अपने अपने हथियार रखने शुरू कर दिए। तीसरे दिन महात्माजी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इस पर […]