निराशाजनक वर्ष का आशापूर्ण समापन, Hopeful Ending To A Disappointing Year
नया साल शुरू हो रहा है। यह अहसास है कि देश कितना बदल गया !यह वह भारत नहीं रहा जिसमें हम जन्मे पले थे। हमने तो वह समय भी देखा है जब फ़ोन पर बात करने के लिए पहले एक्सचेंज पूछता था, “नम्बर प्लीज़”। फियट कार लेने के लिए मुख्यमंत्री की चिट चाहिए थी। देश भुखमरी से भी गुज़रा था और अमेरिका से सहायता माँगनी पड़ी थी। चीन से मार खाई थी पर बांग्लादेश भी बनवाया था। तब से लेकर अब तक खान-पीन, रहन-सहन सब सुधर गया। सर्दी में उत्तर भारत में लगभग हर कोई जैकेट में नज़र आता है। भारत एक उभरती ताक़त है जो दुनिया मान भी रही है, और कई देश रूकावटें खड़ी करने की कोशिश भी […]