संस्थानों का कमज़ोर पड़ जाना, The Troubling Decline Of Institutions

October 15, 2026 Chander Mohan 0

हमारा चुनाव आयोग एक समय दुनिया के लिए मिसाल था कि चुनाव कैसे करवाए जातें हैं और लोगों के वोट के अधिकार को कैसे सुरक्षित रखा जाता है। अंतराष्ट्रीय मंचों पर चुनाव करवाने में इसे एक प्रकार का गोल्ड स्टैंडर्ड समझा जाता था कि भारत जैसे विशाल और जटिल लोकतंत्र में भी किस तरह निष्पक्ष, आज़ाद और ज़बरदस्त चुनाव करवाए जाते है। कई देशों से हमारे चुनाव आयोग को अपने चुनाव की देखरेख करने के लिए बुलाया जाता था। हमारे कई चुनाव आयुक्तों को तो रोल मॉडल समझा जाता रहा। विशेष तौर पर टी एन शेषन की बहुत इज़्ज़त रही है, यहाँ तक कि पाकिस्तान में भी उनके प्रशंसक थे कि किस तरह वह निष्पक्ष चुनाव करवाने में किसी की […]

देश का सबसे बड़ा झूठ (The Biggest Lie)

December 20, 2016 Chander Mohan 0

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि जब चुनाव जीत कर कोई जनप्रतिनिधि बनता है तो उसका पहला काम झूठ बोलना होता है क्योंकि वह खर्च का झूठा ब्यौरा दाखिल करता है। लेकिन सच्चाई इससे भी बड़ी है कि न केवल शुरू में झूठ बोला जाता है बल्कि हमारी सारी राजनीति ही झूठ की बुनियाद पर टिकी है। जो लोग हमारे लिए कानून बनाते हैं उनकी अपनी बहुत गतिविधियां गैरकानूनी हैं। खर्च का ब्यौरा देने से पहले यहां टिकटें बिकती हैं, काला राजनीतिक चंदा इकट्ठा किया जाता है और कोई पूछने वाला नहीं। क्योंकि सब इस बहती गंगा में नहाते हैं इसलिए कोई दूसरे पर उंगली नहीं उठाता और न ही इसे सही करने में इनकी […]