चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता का सवाल है, ECI Has Huge Credibility Problem

October 1, 2026 Chander Mohan 0

चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर रीतिका चोपड़ाकी विस्फोटक रिपोर्ट के तीन दिन के बाद चुनाव आयोग ने बैठक कर प्रेस रिलीज़ द्वारा कुछ स्पष्टीकरण देने का प्रयास किया है जिससे नए सवाल उठ खड़े हुए हैं। बेहतर होता कि आयोग के तीनों सदस्य संयुक्त तौर पर पत्रकार सम्मेलन कर सभी शंकाओं को दूर करने का प्रयास करते पर ऐसा नहीं किया गया। उलट यह प्रभाव जा रहा है कि आयोग रक्षात्मक है। लोकतंत्र चुनाव प्रक्रिया की स्वतन्त्रता और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर आधारित है। पार्टियां जीतती रहेंगी, हारती रहेंगी पर अगर वह उच्च संस्था जो चुनाव करवाती है, अपनी विश्वसनीयता खो बैठती है तो सारी चुनाव प्रक्रिया शंका के घेरे में आजाएगी। चुनाव आयोग […]

यह पार्ट-टाईम सियासत का टाईम नहीं है, No Time For Part Time Politics

November 20, 2025 Chander Mohan 0

बिहार में एनडीए की महा जीत और महागठबंधन की महा हार ने देश की राजनीति को बदल दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी विपक्षी नेता बनने में सफल रहे थे। उसके बाद समझा गया कि विपक्ष के इंडिया गठबंधन में जान पड़ जाएगी। पर पहले महाराष्ट्र, फिर हरियाणा, फिर दिल्ली के बाद अब बिहार के चुनाव बता गए हैं कि भाजपा और एनडीए अपनी स्थिति मज़बूत करने में सफल रहें हैं जबकि कांग्रेस ऐसी जगह पहंच गई है कि उसकी प्रासंगिकता पर ही सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने तो भविष्यवाणी भी कर दी है कि आगे चल कर कांग्रेस का एक और विभाजन हो सकता है। बिहार में एनडीए को […]

वोट की आज़ादी, Independence Of Vote

August 14, 2025 Chander Mohan 0

आज़ाद भारत ने अपने लोगों को सबसे बेशक़ीमती चीज़ क्या दी है? किसी से भी पूछा जाए तो जवाब होगा, वोट। हम अधिकतर भारतीयों को आज़ादी के 78 साल बाद भी न काम का रोज़गार दे सके, न मकान दे सके, न ही बच्चों के लिए सही शिक्षा ही दे सके। कइयों को तो रोटी,कपड़ा और मकान की भी समस्या रहती है। ले दे कर उनके पास उनका वोट है जो उन्हें  हैसियत देता है, पहचान देता है, महत्व देता है और जो उन्हें पाँच साल के बाद बदला लेने की ताक़त देता है। इसी ताक़त का इस्तेमाल करते हुए उनहोने इंदिरा गांधी से एमरजैंसी का बदला लिया पर जनता पार्टी की सरकार की नालायकी को देखते हुए इंदिरा गांधी […]