बच्चों को उनका बचपन लौटा दो, Childhood Endangered
पिछले कुछ सप्ताह में कई अलग जगहों से स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या करने के दुखदाई समाचार पढ़ने को मिलें हैं। जिस उम्र में बच्चों के खेलने कूदने के दिन है, कुछ मुक्ति पाने के लिए अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल की दसवीं क्लास के 16 वर्षीय लड़के ने एक मैट्रो स्टेशन से छलांग लगा कर जान दे दी और यह नोट छोड़ गया, “सॉरी मम्मी, आपका इतनी बार दिल तोड़ा, अब लास्ट बार तोड़ूँगा”। इस एक वाक्य के पीछे बच्चे की कितनी मजबूरी छिपी थी? वह बच्चा क्या क्या बर्दाश्त करता रहा होगा कि यह आख़िरी कदम उठा लिया? क्या कहीं से कोई सहारा नहीं मिला? कोई समझाने वाला नहीं? स्कूल में भी […]