• Author at Kremlin in Moscow

नरेन्द्र मोदी और उनके निंदक (Narendra Modi and his critics)

October 12, 2017 0

पिछले कुछ सप्ताह इस सरकार के लिए अच्छे नहीं रहे। जैसी संभावना थी जब से विकास की दर 7.2 फीसदी से 5.7 फीसदी गिरने का समाचार बाहर निकला है सरकार सुरक्षात्मक हो गई है। यशवंत सिन्हा तथा अरुण शोरी जैसे वाजपेयी सरकार के मंत्री असुखद सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी के चेहरे पर चमक आ गई है। मैंने खुद 7 सितम्बर के लेख में लिखा था, “सरकार की गिरती अर्थव्यवस्था के दुष्परिणामों से निबटने के लिए तैयार रहना चाहिए।“ मोदी सरकार के लिए इस सबसे असुखद है कि संघ भी सरकार की आर्थिक नीतियों से असंतुष्ट है। विजयदशमी पर अपने भाषण में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने छोटे व्यापारियों को आ रही दिक्कतों का मामला उठाया था। उसी […]

दो आरज़ू में कट गए, दो एटीएम की कतार में! (Do Arzoo Mein Kut Gaye Do Intzaar Mein)

December 13, 2016 1

नोटबंदी का एक महीना पूरा होने के बाद सबको अहसास है कि हालात सही नहीं चल रहे। बैंकों तथा एटीएम के आगे कतारें पहली जैसी लम्बी ही हैं। अपना पैसा निकालना ही पहाड़ जैसी मुसीबत बन गई है। जो 24,000 रुपए साप्ताहिक निकालने की अनुमति है वह भी नहीं मिल रहे। वेतन देना और लेना दोनों मुश्किल हो गया है। बैंकों के आगे झगड़े शुरू हो गए हैं। जब नोटबंदी की प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी तो आम आदमी ने उत्साहित होकर समर्थन दिया था। लोगों का मानना था कि नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार तथा कालेधन के खिलाफ भी सर्जिकल स्ट्राईक की है। बेहतर भविष्य तथा अच्छे दिन की आशा में लोग तकलीफ सहने को तैयार थे। लेकिन यह तब […]