बच्चों को उनका बचपन लौटा दो, Childhood Endangered

December 25, 2025 Chander Mohan 0

पिछले कुछ सप्ताह में कई अलग जगहों से स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या करने के दुखदाई समाचार पढ़ने को मिलें हैं। जिस उम्र में बच्चों के खेलने कूदने के दिन है, कुछ मुक्ति पाने के लिए अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल की दसवीं क्लास के 16 वर्षीय लड़के ने एक मैट्रो स्टेशन से छलांग लगा कर जान दे दी और यह नोट छोड़ गया, “सॉरी मम्मी, आपका इतनी बार दिल तोड़ा, अब लास्ट बार तोड़ूँगा”। इस एक वाक्य के पीछे बच्चे की कितनी मजबूरी छिपी थी? वह बच्चा क्या क्या बर्दाश्त करता रहा होगा कि यह आख़िरी कदम उठा लिया? क्या कहीं से कोई सहारा नहीं मिला? कोई समझाने वाला नहीं? स्कूल में भी […]

Takht ya Takhta! -by Chander Mohan

March 27, 2015 Chander Mohan 0

तख्त या तख्ता! भारत क्रिकेट के विश्व कप से बाहर हो गया और सारा देश शोक में डूब गया। केवल देश ही नहीं प्रवासी भारतीयों ने भी सर पकड़ लिया। जिन्होंने अपने अंदर जीत का उन्माद पैदा कर लिया था उन्होंने यह नहीं सोचा कि भारत हार भी सकता है। जीत का तर्क ही नहीं बनता था। हम पिछले साल दिसम्बर में आस्ट्रेलिया पहुंचे थे तब से लेकर आज तक हम एक भी मैच में उन्हें पराजित नहीं कर सके। देश प्रेम की भावना में बह कर हम भूल गए कि आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया को हराना सदा ही मुश्किल रहा है। हां, क्रिकेट में चमत्कार होते हैं पर 329 रन बनाना कभी भी आसान न रहता। यह नहीं कि इस […]