संस्थानों का कमज़ोर पड़ जाना, The Troubling Decline Of Institutions

October 15, 2026 Chander Mohan 0

हमारा चुनाव आयोग एक समय दुनिया के लिए मिसाल था कि चुनाव कैसे करवाए जातें हैं और लोगों के वोट के अधिकार को कैसे सुरक्षित रखा जाता है। अंतराष्ट्रीय मंचों पर चुनाव करवाने में इसे एक प्रकार का गोल्ड स्टैंडर्ड समझा जाता था कि भारत जैसे विशाल और जटिल लोकतंत्र में भी किस तरह निष्पक्ष, आज़ाद और ज़बरदस्त चुनाव करवाए जाते है। कई देशों से हमारे चुनाव आयोग को अपने चुनाव की देखरेख करने के लिए बुलाया जाता था। हमारे कई चुनाव आयुक्तों को तो रोल मॉडल समझा जाता रहा। विशेष तौर पर टी एन शेषन की बहुत इज़्ज़त रही है, यहाँ तक कि पाकिस्तान में भी उनके प्रशंसक थे कि किस तरह वह निष्पक्ष चुनाव करवाने में किसी की […]

क्या बोलती पब्लिक ? Is The Mood Changing ?

August 20, 2026 Chander Mohan 0

यह हैडिंग मेरा नहीं है। यह मैंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से चुराया है।वह देश भर में यह जानने के लिए अभियान चलाना चाहतें हैं कि लोग क्या सोचतें हैं, क्या चाहतें हैं? जिस देश में 60% जनसंख्या 35 वर्ष से कम है यह जानना भी ज़रूरी है कि उनके ‘मन की बात’ क्या है? हमारे नेता अपनी बात कह कर निकल जातें है, लोगों की बात कम सुनतें हैं। जनता क्या कह रही है इसका कुछ अन्दाज़ा जंतर मंतर से पता चल गया था। झारखंड से भी पता चल रहा है जहां भी सरकार को समर्पण करना पड़ा है।उसका एक और संस्करण सरकारी स्कूलों की दयनीय हालत पर बच्चों के प्रोटैस्ट से पता चलता है। जब देश 80वां आज़ादी […]

यह हमारे ही बच्चे हैं, अपना ही यूथ है, They Our Kids, Our Youth

July 23, 2026 Chander Mohan 0

 महात्मा गांधी जिन्होंने अनशन को प्रसिद्ध किया था,ने इसके बारे बताया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, यह आध्यात्मिक और नैतिक अहिंसक हथियार है। उनका प्रयास अन्याय को पराजित करने के लिए विरोधी की अंतरात्मा को जगाना है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा जी ने 17-18 बड़े उपवास रखे थे और कई कम अवधि के उपवास थे। उनका सबसे प्रसिद्ध अनशन आज़ादी के बाद कोलकाता में था। हिन्दू -मुसलमान दंगों को रोकने के लिए उन्होंने 1सितम्बर 1947 को वहाँ अपना अनशन शुरू कर दिया था। अगले ही दिन से दोनों तरफ़ के दंगाईयों ने उनके पैरों पर अपने अपने हथियार रखने शुरू कर दिए। तीसरे दिन महात्माजी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इस पर […]