यह हमारे ही बच्चे हैं, अपना ही यूथ है, They Our Kids, Our Youth
महात्मा गांधी जिन्होंने अनशन को प्रसिद्ध किया था,ने इसके बारे बताया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, यह आध्यात्मिक और नैतिक अहिंसक हथियार है। उनका प्रयास अन्याय को पराजित करने के लिए विरोधी की अंतरात्मा को जगाना है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा जी ने 17-18 बड़े उपवास रखे थे और कई कम अवधि के उपवास थे। उनका सबसे प्रसिद्ध अनशन आज़ादी के बाद कोलकाता में था। हिन्दू -मुसलमान दंगों को रोकने के लिए उन्होंने 1सितम्बर 1947 को वहाँ अपना अनशन शुरू कर दिया था। अगले ही दिन से दोनों तरफ़ के दंगाईयों ने उनके पैरों पर अपने अपने हथियार रखने शुरू कर दिए। तीसरे दिन महात्माजी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इस पर […]