• Author at Kremlin in Moscow
About Chander Mohan
Chander Mohan is the grandson of the legendary editor of Pratap, Mahashya Krishan. He is the son of the famous freedom fighter and editor, Virendra. He is the Chief Editor of ‘Vir Pratap’ which is the oldest hindi newspaper of north west india. His editorial inputs on national, international, regional and local issues are widely read.

यहां तो बहुत कुछ गलत है (Many Things Are Wrong Here)

September 21, 2017 0

गुडग़ांव के रयान इंटरनैशनल स्कूल के 7 वर्ष के बच्चे प्रद्युम्न की स्कूल में चाकू से हत्या का मामला हरियाणा सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया है। वैसे भी जाट आंदोलन तथा राम रहीम के मामले में अक्षम ढंग से निबटने के बाद हरियाणा सरकार तथा पुलिस की विश्वसनीयता निम्नतम स्तर पर है लेकिन यह असली मसला नहीं है। असली मामला तो यह है कि हमारा समाज इतना विकृत क्यों हो गया है कि छोटे-छोटे बच्चे भी स्कूल में सुरक्षित नहीं हैं? बच्चे की हत्या के अगले ही दिन दिल्ली के एक और स्कूल में पांच वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार हो गया। सारा देश स्तब्ध है। लोग अपने बच्चे स्कूल भेजने से घबराते हैं। कई छोटे बच्चे टॉयलेट […]

चीन और न्यू इंडिया (China and New India)

September 14, 2017 0

धीरे-धीरे आगे बढ़ने के बारे घबराने की जरूरत नहीं। घबराहट एक जगह स्थिर खड़े रहने के बारे होनी चाहिए। – चीनी मुहावरा डोकलाम पर विवाद फिलहाल शांत हो गया है। दोनों भारत तथा चीन की सेनाएं पुरानी जगह पर पहुंंच चुकी हैं। चीन ने सडक़ बनाने का प्रयास छोड़ दिया। चीन का कहना था कि अगर कोई विवाद है तो भूटान के साथ है पर आखिर उन्हें मामला भारत के साथ निबटाना पड़ा। टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार खुद चीनी अधिकारियों ने वहां स्थित भारतीय राजदूत विजय गोखले से सम्पर्क स्थापित किया था। गोखले उस वक्त हांगकांग में थे। उनसे निवेदन किया गया कि वह तत्काल बीजिंग आ जाएं। उनके सुबह 2 बजे वापिस पहुंचने के बाद बातचीत […]

वायुमंडल में आगे विक्षोभ है (Turbulence Ahead)

September 7, 2017 0

निर्मला सीतारमण देश की नई रक्षामंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है जिससे देश चकित रह गया है पर यह वह निर्णय है जिसका देश में भारी स्वागत किया गया है। इंदिरा गांधी रक्षामंत्री तब बनी थी जब वह प्रधानमंत्री थी। इस प्रकार निर्मला सीतारमण पहली महिला रक्षामंत्री कही जा सकती है। उनकी प्रतिभा, उनकी मेहनत, ईमानदारी तथा विवेक की कदर की गई है। उनके साथ पीयूष गोयल तथा धमेंन्द्र प्रधान जैसों का कद बढ़ा कर प्रधानमंत्री ने भाजपा की नई पीढ़ी को जिम्मेवारी सौंपनी शुरू कर दी है जिस तरह पहले अटल-आडवाणी, वैंकेया नायडू, सुषमा स्वराज, अरुण जेतली जैसे लोगों को आगे लाए थे। सहयोगी पार्टियों की परवाह नहीं की गई। पर पिछले […]

राजधर्म या बाबाधर्म? (RajDharma or BabaDharma)

August 31, 2017 0

“जो राजा न्याय नही देता, अन्याय देख कर चुप रहता है, राजधर्म नहीं निभाता, दंडे की नीति नहीं बनाता, वह राजा शीघ्र अपने राज्य को पतन की ओर ले जाने वाला होता है।” ईसा पूर्व तीसरी सदी में चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य द्वारा दी गई यह चेतावनी आज भी प्रासंगिक है। जिस तरह गुरमीत राम रहीम के मामलों को लेकर हरियाणा की सरकार अपना दायित्व निभाने से भाग उठी उससे सारे उत्तर भारत में अफरातफरी फैल गई। ट्रेनें रद्द, स्कूल-कालेज बंद, इंटरनैट ठप्प और आखिर में 38 लोग मारे गए। सिर्फ इसलिए कि खट्टर सरकार ने राजधर्म निभाने से इंकार कर दिया था। दुनिया में कहीं भी ऐसी मिसाल नहीं मिलेगी जहां एक बलात्कारी के कारण सेना को बुलाना […]

जहां गुडिय़ा भंग की जाती है (Where Gudiya is Violated)

August 24, 2017 0

उसकी अपनी उम्र गुडिय़ा से खेलने की है पर 10 वर्ष की आयु में वह मां बन चुकी है। उसे मालूम नहीं कि उसने बच्ची को जन्म दिया है। पिता ने उसे बताया कि पेट में पत्थरी थी इसलिए आप्रेशन किया गया। क्योंकि उसका नाजुक शरीर प्रसव पीड़ा सह नहीं सकता था इसलिए प्रीमैच्योर डिलिवरी करवाई गई। क्या घोर अनर्थ है! नवजात का बाप उसकी मां का मामा है जो उस बच्ची से लगातार बलात्कार करता रहा। अच्छी खबर केवल यह है कि नवजात को गोद लेने के लिए बहुत से लोग आगे आ रहे हैं लेकिन यह कैसा समाज है जहां मामा ने 10 वर्ष की भानजी को ही गर्भवती बना दिया? कैसे-कैसे राक्षस यहां मौजूद हैं? अभी तो […]

कैसे बनेगा ‘न्यू इंडिया’? (Is ‘New India’ Possible?)

August 17, 2017 0

यह लेख मैं 15 अगस्त को लिख रहा हूं। प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से अपना चौथा भाषण दे हटें हैं। प्रधानमंत्री का भाषण अच्छा था लेकिन पिछले भाषणों जैसा प्रभावशाली नहीं था। इस देश को संभालने तथा वायदे पूरे करने का बोझ किसी को भी थका सकता है। उन्होंने 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ लाने की बात कही। क्या यह संभव हो सकेगा? यह स्वतंत्रता दिवस है भी ऐतिहासिक क्योंकि हम अपनी आजादी के सात दशक पूरे कर गए हैं। इसी आजादी के बारे राम प्रसाद बिस्मिल जिन्हें दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब 70 वर्ष से अपनी जमीन […]

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