• Author at Kremlin in Moscow
About Chander Mohan
Chander Mohan is the grandson of the legendary editor of Pratap, Mahashya Krishan. He is the son of the famous freedom fighter and editor, Virendra. He is the Chief Editor of ‘Vir Pratap’ which is the oldest hindi newspaper of north west india. His editorial inputs on national, international, regional and local issues are widely read.

मुद्दत से आरज़ू थी सीधा करे कोई (The Trudeau Fiasco)

March 1, 2018 0

कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपनी एक सप्ताह की यात्रा के बाद स्वदेश पहुंच गए। जाने से पहले वह बता गए कि वह भारत की एकता तथा अखंडता में विश्वास रखतें हैं और किसी भी प्रकार के उग्रवाद का समर्थन नहीं करते। धन्यवाद ट्रूडो जी, पर ऐसे स्पष्टीकरण की जरूरत भी क्यों पड़े? किसी और देश के नेता को तो ऐसा कहने की जरूरत नहीं पड़ी। इसका जवाब है कि खुद ट्रूडो तथा उनकी सरकार के कुछ मंत्री पंजाब में खालिस्तान की मुहिम को हवा देते रहे हैं। इसी का परिणाम था कि ट्रूडो की आठ दिन की यात्रा आखिर में खंडहर में परिवर्तित होकर रह गई थी। कैनेडा का मीडिया विलाप करता रहा कि उनके प्रधानमंत्री का ठंडा स्वागत […]

हर शाख पर उल्लू बैठा है (The Shocking Failure of System)

February 22, 2018 0

11,400 करोड़ रुपए का बैंक डाका डालने वाले नीरव मोदी ने बता दिया है कि अब वह बकाया इसलिए नहीं चुका सकता क्योंकि ब्रैंड का धंधा चौपट कर दिया गया है। अर्थात जो ठग 2011 से लगातार देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी को चूना लगाता आ रहा है ने अब आपको ठेंगा दिखा दिया है। बैंक जो मर्जी कर ले वह पैसे वापिस नहीं करेगा। सीनाजोरी ऐसी है कि विजय माल्या की तरह पैसे वापिस करने का खोखला वायदा भी नहीं है। स्पष्ट इंकार के रूप में उसने हमारी व्यवस्था पर थप्पड़ जड़ दिया है। जो मेरा करना है कर लो! उसका आत्म विश्वास भी खोखला नहीं आखिर वह एनआरआई बन चुका है। अब वह इतमिनान से अपना […]

जवाब कैसे दिया जाए? (How Do We Retaliate ?)

February 15, 2018 0

टीवी  के एक चैनल पर इस आलोचना कि कश्मीरी राजनेता वहां देश विरोधी तत्वों के सामने हिम्मत नहीं दिखाते, से भडक़ी कश्मीरी वकील शबनम लोन से सवाल किया, ‘आप बताईए कि आपने पाकिस्तान का क्या किया? अगर वह सैनिकों की हत्या करवा रहा है तो आपकी नीति क्या है? रोजाना सैनिक मारे जा रहे हैं, मिसाईल हमले हो रहे हैं पर आपकी नीति में अनुरुपता नहीं है।’ शबनम लोन के वालिद ए जी लोन की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। जो सवाल उन्होंने उठाया है वह ही सवाल जम्मू में सुंजवां सैनिक अड्डे पर हुए हमले जिसमें फिर पांच सैनिक शहीद हो गए, के बाद सारा देश भी पूछ रहा है। हमारी पाकिस्तान नीति क्या है? हम उस अस्थिर, […]

देशभक्ति भी धंधा बन रही है (Patriotism has become a business)

February 8, 2018 0

राजस्थान में अलवर की जनसंख्या 82 प्रतिशत हिन्दू हैं और यहां हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा 2 लाख वोट से हार गई है। 2014 में पार्टी 2.8 लाख वोट से जीती थी। अजमेर में भाजपा 84000 वोट से हार गई जबकि 2014 में उसने यह सीट 1.7 लाख वोट से जीती थी। अगर इसके साथ मांडलगढ़ की विधानसभा सीट पर भाजपा की पराजय को जोड़ दिया जाए तो स्पष्ट है कि राजस्थान में पार्टी खतरे में है। और इसके साथ ही अगर पंजाब में गुरदासपुर के उपचुनाव, गुजरात के विधानसभा चुनाव तथा मध्यप्रदेश के स्थानीय निकाय के चुनावों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन को देखें तो स्पष्ट है कि भाजपा के गम का प्याला छलक रहा है। आठ विधानसभा चुनाव […]

तू भी बदल कि ज़माना बदल गया (You Also Change As Times Have Changed)

February 1, 2018 0

देश के इतिहास में पहली बार केरल के मलप्पुरम में एक मुस्लिम महिला जमीदा ने जुमे की नमाज़ की अगवाई की। जमीदा का कहना है कि नमाज़, हक, ज़कात और रोज़ा जैसे सभी धार्मिक कार्यों में औरत या मर्द में भेदभाव नहीं किया गया। इस महिला की दिलेरी की दाद देनी चाहिए क्योंकि उसे पता था कि उसे धमकियां मिलेंगी। उसे जान से मारने की धमकी तो मिल ही चुकी है। इसे इस्लाम विरोधी साजिश कहा जा रहा है लेकिन ऐसी इस वर्ग की पुरानी आदत है। जब भी उनकी चौधर को चुनौती देने का प्रयास किया जाता है तो इन इमामों, मौलवियों और मुल्लाओं को इसमें साजिश नज़र आने लगती है, इनका इस्लाम खतरे में पड़ जाता है। लेकिन […]

कल, आज और कल (Past, Present and Future of India)

January 25, 2018 0

आर्थिक इतिहासकार एंगल मैडीसन के अनुसार सन् 1700 तक भारत विश्व के उत्पादन का 25 प्रतिशत पैदा करता था। 1870 तक यह गिर कर 12 प्रतिशत रह गया। अब हम 5-6 प्रतिशत तक ही हैं। कई इतिहासकार लेकिन कहते हैं कि भारत का सुनहरा युग मौर्य साम्राज्य (ईसा से 320 वर्ष पहले) तथा गुप्त साम्राज्य (ईसा के बाद 300-500 वर्ष) था। मौर्य साम्राज्य उस वक्त का सबसे बड़ा साम्राज्य था। आज जबकि 10 आसियन देशों के राष्ट्राध्यक्ष नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मौजूद हैं एक बार फिर भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत की चर्चा हो रही है। भारत से हिन्दू धर्म तथा बौद्ध धर्म पूर्व ऐशिया में फैल गए थे। कई शताब्दियां बीत जाने के बाद […]

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