• Author at Kremlin in Moscow

निराले देश में बेतुकी बहस (Irrelevant Discussion in Wonderful Country)

December 7, 2017 0

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था कि  ‘यह अद्भूत निराला देश है। आप यहां एक पत्थर को भी तिलक लगा कर उसे पूज सकते हैं।‘ यह हमारी ताकत है। यहां एक निर्धारित धार्मिक व्यवहार नहीं है हमारा धर्म यह आजादी देता है। पर सार्वजनिक क्षेत्र से धर्म को अलग रखा गया है। सरकारी कामकाज और चुनावों में धर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। लेकिन ऐसा ही आजकल हो रहा है। मामला गुजरात के चुनाव से संबंधित है और मुद्दा राहुल गांधी का धर्म है। जबसे सोमनाथ मंदिर में किसी ने राहुल गांधी का नाम गैर-हिन्दुओं के लिए रखे गए एंट्री रजिस्टर में दर्ज करवा दिया तब से उनके धर्म तथा आस्था को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। […]

पप्पू ‘पप्पू’ न रहा (Pappu No Longer Pappu)

November 23, 2017 0

चुनाव आयोग ने गुजरात में भाजपा के राहुल गांधी को मज़ाक में ‘पप्पू’ कहने वाले टीवी विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी। यह चुनाव आयोग की सोच है पर मेरा मानना है कि ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अफसोस है कि हमारी राजनीति हास्य रहित नीरस बनती जा रही है। एक टीवी चैनल ने श्याम रंगीला का कॉमिक एक्ट हटा दिया था क्योंकि उसमें नरेन्द्र मोदी तथा राहुल गांधी की नकल उतारी गई थी। चाहिए तो यह था कि यह दोनों उस लड़के को उसकी प्रतिभा के लिए शाबाशी देते पर उलटा हो गया। गांधी जी को किसी ने उनका चित्र बना कर दिखाया तो हंसने लगे कि “मुझे नहीं मालूम था कि मैं इतना बदसूरत […]

द आइडिया ऑफ कांग्रेस (The Idea of Congress)

June 29, 2017 0

ऐसा आभास मिलता है कि कांग्रेस का संदूक खाली है। जो कुछ है वह पुराना और बेकार है। कोई नई विचारधारा नहीं, नई सोच नहीं, नई प्रतिभा नहीं और नए लोग नहीं। वही चले हुए कारतूसों के बल पर राजनीति की जा रही है। अगर कोई नई सोच होती तो राष्ट्रपति के पद के लिए मीरा कुमार को आगे न किया जाता। मीरा कुमार उस व्यवस्था की उपज है जिसने अपने विशेषाधिकारों के बल पर देश का खूब दोहन किया है। बाबू जगजीवन राम की बेटी कोई ‘दलित’ नहीं चाहे अब वह दलितों के संघर्ष की बात कह रहीं हैं। वह पीढ़ियों से वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, उलटा उस वशिष्ठ वर्ग से संबंधित है जिसने अपनी स्थिति का फायदा […]

अखिलेश की सर्जिकल स्ट्राइक (Akhilesh’s Surgical Strike)

January 25, 2017 0

समाजवादी पार्टी में बाप और बेटे के दंगल में बेटे की निर्णायक विजय हुई है। अखिलेश अब बाप की जगह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। निश्चित तौर पर मुलायम सिंह ने अपने पुत्र की महत्वकांक्षा तथा क्षमता का सही आंकलन नहीं किया। अखिलेश ने बहुत पहले से अपनी रणनीति बनाई लगती थी और वह पार्टी के विभाजन के लिए पूरी तरह से तैयार थे जबकि मुलायम सिंह यादव अपने बदनाम सलाहकारों के बीच फंसे रहे। वह समझ बैठे थे कि ‘नेताजी’ के बिना समाजवादी पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं। पर वह लाख समझें कि मैंने पार्टी बनाई और खड़ी की, जनता और पार्टी अब उनके साथ नहीं हैं। मानना पड़ेगा कि अखिलेश बहुत चुस्त निकले हैं। उन्हें अपने […]

क्या पाकिस्तान बंदा बनेगा? (Will Pakistan Become More Responsible ?)

October 11, 2016 0

पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म नवाज शरीफ के दफ्तार में उनके प्रशासनिक अधिकारियों तथा सेना तथा आईएसआई के अधिकारियों के बीच जो टकराव हुआ जिसकी जानकारी कराची के अखबार ‘द डॉन’ ने बाहर निकाली है, बेमिसाल है। पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार मरियाना बाबर ने तो इसे ‘ऐतिहासिक खबर’ कह दिया है। आमतौर पर सेना के अधिकारियों के सामने भीगी बिल्ली बने नेता तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने सीधा सेना की नीतियों पर हमला किया कि सेना द्वारा ‘नॉन स्टेट एक्टर्स’ अर्थात् जेहादियों को दिए जा रहे संरक्षण के कारण पाकिस्तान दुनिया में अलग थलग पड़ गया है। पाकिस्तान के विदेश सचिव की शिकायत थी कि बड़े देश हमारी बात नहीं सुन रहे। उनके इस कथन से सब सन्न रह गए कि भले ही […]

कांग्रेस का बहादुर शाह जफर (The Bahudur Shah Zafar of Congress)

May 24, 2016 0

पांच विधानसभा चुनावों के परिणाम बता गए हैं कि भाजपा के अच्छे दिन फिर आ रहे हैं और कांग्रेस का दु:स्वप्न जारी है। असम और केरल कांग्रेस के हाथ से निकल गए हैं। पार्टी में बेचैनी बढ़ रही है। ममता बैनर्जी की धमाकेदार जीत हुई है और जयललिता एमजीआर के बाद पहली मुख्यमंत्री बनी हैं जिन्हें दोबारा सत्ता मिली है। त्रिपुरा तक सीमित वाम को केरल से राहत मिलेगी पर पश्चिम बंगाल में मिली कुचलने वाली पराजय से पता चलता है कि देश कांग्रेस मुक्त ही नहीं कामरेड मुक्त होने की दिशा में भी चल रहा है। असम में भाजपा की सरकार उत्तर पूर्व की पहली भाजपा सरकार होगी। इससे भाजपा को दिल्ली तथा बिहार की पराजय से उभरने का […]

1 2