बच्चों को उनका बचपन लौटा दो, Childhood Endangered

December 25, 2025 Chander Mohan 0

पिछले कुछ सप्ताह में कई अलग जगहों से स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या करने के दुखदाई समाचार पढ़ने को मिलें हैं। जिस उम्र में बच्चों के खेलने कूदने के दिन है, कुछ मुक्ति पाने के लिए अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल की दसवीं क्लास के 16 वर्षीय लड़के ने एक मैट्रो स्टेशन से छलांग लगा कर जान दे दी और यह नोट छोड़ गया, “सॉरी मम्मी, आपका इतनी बार दिल तोड़ा, अब लास्ट बार तोड़ूँगा”। इस एक वाक्य के पीछे बच्चे की कितनी मजबूरी छिपी थी? वह बच्चा क्या क्या बर्दाश्त करता रहा होगा कि यह आख़िरी कदम उठा लिया? क्या कहीं से कोई सहारा नहीं मिला? कोई समझाने वाला नहीं? स्कूल में भी […]

वंदे मातरम जोड़ता है,तोड़ता नही, Vande Matram Unites, Not Divides

December 18, 2025 Chander Mohan 0

यह संतोष की बात है कि इस बार संसद चल रही है। रूकावट कम डाली गई और कई प्रभावशाली भाषण सुनने को मिले पर संसद में वंदे मातरम को लेकर 10 घंटे की जो बहस हुई है वह मेरी समझ के बाहर है। इस महान राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगाँठ पर इसके कवि को श्रद्धांजलि देना और आज़ादी की लड़ाई में इसके योगदान को याद करना अलग बात है, पर यहाँ तो इस गौरवमय क्षण को अपने राजनीतिक विरोधियों पर गोलीबारी करने के लिए इस्तेमाल किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने तो यहां तक कह दिया कि क्योंकि इस राषटीय गीत के कुछ हिस्से काट दिए गए तो यह तुष्टिकरण का मामला बन गया जिसने देश के विभाजन की नींव […]

कूटनीतिक धुंध में भारत- रूस, Diplomatic Fog and Indo-Russia

December 11, 2025 Chander Mohan 0

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपनी दो दिन भारत यात्रा से बहुत संतुष्ट लौटें होंगें। उन पर पश्चिम के देशों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है, उन्हें वॉर क्रिमिनल तक कहा जा रहा है, पर यहाँ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री उनका भव्य स्वागत कर रहे थे। हवाई अड्डे पर नरेन्द्र मोदी ने पुतिन को हग किया, दोनों एक ही कार में बैठ कर वह प्रधानमंत्री के निवास स्थान तक पहुँचे जहां उनके लिए प्राईवेट डिनर रखा गया। यह कूटनीतिक शिष्टाचार के सामान्य कदम नहीं हैं। जिसे लंडन के गार्डियन अख़बार ने मोदी -पुतिन ‘ब्रोमांस’ अर्थात् बिरादर+रोमांस,कहा है पश्चिमी राजधानियों में निश्चित तौर पर अखरा होगा। यूक्रेन युद्ध द्वारा अंतराष्ट्रीय कानून के खुले उल्लंघन के बावजूद पुतिन अपने लोगों को […]

पंजाब को मरहम चाहिए,छेड़खानी नहीं, Punjab Needs Balm Not Irritants

December 4, 2025 Chander Mohan 0

 यह सरकार कदम वापिस लेने के लिए जानी नहीं जाती। पर अगर कृषि से सम्बन्धित तीन क़ानून वापिस लेना भी शामिल किया जाए, तो पंजाब सम्बंधित तीन बड़े कदम इस सरकार ने वापिस लिए हैं। यह अच्छी बात भी है। लोकतंत्र में अलोकप्रिय कदम वापिस लेना समझदारी और संवेदनशीलता दिखाता है। पर सवाल तो है कि इस समय जबकि पंजाब भीषण बाढ़ से गुजरा है, आर्थिक हालत नाज़ुक है और प्रदेश गुरू तेगबहादुर के 350वें शहीदी दिवस से सम्बंधित समागमों में व्यस्त है, एक के बाद एक ऐसे कदम उंठाए ही क्यों गए? पंजाब एक बार्डर स्टेट है जिसके लोगों का संघर्ष का लम्बा इतिहास है। यहाँ लोगों से संवाद किए बिना छेड़खानी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। कृषि सम्बंधी […]