जितनी आबादी उतना हक़ ? , Rights According To Population?

June 12, 2025 Chander Mohan 0

केन्द्रीय सरकार ने दो चरणों में जनगणना जिसमें जाति जनगणना भी शामिल होंगी, की घोषणा की है। उम्मीद है कि पूरी प्रकिया तीन साल में पूरी हो जाएगी। क्या परिणाम 2029 के चुनाव से पहले सामने आजाएगा,यह आने वाले समय का सबसे बड़ा प्रश्न होगा। जनगणना क्यों ज़रूरी है यह तो स्पष्ट ही है क्योंकि विकास आँकड़ों पर आधारित किया जाता है और मूलभूत आँकड़ा जनसंख्या और उसका स्वरूप है। इस बार आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी के अलावा धर्म और जाति के बारे भी जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह जनगणना छ: साल की देरी से हो रही है। सरकार का बहाना था कि कोविड है पर कोविड 2023 के मध्य तक समाप्त हो चुका था। सरकार मामला लटकाती गई […]

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शशि थरूर: इधर या उधर, Whither Shashi Tharoor

June 5, 2025 Chander Mohan 0

आपरेशन सिंदूर अभी निलम्बित किया गया है पर उसे लेकर एक साइड स्टोरी शुरू हो गई है। अपना पक्ष रखने  के लिए जो प्रतिनिधि मंडल विदेश भेजे गए हैं उनको लेकर राजनीतिक तू तू मैं मैं शुरू हो गई है। विशेष तौर पर कांग्रेस के नेता शशि थरूर को एक महत्वपूर्ण डैलिगेशन का लीडर बनाए जाने पर कांग्रेस पार्टी सरकार और थरूर दोनों से खूब नाराज़ है। 1994 में पी. वी.नरसिम्हा राव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मनावाधिकार सम्मेलन में भारत का पक्ष रखने के लिए विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजा था ताकि यह संदेश जा सके कि सारा देश एकजुट है। इस बार वह समन्वय नहीं है। पर यह बहुत ज़रूरी है […]

इनके साथ, इनके बिना, इनके बावजूद, We Have To Walk Alone

May 29, 2025 Chander Mohan 0

आपरेशन सिंदूर से हमने पाकिस्तान को बड़ा सबक़ सिखाया है कि आतंकवाद की क़ीमत चुकानी पड़ेगी। रहीम यार ख़ान एयरबेस, सरगोधा तथा नूर खान एयरबेस पर बमबारी के बाद पाकिस्तान को समझ आगई कि मामला गम्भीर है। पर इन चार दिन का संक्षिप्त युद्ध हमें भी कई सबक़ सिखा गया है। एक, कि पाकिस्तान बाज़ नहीं आएगा, ऐसा टकराव फिर हो सकता है। इसीलिए आपरेशन सिंदूर भी स्थगित किया गया है, रोका नहीं गया। दूसरा, संकट की इस घड़ी में कोई बड़ा -छोटा देश, इज़राइल को छोड़ कर, हमारे साथ खड़ा नहीं था। एक भी नहीं। यह नई कूटनीतिक स्थिति है। हमें संयम का लेक्चर दिया गया और किसी ने भी पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद की स्पष्ट निंदा नहीं की। दुनिया […]

असभ्य, अस्वीकार्य और अक्षम्य, Uncivilized, Unacceptable And Unforgiveable

May 22, 2025 Chander Mohan 0

मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा लै.कर्नल सोफिया क़ुरैशी पर जो टिप्पणी की है वह माफ़ करने लायक़ नहीं है। सरकार ने आपरेशन सिंदूर के बारे जानकारी देने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ लै.कर्नल सोफिया क़ुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को आगे किया था। इस त्रिमूर्ति ने बहुत प्रभावशाली ढंग से भारत का पक्ष रखा। इन दो महिलाओं को आगे कर भारत दुनिया को बताना चाहता था कि यहाँ महिलाऐं देश सेवा में बराबर लगी हुईं हैं और यहाँ साम्प्रदायिक भेदभाव नहीं है। विशेष तौर पर सेना इससे बिल्कुल अछूती है। इस सराहनीय प्रयास पर इस एक बंदे की शर्मनाक टिप्पणी ने पानी फेर दिया। पाकिस्तान का मीडिया प्रचार कर रहा है कि देखा, भारत […]

पाकिस्तान की फ़ितरत, और भारत का सबक़, Pakistan’s Intransigence And India’s Lessons

May 15, 2025 Chander Mohan 0

भारत के साथ युद्ध विराम कर तीन घंटे के बाद ही पाकिस्तान ने उसका उल्लंघन कर दिया। इस पर शशि थरूर ने यह शे’र दोहराया है, उसकी फ़ितरत है मुकर जाने की,उसके वादे पर यक़ीन कैसे करूँ ? उनकी बात बिल्कुल सही है। असली समस्या पाकिस्तान की भारत विरोधी ‘फ़ितरत’ की है। उनका, विशेष तौर पर उनकी सेना का अस्तित्व ही भारत विरोध पर टिका है इसी कारण हर कुछ महीने के बाद वह शरारत करतें हैं। आज़ादी के बाद से ही अलग रंग रूप में यह सिलसिला चलता आ रहा है। आप फटेहाल है। पाकिस्तान के वरिष्ठ सम्पादक और पंजाब के मुख्यमंत्री रहे नजम सेठी ने माना है कि, “हम एक कमजोर मुल्क बन चुकें है। अंदरूनी हालात भी […]

अपनी व्यक्तिगत त्रासदी के बावजूद हिमांशी ने राष्ट्र को रास्ता दिखाया, Himanshi Has Shown Way To The Nation

May 8, 2025 Chander Mohan 0

22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन वादी में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर वादी में बदलाव की लहर नज़र आ रही है। पहली बार कश्मीर वादी इस दर्दनाक घटना के विरोध में बाक़ी देश के साथ खड़ी है। लोगों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किए। इस बार भारत सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि बैसरन के भयानक हमले के खिलाफ। पहलगाम में  टैक्सी चालकों ने तख़्तियाँ पकड़ी हुईं थी, I Am Indian. वह नारे लगा रहे थे, ‘हम हिन्दोस्तानी हैं” और ‘हिन्दोस्तान हमारा है ‘। ऐसे दृश्य वादी में पहले नहीं देखे गए, तब भी नहीं जब सब कुछ सामान्य था।कश्मीर घाटी पाकिस्तान के खिलाफ बिल्कुल एकजुट थी। पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व वही सिविल सोसायटी कर रही […]