ट्रम्प के हाथ में उस्तरा, World In Unstable Hands

April 10, 2025 Chander Mohan 0

अमेरिका का राष्ट्रपति दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति है। वैसे तो रूस और अब चीन के राष्ट्रपति भी बहुत ताक़त रखते हैं पर अमेरिका के राष्ट्रपति का मुक़ाबला नहीं। अमेरिका के एक राष्ट्रपति हैरी एस.ट्रूमैन ने हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी का आदेश दिया था जिसमें लाखों मारे गए थे। बताया जाता है कि परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने ट्र्मैन से पहले राष्ट्रपति रूज़वेल्ट को इसके इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी थी कि यह मानवता का विनाश कर सकता है पर उनकी मौत हो गई और विश्व युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रूमैन ने जापान पर बमबारी का आदेश दे दिया। जब शक्ति पर कोई नियंत्रण न रहे तो यही होता है, वह क्रूर और असंवेदनशील बन जाती […]

पंजाब में राजधर्म, Raj Dharma In Punjab

April 3, 2025 Chander Mohan 0

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पानी पीकर अपना ‘अनिश्चितकालीन अनशन’ समाप्त कर दिया है। ऐसा पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है। वह 26 नवम्बर से किसानों की माँगों को लेकर अनशन पर थे। चाहे कुछ किसान नेताओं का कहना है कि डल्लेवाल ने अनशन समाप्त नहीं किया पर उनके पानी पीने से सरकार को राहत मिलेगी। इस बीच 13 महीनों के बाद सरकार ने ज़बरदस्ती शंभु और खनौरी बॉर्डर से किसानों का धरना हटा दिया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही शुरू हो गई है। जो किसान गिरफ़्तार किए गए उन्हें भी रिहा कर दिया गया है। बार्डर खुलने से राजपुरा और अम्बाला के आसपास के गाँवों और क़स्बों में रहने वाले लोगों को तो राहत मिली […]

हम मूर्खता की हदें पार कर रहें हैं, We Are Crossing Limits Of Foolishness

March 27, 2025 Chander Mohan 0

मुग़ल बादशाह औरंगजेब की मौत 1707 में हो गई थी। उसकी मौत एक बूढ़े थके हुए आदमी की थी जिसने खुद स्वीकार किया था कि उसने बड़े पाप किए हैं। यह भी लिखा था कि ‘ख़ुदा किसी को बादशाह न बनाए’। दक्षिण में लम्बा सैनिक अभियान उसे खोखला छोड गया था। उसे महाराष्ट्र में औरंगाबाद से कुछ दूर खुलताबाद में एक साधारण कब्र में दफ़नाया गया जिसके उपर छत भी नहीं थी, न ही दीवार है। बताया जाता है कि औरंगजेब खुद ऐसा चाहता था और अपनी वसीयत में लिख गया था। संगमरमर का फ़र्श और जाली बाद में लगाए गए नहीं तो पहले उसके दफ़नाए जाने की जगह मिट्टी का ढेर ही था। आज 318 साल के बाद उसकी […]

पटरी से उतरती ट्रेन,पाकिस्तान, Pakistan Ready To Derail

March 20, 2025 Chander Mohan 0

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफ़र एक्सप्रेस के हाईजैक का प्रकरण ख़त्म हो गया है। कितने लोग मारे गए इसके बारे कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। सरकार का दावा है कि 33 बाग़ी (पाकिस्तान इन्हें आतंकवादी कहता है) मारे गए जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का दावा है कि पाकिस्तान के 100 सैनिक मारे गए और कई अभी भी बंधक हैं। इस संख्या से भी बहुत अधिक महत्व रखता है कि 400-500 लोगों से भरी ट्रेन को ही हाइजैक कर लिया गया और वह ट्रेन दो दिन युद्ध- क्षेत्र बनी रही। ऐसी वारदात के लिए न केवल दम चाहिए बल्कि बहुत प्लानिंग और स्थानीय समर्थन की ज़रूरत चाहिए। अस्त्र शस्त्र चाहिए। इस ट्रेन पर 2018 और […]

विपक्ष का भटकता कारवाँ और राहुल गांधी, Confused Opposition And Rahul Gandhi

March 13, 2025 Chander Mohan 0

मंज़िल जुदा जुदा है, मक़सद जुदा जुदा है,                भीड़ तो जमा है,यह कारवां नही 2024 के लोकसभा चुनाव, जहां इंडिया गठबंधन ने मिल कर भाजपा को बहुमत से नीचे रखा था, के परिणाम के बाद यह आशा जगी थी कि इंडिया गठबंधन अब नरेन्द्र मोदी की सरकार को ज़बरदस्त चुनौती देगा। पर जैसे जैसे समय बीत रहा है यह प्रभाव है कि सामंजस्य की कमी और गम्भीर मतभेदों के कारण यह गठबंधन भटक गया है और अप्रासंगिकता के कगार पर है। कई पर्यवेक्षक तो असामयिक मौत की बात कर रहें हैं। पहले हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम और फिर दिल्ली के चुनाव परिणाम के बाद यह नज़र आने लगा है कि न केवल यह गठबंधन बिखरने के कगार […]

यूक्रेन की क़ुर्बानी की तैयारी, Preparations For Sacrifice of Ukraine

March 6, 2025 Chander Mohan 0

दुनिया ने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा था। दुनिया के सबसे शक्तिशाली दफ़्तर, अमेरिका के राष्ट्रपति के वाशिंगटन स्थित ओवल आफ़िस, में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच मुलाक़ात हो रही थी। शुरू के शिष्टाचार के बाद बातचीत गाली गलौज में बदल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि यूक्रेन के प्रतिनिधि मंडल को व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कह दिया गया। ट्रम्प और उनके उपराष्ट्रपति वैंस चाहते थे कि जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध विराम को तैयार हो जाएं जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति सुरक्षा की मज़बूत गारंटी की माँग कर रहे थे। शीघ्र ही वार्ता अशोभनीय तूं तूं मैं मैं में बदल गई और जेलेंस्की बिना भोजन किए ग़ुस्से में वहाँ से निकल […]