हम घर फूंक तमाशा देख रहें हैं, We Are Patiently Watching Our Own Ruination

June 27, 2024 Chander Mohan 0

चन्द्र मोहन    जलवायु के बारे…हम केवल खतरें में ही नहीं हैं,हम ख़तरा हैं। पर हम ही समाधान हैं –                                      एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की यह संक्षिप्त टिप्पणी तीन बातें कहतीं हैं। जलवायु का ख़तरा है, यह ख़तरा हमने ही पैदा किया है और इसका समाधान भी हमारे पास ही है। जहां तक ख़तरा का सवाल है, इसके संकेत तो बहुत पहले से मिल रहे थे। सब कुछ असामान्य है, बारिश, बाढ़, सूखा,गर्मी,सर्दी, बर्फ़बारी। पर इस साल हमने गर्म होती धरती का भयानक रूप देखा है। विशेष तौर पर उत्तर भारत में जो हीट वेव चली है ऐसी पहले कभी नहीं देखी गई। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़े तो हर साल मिलतें है पर पहली बार […]

नई सरकार और संघ की नसीहत, New Government And RSS

June 20, 2024 Chander Mohan 0

नई सरकार का गठन हो गया। यह एनडीए की सरकार है। भाजपा बहुमत से बहुत नीचे है इसलिए समझा यह गया था कि मंत्री पद देते वक़्त वह सहयोगियों के दबाव में आजाएगी और उन्हें भारी भरकम विभाग देने के लिए मजबूर हो जाएगी। ऐसा कुछ नहीं हुआ। जदयू को मत्स्य पालन और टीडीपी को नागरिक उड्डयन मंत्रालय देकर संतुष्ट कर दिया गया। भाजपा ने अपने पास सभी बड़े विभाग रख लिए हैं जिनमें ‘बिग फ़ोर’ गृह-रक्षा-वित्त-विदेश भी शामिल है। स्पीकर का पद भी भाजपा अपने पास ही रखेगी। फ़िलहाल पुराना सिलसिला ही चल रहा है। चन्द्र बाबू नायडू नई राजधानी के लिए पैसा चाहतें हैं तो नीतीश कुमार को अपने भविष्य की चिन्ता है। दोनों ही इस वक़्त मोदी […]

पंजाब से चिन्ताजनक, Worrying Signs From Punjab

June 13, 2024 Chander Mohan 0

पंजाब का लोकसभा परिणाम देश और प्रदेश दोनों को चिन्ताजनक छोड़ गया है। जहां यह संतोष की बात है पटियाला से डा.धर्मवीर गांधी और होशियारपुर से डा.राजकुमार छब्बवाल को छोड़ कर जनता ने किसी भी ‘फसली बटेर’ को दाना नहीं डाला, पर दो चुनाव क्षेत्रों का परिणाम जहां लोगों ने अच्छे बहुमत से रेडिकल पृष्ठभूमि के दो आज़ाद उम्मीदवारों को विजयी बना दिया, से एक वर्ग की दिशा को लेकर चिन्ता पैदा हो रही है। अमृतपाल सिंह जो राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद है खडूर साहिब से लगभग दो लाख वोट से विजयी हुआ है। दूसरा कट्टरपंथी उम्मीदवार जो विजयी हुआ है वह इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह का पुत्र सरबजीत सिंह खालसा है जो […]

क्या ख़ूबसूरत जनादेश है, What A Beautiful Verdict

June 6, 2024 Chander Mohan 0

भारत की जनता ने अपना आदेश सुना दिया। क्या ख़ूबसूरत जनादेश है ! एकदम संतुलन क़ायम कर दिया। बता दिया कि लोकतंत्र, आज़ाद प्रेस, अभिव्यक्ति की आजादी सब में आम आदमीं की पूर्ण आस्था है,यह केवल मिडिल क्लास मूल्य ही नहीं है। यह बड़ा शोरगुल करने और उसे पसंद करने वाला देश है। किसी को ज़रूरत से अधिक शक्तिशाली नहीं देखना चाहते। जिनके पास 303 सीटें थीं लेकिन 370 की माँग कर रहे थे पर मिली 240, को ‘इंडिया’ गठबंधन की मार्फ़त इंडिया ने संदेश भेज दिया है कि उसे देश की राजनीतिक दिशा पसंद नही है! जो सरकार बनने जा रही है वह एनडीए की सरकार है मोदी सरकार नहीं। पर विपक्ष में जान डालते हुए भी बता दिया […]

पंजाब की सुध कौन लेगा ?, Who Will Take Care Of Punjab

May 30, 2024 Chander Mohan 0

पंजाब में लोकसभा चुनाव इस सप्ताह सम्पन्न हो जाऐंगे। कोई जीत जाएगा तो कोई हार जाएगा पर पंजाब वहाँ का वहाँ ही रहेगा, एक वह प्रांत जो कभी देश का सबसे प्रसिद्ध प्रांत था पर कई कारणों से पिछड़ता गया। यह भी उल्लेखनीय है कि चुनाव में किसी भी पार्टी ने पंजाब को बर्बादी से बचाने या उसकी प्रगति का कोई बलूप्रिंट लोगों के सामने पेश नहीं किया। सब एक दूसरे की ग़लतियाँ निकाल और गालियाँ दे कर काम चलाना चाहतें हैं। पंजाब तो हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से भी पिछड़ गया। एक समय हम नम्बर 1 ज़रूर थे पर अब हमारी अर्थव्यवस्था 16वें नम्बर पर है। प्रति व्यक्ति आय में हम 19वें स्थान पर हैं। और अभी कोई आशा […]

अचानक सारी कहानी बदल रही है, The Narrative is Changing

May 23, 2024 Chander Mohan 0

चन्द्र मोहन यह बिल्कुल लहर विहीन चुनाव है जैसा मैंने एक महीने पहले अपने लेख में भी लिखा था। यह नहीं कि लोगों को दिलचस्पी नहीं है। गली, मोहल्लों, चौपालों, बैठकों, रेलों, बसों में सब जगह चर्चा चुनाव की ही है। लेकिन परिणाम को लेकर एक प्रकार की अपरिहार्यता है, ‘आएँगें तो वो ही’। पर उत्साह नहीं है, न किसी के पक्ष में, न किसी के विपक्ष में। 2014 और 2019 वाला जोश ग़ायब है। 2014 में जनता यूपीए सरकार के घपलों से परेशान थी, और 2019 में बालाकोट पर कार्यवाही ने लहर पैदा कर दी थी। इस बार ऐसा कुछ नहीं है। पाकिस्तान तो मुद्दा ही नहीं रहा चाहे कुछ नेता उठाने की कोशिश करते रहतें हैं। स्थानीय फ़ैक्टर […]