मणिपुर की चीत्कार: क्या कोई सुन रहा है? The Pain Of Manipur: Is Anyone Listening?

July 27, 2023 Chander Mohan 0

इस देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होते रहते हैं। यह केवल एक प्रदेश या एक क्षेत्र तक सीमित भी नहीं हैं पर  मणिपुर में दो महिलाओं के साथ जो हुआ वह तो पाशविकता और क्रूरता की हर हद  पार कर गया हैं। हम चरित्रहीनता के  सभी रिकॉर्ड पार कर गए हैं। 16 दिसम्बर 2012 का निर्भया कांड याद आता है अंतर यह है कि 4 मई को मणिपुर में जो घटा वह सारे देश ने देख लिया, और सारी दुनिया ने देख लिया। दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सरेआम घुमाया गया।  फिर एक के साथ खुलेआम गैंगरेप किया गया। एक पीड़िता ने बताया है कि पुलिस भीड़ के साथ थी और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। एक […]

संसद चलनी चाहिए, Parliament Needs To Work

August 4, 2022 Chander Mohan 0

अच्छी बात है कि संसद की कार्यवाही पटरी पर लौट आई है। आशा है अब दुर्घटना नहीं होगी। पर पहले 15 दिन इधर उधर के तमाशों पर बर्बाद कर दिए गए।  महंगाई,जीएसटी, अग्निपथ, चीन का अतिक्रमण, बढ़ती बेरोज़गारी, रूपए की स्थिति, जैसे मामलों पर सार्थक बहस होनी चाहिए। अगर यह प्रभाव फैल गया कि संसद मसलों का हल करने में प्रभावहीन है या प्रासंगिक नहीं रही तो लोगों के पास सड़कों पर उतरने का ही विकल्प रह जाएगा। कई संकेत है कि धीरज कम हो रहा है। संसद में टकराव नफ़रत से भरा और व्यक्तिगत बनता जा रहा है। तू तू मैं मैं उन मसलों पर होती रही है जिनका आम जनता से कोई मतलब नहीं। दो दर्जन के क़रीब […]