दिल्ली अभी दूर है, Abhi Dilli Door He

August 5, 2021 Chander Mohan 0

संसद का मानसून अधिवेशन भी निरर्थक नजर आता है। पेगासस साफ्टवेयर के द्वारा कुछ प्रमुख लोगों के मोबाइल की जासूसी को लेकर गम्भीर गतिरोध चल रहा है। किसी भी लोकतन्त्र में ऐसी जासूसी घिनौनी है। सरकार स्पष्ट जवाब नही दे रही कि क्या पेगासस के लिए किसी इसरायली कम्पनी के साथ उसकी कोई डील हुई थी या नही? वह जानती है कि अगर यह साबित हो गया कि ऐसी जासूसी हो रही है तो यह क़ानून का गम्भीर उल्लंघन होगा। इस मुद्दे पर विपक्ष तेज़ है और अब तो साथी नीतीश कुमार ने भी जाँच की मांग कर दी है। निश्चित तौर पर यह गम्भीर मामला है जिसकी जाँच और जिसकीसंसद में चर्चा होनी चाहिए। पर मुझे दो बातें और […]

हमारे अधूरे लोकतन्त्र की जय ! Our Imperfect -Perfect Democracy

May 6, 2021 Chander Mohan 0

जिस वक़्त टीवी पर पाँच प्रदेशों के चुनाव परिणाम आ रहे थे उसी वक़्त एक चैनल पर यह एस-ओ-एस फ़्लैश हो रहा था कि दिल्ली के बच्चों के एक अस्पताल में आक्सिजन ख़त्म हो रही है। उसके बाद आप के एक नेता ने उन्हे छ: सिलेंडर पहुँचा भी दिए लेकिन ऐसी अपील की नौबत ही क्यों आए? उससे एक दिन पहले दिल्ली के ही बतरा  अस्पताल में आक्सिजन की कमी से 12 मरीज़ मारे जा चुके थे। यह स्थिति तब है जब दिल्ली हाईकोर्ट लगातार केन्द्र और सरकार को फटकार लगाताआर हा है। हाईकोर्ट का यहां तक कहना था कि राज्य नागरिकों के बुनियादी जीवन के अधिकारकी रक्षा करने में असफल रहा है। यह बहुत बड़ा अभियोग है लेकिन सच्चाई […]

अज़ दिल्ली ता पालम (Is Congress Sinking?)

March 19, 2020 Chander Mohan 0

शाह आलम द्वितीय डूब हो रहे मुगल साम्राज्य के 18वें बादशाह थे। उनकी ताकत इतनी क्षीण हो चुकी थी कि फारसी में किसी ने लिखा था, ‘सलतनत शाह आलम, अज़ दिल्ली ता पालम!’ अर्थात बादशाह शाह आलम की सलतनत केवल दिल्ली से पालम तक ही सीमित है। दिलचस्प है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के पलायन के बाद फारसी की यह कहावत कांग्रेस के मुखर सांसद मनीष तिवारी को याद आ गई है। एक ट्वीट में उन्होंने इसके साथ दार्शनिक जार्ज संतायाना का यह कथन भी जोड़ दिया कि  ‘जो इतिहास को भूल जाते हैं उनसे यह दोहराया जाता है।’ उस वक्त जब झटके खाती कांग्रेस पार्टी को ज्योतिरादित्य सिंधिया के दलबदल से एक और करंट पहुंचा है और मध्य प्रदेश में […]

सोनिया गांधी की वापिसी (Return of Sonia Gandhi)

August 22, 2019 Chander Mohan 0

सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी के राजनीति में प्रवेश और बाद में प्रधानमंत्री बनने के जबरदस्त विरुद्ध थी। इंदिरा गांधी ने खुशवंत सिंह को बताया था कि  “राजीव की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। सोनिया ने धमकी दी है कि अगर वह राजनीति में कदम रखेंगे तो वह तलाक दे देंगी।” लेकिन पहले संजय गांधी की हवाई दुर्घटना में मौत और फिर खुद इंदिरा गांधी की हत्या ने सब कुछ बदल डाला। जिस वक्त अभी इंदिरा गांधी का गोलियों से छलनी शव हस्पताल में ही था, दूसरे कमरे में सोनिया गांधी अपने पति से “शेरनी की तरह” , यह शब्द उनके अपने हैं, लड़ रही थीं कि वह प्रधानमंत्री न बने। बाद में उन्होंने कहा था, “राजीव के […]

भाजपा और उसका विपक्ष (BJP and It’s Opposition)

July 11, 2019 Chander Mohan 0

कांग्रेस पार्टी का संकट गहरा होता जा रहा है। डूबते जहाज़ को छोड़ कर कप्तान एक तरफ बैठ गए हैं। एक महीने की जद्दोजहद के बाद भी अभी तक पार्टी की कार्यकारिणी यह फैसला नहीं कर सकी कि नया कप्तान कौन होगा? पर सब देख रहें हैं कि जहाज़ में लगातार पानी भर रहा है। नया अध्यक्ष वह कार्यकारिणी चुनेगी जिसके सदस्य खुद चुन कर नहीं आए और वह अपनी जगह पर केवल इसलिए है क्योंकि वह परिवार के वफादार हैं। कई तो पंचायत का चुनाव जीतने की भी हैसियत नहीं रखते। वह तो ऐसा अध्यक्ष चुन ही नहीं सकते जिसे गांधी परिवार पसंद न करता हो। राहुल गांधी अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं इससे उनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है […]

कुज मरन दा शौक वी सी (DEATH WISH OF CONGRESS)

June 6, 2019 Chander Mohan 0

कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं से कहा है कि वह एक महीना टीवी चैनलों से दूर रहें। जिस वक्त पार्टी बुरी तरह चुनाव में पिटी है, नेताओं तथा कार्यकर्त्ताओं का मनोबल न्यूनतम स्तर पर है, ऐसे निर्णय पार्टी की सेहत के लिए और हानिकारक साबित हो सकते हैं। इस वक्त तो यह भी मालूम नहीं कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी रह रहें हैं या जा रहें हैं? सोनिया गांधी को कांग्रेस की संसदीय दल की नेता चुन लिया गया। सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को कमान संभालते हुए कहा था कि राहुल अब मेरा भी नेता है लेकिन अब संसद में सोनिया गांधी राहुल की नेता बन गई। परिवार का यह गोरखधंधा समझ नहीं आ रहा लेकिन ऐसी कांग्रेस पार्टी बन […]