चीन और न्यू इंडिया (China and New India)

September 14, 2017 0

धीरे-धीरे आगे बढ़ने के बारे घबराने की जरूरत नहीं। घबराहट एक जगह स्थिर खड़े रहने के बारे होनी चाहिए। – चीनी मुहावरा डोकलाम पर विवाद फिलहाल शांत हो गया है। दोनों भारत तथा चीन की सेनाएं पुरानी जगह पर पहुंंच चुकी हैं। चीन ने सडक़ बनाने का प्रयास छोड़ दिया। चीन का कहना था कि अगर कोई विवाद है तो भूटान के साथ है पर आखिर उन्हें मामला भारत के साथ निबटाना पड़ा। टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार खुद चीनी अधिकारियों ने वहां स्थित भारतीय राजदूत विजय गोखले से सम्पर्क स्थापित किया था। गोखले उस वक्त हांगकांग में थे। उनसे निवेदन किया गया कि वह तत्काल बीजिंग आ जाएं। उनके सुबह 2 बजे वापिस पहुंचने के बाद बातचीत […]

क्या बहिष्कार होना चाहिए? (Should We Boycott?)

August 10, 2017 0

चीन की धौंस जारी है। उन्होंने समझा नहीं था कि भारत डोकलाम में इस तरह अड़ जाएगा। चीन की आर्थिक तथा सैनिक क्षमता बहुत बढ़ चुकी है। विशेष तौर पर उनके राष्ट्रपति शी जिनपिंग समझते हैं कि वह दिन लद गए जब चीन को दूसरों की संवेदना की चिंता करनी चाहिए उलटा शी समझते हैं कि दूसरों को चीनी साम्राज्य के उत्थान के मुताबिक अपने को ढालना चाहिए। इस बीच भारत ने चुनौती दे दी है जो वह पचा नहीं पा रहे इसलिए रोजाना उनका मीडिया या अधिकारी हमें धमकियां दे रहे हैं। अभी तक उनके सरकारी अखबार ग्लोबल टाईम्स में 20 लेख भारत को 1962 का सबक सिखाने से संबंधित प्रकाशित हो चुके हैं। मोदी सरकार के लिए विदेश […]

तेरी बरबादियों के मशवरे है आसमानों में (Gathering Clouds)

July 20, 2017 0

महबूबा मुफ्ती के बाद ममता बैनर्जी ने भी केन्द्र को चीन के हमारे मामले में दखल के प्रति आगाह किया है। महबूबा ने तो कश्मीर में अशांति के लिए चीन को सीधा जिम्मेवार ठहराया है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले ने एक बार फिर स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। यह नहीं कि पहले हमले नहीं हुए थे। 2000 में पहलगाम में 30 यात्री मारे गए लेकिन इस बार की घटना अधिक गंभीर है क्योंकि पहले ही हालात नाजुक हैं। जम्मू-कश्मीर के आईजीपी मुन्नीर खान ने सेना, सीआरपीएफ तथा सरकार को चेतावनी दी थी कि ‘‘आतंकी गुट द्वारा सनसनीखेज हमले की संभावना को रद्द नहीं किया जा सकता।’’ इस सूचना के बाद यह हमला कैसे हो गया? सारा […]

1962 और 2017 (1962 and 2017)

July 6, 2017 0

भारत, भूटान तथा चीन के बीच सिक्किम के डोकलम इलाके में टकराव को लेकर चीन अधिक ही आक्रामक हो रहा है। भारत को 1962 की याद दिलवाई जा रही है। उनका मीडिया युद्ध की धमकी दे रहा है। चीन इस अति संवेदनशील क्षेत्र जहां से उत्तर पूर्व के प्रांतों से हमारा सम्पर्क टूट सकता है, पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है। डोकलम जिसे चीन डोंगलाग कहता है, के बीच चीन सड़क बनाने की कोशिश कर रहा है जिसे भारतीय सैनिकों ने रोक दिया है। ऐसी सड़क से भारत के लिए गंभीर सामरिक दुष्परिणाम निकल सकते हैं। यह 269 वर्ग किलोमीटर का सामरिक महत्व का क्षेत्र है जो भूटान का है पर चीन दावा कर रहा है। चीन का […]