लोकतन्त्र का जश्न (Celebration of Democracy)

July 27, 2017 Chander Mohan 0

कानपुर के परौख गांव के कच्चे घर में कभी रहने वाले रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बन गए हैं और 340 कमरे वाले राष्ट्रपति भवन की शोभा बढ़ाएंगे। उनका राष्ट्रपति बनना हमारे लोकतंत्र का जश्न है कि जिस व्यक्ति ने बचपन गुरबत में गुजारा वह देश के पहले नागरिक बन गए हैं। उन्होंने बताया भी है कि बारिश के समय उनकी फूस की छत से पानी टपकता था। उन्होंने भावुक होकर सवाल भी किया है कि आज भी कितने रामनाथ कोविंद बारिश में भीग रहें होंगे? पर उनका राष्ट्रपति बनना ही ऐसे लोगों के सामने आशा की किरण तथा एक बढ़िया मिसाल होगी कि अगर आप चरित्रवान हैं, प्रतिभावन हैं और समर्पित हैं तो आप कहीं भी पहुंच सकते […]

तेरी बरबादियों के मशवरे है आसमानों में (Gathering Clouds)

July 20, 2017 Chander Mohan 0

महबूबा मुफ्ती के बाद ममता बैनर्जी ने भी केन्द्र को चीन के हमारे मामले में दखल के प्रति आगाह किया है। महबूबा ने तो कश्मीर में अशांति के लिए चीन को सीधा जिम्मेवार ठहराया है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले ने एक बार फिर स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। यह नहीं कि पहले हमले नहीं हुए थे। 2000 में पहलगाम में 30 यात्री मारे गए लेकिन इस बार की घटना अधिक गंभीर है क्योंकि पहले ही हालात नाजुक हैं। जम्मू-कश्मीर के आईजीपी मुन्नीर खान ने सेना, सीआरपीएफ तथा सरकार को चेतावनी दी थी कि ‘‘आतंकी गुट द्वारा सनसनीखेज हमले की संभावना को रद्द नहीं किया जा सकता।’’ इस सूचना के बाद यह हमला कैसे हो गया? सारा […]

ए सैक्यूलरवाद, तेरे नाम पर क्या क्या अपराध किए जाते हैं! (Secularism, What Crimes are Committed in Thy Name)

July 13, 2017 Chander Mohan 0

किस्सा फ्रांस की क्रांति से जुड़ा है। 1789 में जब यह शुरू हुई तो मैडम रोलांड तथा उनके पति क्रांतिकारियों के प्रमुख तथा प्रभावशाली सदस्य थे लेकिन बाद में एक उग्रवादी गुट हावी हो गया। हजारों को कैद कर लिया गया और हजारों को ही मौत के घाट उतार दिया गया। मैडम रोलांड को पर्याप्त क्रांतिकारी नहीं समझा गया और 8 नवम्बर 1793 को उन्हें सर काटने की मशीन गिलोटीन पर भेज दिया गया। जब मैडम रोलांड को ले जाया जा रहा था तो रास्ते में पेरिस के क्रांतिकारी चौराहे पर आजादी की मूर्ति लगी हुई थी। उसकी तरफ उदासी से देखते हुए मैडम रोलांड ने यह शब्द कहे जो आज तक याद किए जाते हैं, O LIBERTY WHAT  CRIMES ARE […]

1962 और 2017 (1962 and 2017)

July 6, 2017 Chander Mohan 0

भारत, भूटान तथा चीन के बीच सिक्किम के डोकलम इलाके में टकराव को लेकर चीन अधिक ही आक्रामक हो रहा है। भारत को 1962 की याद दिलवाई जा रही है। उनका मीडिया युद्ध की धमकी दे रहा है। चीन इस अति संवेदनशील क्षेत्र जहां से उत्तर पूर्व के प्रांतों से हमारा सम्पर्क टूट सकता है, पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है। डोकलम जिसे चीन डोंगलाग कहता है, के बीच चीन सड़क बनाने की कोशिश कर रहा है जिसे भारतीय सैनिकों ने रोक दिया है। ऐसी सड़क से भारत के लिए गंभीर सामरिक दुष्परिणाम निकल सकते हैं। यह 269 वर्ग किलोमीटर का सामरिक महत्व का क्षेत्र है जो भूटान का है पर चीन दावा कर रहा है। चीन का […]