असंतुलित हाथों में अमेरिका, और दुनिया, America, And World, In Unstable Hands

January 30, 2025 Chander Mohan 0

शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्वाचन पर दुनिया में इतनी खलबली मची हो जितनी डॉनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने पर मची है क्योंकि वह स्वभाव से सनकी हैं, अहंकारी है और अस्थिर हैं। और अब वह दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति बन गए है। निर्वाचित होने से लेकर अब तक वह कनाडा, चीन,भारत, पनामा, ग्रीनलैंड, ब्रिक्स देशों, डेनमार्क, मैक्सिको, रूस सब को धमकियाँ दे चुकें हैं। रोज़ाना नया निशाना ढूँढा जा रहा है। चीन को वह टैरिफ़ अर्थात् शुल्क, बढ़ाने की धमकी दे चुके हैं पर दिलचस्प है कि यह बढ़ौतरी कभी  60% बताई जाती है तो कभी 20% तो कभी 10% ! ब्रिक्स देश जिनमें भारत समेत चीन भी शामिल है, को 100 % टैरिफ़ की धमकी दी […]

गणतंत्र: उपलब्धि और चुनौती, Republic: Achievements And Challenges

January 23, 2025 Chander Mohan 0

गणतंत्र की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।  यह एक महत्वपूर्ण मील पत्थर है क्योंकि आज़ादी के समय चर्चिल समेंत बहुत लोगों ने भविष्य वाणी की थी कि कुछ ही समय में हमारा अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और ‘लड़ाई झगड़ें में लुप्त हो जाएगा’। हमने न केवल हमारे अशुभ की कामना करने वालों को ग़लत साबित कर दिया बल्कि अस्थिरता के समुद्र में स्थिरता और प्रगति की मिसाल क़ायम कर दी। भारत लोकतांत्रिक देश है जबकि हमारे चारों तरफ़ देश या तानाशाही बन चुकें हैं या सैनिक शासन क़ायम है या भारी उथल-पुथल से गुजर रहें हैं। यहाँ हर चुनाव ने लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत किया है। दोनों शासक और शासित समझतें हैं कि यह देश केवल […]

क्या राजधानी बदलनी चाहिए ?, Should The Capital Be Shifted?

January 15, 2025 Chander Mohan 0

                चेहरे पर सारे शहर के गर्द-ए-मलाल है                 जो दिल का हाल है, वहीं दिल्ली का हाल है                             —मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद शशि थरूर का सुझाव है कि राजधानी दिल्ली से बदल कर किसी और जगह ले जानी चीहिए। कुछ समय पहले एक पोस्ट में वह लिखतें हैं, “दिल्ली सरकारी तौर पर दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है…2015 से कुछ एक्सपर्ट ठीक करने की कोशिश कर रहें हैं पर उन्होंने हाथ खड़े कर दिए हैं क्योंकि ‘कुछ नहीं बदलता और किसी को परवाह नहीं’…नवम्बर से लेकर जनवरी तक यह शहर रहने लायक़ नहीं रहता और बाक़ी साल मुश्किल से जीने लायक़ रहता है”। फिर वह बड़ा सवाल करतें हैं, “क्या इसे राजधानी रहना भी चाहिए”? बहुत कड़वा पर सार्थक […]

सरकारी उपेक्षा और लोगों की बेरुख़ी का शिकार टूरिस्ट सेक्टर, Tourism – Victim of Government apathy and people’s disinterest

January 9, 2025 Chander Mohan 0

1 जनवरी को धर्मशाला के गग्गल हवाई अड्डे से दिल्ली का हवाई जहाज़ का किराया 18000 रूपए था जबकि दिल्ली- बैंकॉक, दिल्ली-कोलम्बो, दिल्ली – कुआलालम्पुर का इकानिमी क्लास का किराया 10000-12000 रूपए तक है। हवाई कम्पनियाँ जानती है कि नव वर्ष के अगले ही दिन लोगों को काम पर लौटना है इसलिए धर्मशाला- दिल्ली का किराया इतना अधिक  था। कई बार हम देख चुकें हैं कि जब भी माँग अधिक होती है तो हवाई कम्पनियाँ किराया बेहतहाशा बढ़ा देती है। कोविड के बाद कई बार तो दिल्ली- मुम्बई का हवाई किराया 20000 रूपए तक को पार कर चुका था। यात्रियों की मजबूरी के इस शोषण पर शिकायतों के बावजूद सरकार ख़ामोश रहती है। एक तरफ़ प्रधानमंत्री कह चुकें हैं कि […]

डा. मनमोहन सिंह को सही श्रद्धांजलि, Right Tribute To Dr. Manmohan Singh

January 1, 2025 Chander Mohan 0

ज़िन्दगी में बड़ी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार कि पर्दा गिरने के बाद भी तालियाँ बजती रहें डा. मनमोहन सिंह के निधन पर देश भर से शोक का जो सैलाब उठा है वह बताता है कि देश सौम्य, सादा, ईमानदार,विनम्र और असाधारण प्रतिभा सम्पन्न इस नेता की कितनी इज़्ज़त करता है। वह सचमुच राजनीतिक नेताओं की दुर्लभ प्रजाति के सदस्य थे। सार्वजनिक जीवन में अच्छाई के प्रतीक। उनका सादा जीवन आजकल के तडक भड़क युग में अपवाद लगता है। इस शांत व्यक्ति ने बिना श्रेय लिए ऐसे नीति परिवर्तन किए जिसने देश का पथ बहुत ऊँचा कर दिया। इसी परिवर्तन का लाभ वर्तमान और आने वाली सरकारें उठा रहीं हैं और उठाती रहेंगी। उनके मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने […]