किंग ओबामा से फरियाद

July 30, 2013 Chander Mohan 1

किंग ओबामा से फरियाद समाचार है कि एक अमेरिकी फोरंसिक विशेषज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भेजे गए उस पत्र को असली करार दिया है जिसमें हमारे 65 सांसदों ने ओबामा से अनुरोध किया था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका का वीजा इंकार करने के निर्णय पर पुनर्विचार न किया जाए। सांसद मुहम्मद अदीब ने यह पत्र 21 जुलाई को ओबामा को फैक्स किया था। मोदी को 2005 में अमेरिका का वीजा मना किया गया था। उनके मौजूद वीजा को भी अमेरिका के उस कानून के अंतर्गत रद्द किया गया था जो उन विदेशी अधिकारियों को अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य करार देता है जो ‘धार्मिक आजादी के कठोर उल्लंघन के लिए जिम्मेवार हों या जिन्होंने […]

जिस देश में गंगा बहती है

July 25, 2013 Chander Mohan 2

जिस देश में गंगा बहती है बिहार में छपरा की दर्दनाक घटना जहां जहरीले सरकारी मिड डे मील खाने से 23 बच्चे मारे गए के बाद देश भर से  खबरें मिल रही हैं जहां बच्चों को दूषित भोजन परोसा गया। अमृतसर में ऐसे भोजन में कीड़े मिले तो पुणे में आयरन की गोलियां खाकर 132 बच्चे बीमार हो गए। तमिलनाडु, गोवा, दिल्ली, चेन्नई सब जगहों से ऐसी चिंताजनक खबरें मिल रही हैं। मरी हुई छिपकली, सांप, मेंढक सब मिल चुके हैं। कीटनाशक आम मिल रहे हैं। राजस्थान में तैयार किए गए भोजन से मरा हुआ सांप निकल चुका है। हरियाणा जैसे प्रगतिशील प्रांत में 2011 में कुरूक्षेत्र में तीन गांवों में 100 बच्चे बीमार पड़ चुके हैं। मध्यप्रदेश में 4 […]

धार्मिक पर्यटन पर नियंत्रण चाहिए

July 10, 2013 Chander Mohan 2

धार्मिक पर्यटन पर नियंत्रण चाहिए क्या उत्तराखंड की तबाही रुक सकती थी? हम बादल फटने को रोक नहीं सकते, मूसलाधार लगातार बारिश को रोक नहीं सकते, भूस्खलन को रोक नहीं सकते पर निश्चित तौर पर  तबाही को कम कर सकते हैं। हमने अपने पहाड़ों के साथ पाप किया है जिसका खामियाजा हम भुगत रहे हैं। रोजगार तथा राजस्व के लिए विकास चाहिए लेकिन यहां अनियंत्रित विकास हो रहा है। जब सड़कें निकलती हैं, डैम बनाए जाते हैं, पहाड़ों से सुरंगे निकलती हैं, वन काटे जाते हैं, निर्माण होता है तो इसकी कीमत तो एक दिन चुकानी पड़ती है। उस क्षेत्र में 1978 में बाढ़ आई थी। फिर 27 वर्ष के बाद 2005 में बाढ़ आई। उसके बाद से तीन बड़ी […]

हिन्दी-जापानी भाई-भाई!!

July 4, 2013 Chander Mohan 9

हिन्दी-जापानी भाई-भाई!! प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सफल जापान यात्रा से चीन असामान्य तौर पर उत्तेजित और अप्रसन्न हैं। हमें तो बताया गया कि चीनी प्रधानमंत्री ली कुचियांग की भारत यात्रा एक चमत्कार थी और ऐसे और चमत्कार भविष्य में भी होंगे पर जापान के नेताओं को ‘मामूली सेंधमार’ कहा जा रहा है जो भारत-चीन संबंधों में खलल डाल रहे हैं। चीन के प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले लद्दाख में दोनों देशों की सेना के आमने-सामने आने पर चाइना डेली का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने इसे बहुत बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया पर दोनों देशों ने बहुत कम समय में इसका समाधान ढूंढ लिया। लेकिन यह ही तो मुद्दा है। ली ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को […]

दिल बहलाने को ख्याल अच्छा है!

July 4, 2013 Chander Mohan 1

दिल बहलाने को ख्याल अच्छा है! नीतीश कुमार एनडीए छोड़ गए हैं। अपने ‘नरेंद्रभाई’ से अब उन्हें अलर्जी है। जब 2002 में गुजरात के दंगे हुए थे तो नीतीश कुमार एनडीए के रेलमंत्री थे। उस वक्त उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। बाद में भाजपा के साथ गठबंधन कर वे मुख्यमंत्री बन गए। कोई तकलीफ नहीं हुई। 2003 में उन्हें मोदी से गुजरात से बाहर निकलने का आग्रह किया पर अब अचानक इन्हीं मोदी को वे बर्दाश्त नहीं कर रहे। ऐसी पाखंडी हमारी राजनीति है। पूर्व के प्रांतो की शिकायत है कि वे पिछड़े हैं। पर अगर ‘बीमारू’ मध्यप्रदेश 2012-13 में देश में सर्वश्रेष्ठ विकास की दर 10.02 प्राप्त सकता है तो पूर्व के प्रदेश क्यों नहीं कर सकते? इसका कारण है […]

जमाना बेताब है करवट बदलने को!

July 4, 2013 Chander Mohan 0

जमाना बेताब है करवट बदलने को! भाजपा के भीष्म पितामह ने अपना अंतिम बाण चला दिया। उन्होंने इस्तीफ दे दिया। लेकिन वे भी देख रहे होंगे कि यह बाण कहीं लगा नहीं। मीडिया में हलचल के बावजूद पार्टी अब अपनी दिशा बदलने के लिए तैयार नहीं। संसदीय बोर्ड ने भी उन्हें मार्गदर्शन तथा सलाह देने का आग्रह किया है किसी ने यह नहीं कहा कि पितामह! बाणशैय्या से उठिए और 2014 के युद्ध में हमारा नेतृत्व कीजिए! भाजपा ने अपना भविष्य तय कर लिया है, और आडवाणी उसका हिस्सा नहीं हैं। इस जगह तक पार्टी को पहुंचाने में आडवाणीजी की बड़ी भूमिका है। भाजपा के जितने नेता हैं, नरेंद्र मोदी समेत, उन सबको एक प्रकार से उन्होंने उंगली पकड़ कर […]