कश्मीर, कहाँ शुरू कहाँ ख़त्म Kashmir, When will Peace Return

August 13, 2020 Chander Mohan 0

इस साल के शुरू में मैंने एक ख़ुशनुमा सप्ताह केरल में गुज़ारा था। कुछ ख़रीदारी के लिए जब एक दुकान में गया तो कश्मीरी दुकानदार ने मेरा स्वागत यह कह कर किया, “बहुत ख़ुशी है कि आप हमारी आज़ादी की स्टरगल(संघर्ष) का समर्थन कर रहे हो”। दंग, मैं बाहर आ गया। कहाँ कश्मीर और कहाँ  दूर कोच्चि। पर यहाँ भी यह कश्मीरी अपनी कथित आज़ादी का रोना रो रहा था। ऐसा अनुभव देश में सब ने किया होगा जिनका किसी न किसी कश्मीरी से पाला पड़ा हो। केरल वाला प्रसंग मुझे फिर याद आया जब केन्द्र द्वारा धारा 370 तथा 35ऐ हटाए जाने तथा प्रदेश को दो केन्द्रीय शासित क्षेत्रों में बदलने पर उमर अब्दुल्ला ने यह शिकायत की, “जम्मू […]

अयोध्या में राष्ट्रीय मंदिर National Temple in Ayodhya

August 6, 2020 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम जन्म स्थल पर मंदिर की आधारशिला रखने के साथ ही हमारे इतिहास का एक कटुता भरा और कष्टदायक अध्याय समाप्त हुआ। कई शताब्दियों की प्रतीक्षा पूर्ण हुई। लम्बे संघर्ष,असंख्य बलिदानों और अनावश्यक रूकावटों के बाद पूरी मर्यादा के साथ मर्यादा पुरूषोत्तम के जन्म स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। मंदिर का निर्माण भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद किया जारहा है तब तक दूसरे पक्ष की हर क़ानूनी अड़चन का धैर्य से सामना किया गया। और यह भी सराहनीय है कि कोई विजयोंल्लास नही, कोई घमंड नही, किसी के प्रति नफ़रत नही और पूरीसद्भावना के साथ मंदिर का निर्माण होने जा रहा है।  भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, विशेष […]

एक अकेला इस शहर में Lonely in A Crowd: Sushant’s Suicide

July 30, 2020 Chander Mohan 0

मैं फ़िल्में कम देखता हूँ। सुशांत सिंह राजपूत की पहली फ़िल्म ‘काय पो छे’ देखी थी।  फ़िल्म दिलचस्प थी और सुशांत की अदाकारी प्रभावशाली थी। समझा गया कि बालीवुड को एक और स्टार मिल गया। हैंडसम और प्रतिभाशाली। यह भी संतोष से देखा गया कि महेन्द्र सिंह धोनी की तरह एक छोटे शहर से निकला नौजवान राष्ट्रीय आकाश पर चमका है। एक रियैलिटी शो में भी उसे देखा जहाँ लगा कि उसका दिल इसमें नहीं है। शारीरिक तौर पर वह उपस्थित है पर मानसिक तौर पर कहीं और है। फिर जब घर में फंदा लगा कर उसके आत्म हत्या करने के बारे सुना तो गहरा दुख हुआ। एक सितारा टूट गया। उसके बाद बहुत असुखद विवाद खड़ा हो गया  जो […]

निर्लज्ज राजनीति Our Shameless Politics

July 23, 2020 Chander Mohan 0

सचिन पायलट की उड़ान आकाश मे अटकी हुई है अभी लैंडिंग नही मिल रही। उनकी राजनीतिक फ़्लाइट का कुछ भी हश्र हो  इसने हमें एक बार फिर याद करवा दिया कि हमारे नेता कितने स्वार्थी, अवसरवादी और ग़ैर ज़िम्मेदार हो सकते हैं। जिस वक़्त देश का  सारा ध्यान चीन से उत्पन्न वायरस और सीमा पर चीन की दादागिरी पर होना चाहिए हम राजस्थान का बेशर्म राजनीतिक तमाशा और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में  चुनावी दंगल की तैयारी देख रहें हैं। ऐसे भद्दे दृश्य हम पहले भी देख चुकें हैं और हाल में मध्य प्रदेश मे देख कर हटें हैं। उसी तरह भेड़ बकरियों की तरह ‘माननीय’ विधायकों को होटलों में हाँका जा रहा है। बाहर पुलिस है, गेट बंद है, […]

मोदीजी, एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाहिए Need Another Surgical Strike

July 16, 2020 Chander Mohan 0

‘विकास दुबे कानपुर वाला’ की 30 वर्ष लम्बी कुख्यात यात्रा और उज्जैन में उसकी कथित गिरफ़्तारी तथा रास्ते में उसका कथित एंकाउंटर कई सवाल छोड़ गया है। जिस अपराधी को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश तथा पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस चौकस थी वह एक हज़ार किलोमीटर दूर उज्जैन कैसे पहुँच गया? उसे हथकडी क्यों नहीं पहनाई गई? कार कैसे पलट गई? रास्ते में कार क्यों बदली गई? और भी कई सवाल हैं लेकिन यह उल्लेखनीय है कि उसकी मौत पर लोग संतुष्ट हैं। उमा भारती ने बधाई दी है। जिन पुलिस अफ़सरों ने यह एंकाउंटर किया है उन्हें हार डाले गए हैं चाहे कई मानवाधिकार वाले परेशान है। यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है किजिन्होंने विकास दुबे की मदद की यहां […]

अध्यापक के बिना अध्यापन नहीं (No Teaching Without Teacher)

July 9, 2020 Chander Mohan 0

लगभग हर क्षेत्र की तरह चीन से उत्पन्न वायरस ने शिक्षा के क्षेत्र को भी अस्त व्यस्त कर दिया है। यूनेस्को के अनुसार दुनिया के 186 देशों के 120 करोड़ बच्चे कक्षाओं से बाहर हैं और जीवन में आए इस उथल पुथल से परेशान है। पिछले महीने की युनिसैफ की रिपोर्ट के अनुसार यह महामारी  दक्षिण एशिया के बच्चों की ज़िन्दगी और भविष्य को ‘फाड़ रही है’। बच्चे, उनके पेरंटस और सरकार सब असमंजस में हैं। कुछ परिक्षाओ को लेकर अनिश्चितता है न  ही मालूम है कि शिक्षा संस्थान कब खुलेंगे?  फ़ीस को ले कर भी काफ़ी हंगामा हो चुका है। पेरंटस चाहतें हैं कि उनके बच्चे बढ़िया संस्थानों में पढ़ें। कई निजी स्कूल एयरकंडीशन्ड हो गए।स्कूल ऑन लाइन हो […]