राजनीति या रियलिटी शो

December 20, 2013 Chander Mohan 0

राजनीति या रियालिटी शो? 46 वर्ष के बाद देश को लोकपाल मिलने वाला है। पहली बार प्रधानमंत्री, मंत्रीगण, सांसद बड़े अफसर अब जांच तथा निगरानी के दायरे में आ जाएंगे। आशा है कि इससे भ्रष्टाचार में कुछ कमी आएगी। अन्ना हज़ारे का भी मानना है कि इससे पचास प्रतिशत भ्रष्टाचार कम होगा। जिन्होंने पैसे बनाने हैं वे निश्चित तौर पर नए रास्ते ढूंढ निकालेंगे लेकिन अब उन पर कुछ अंकुश लगेगा। अफसरशाही भी इसके शिकंजे में आ जाएंगी जिसका अपना सकरात्मक असर होगा क्योंकि इस वक्त अफसरशाही पीछे से तारें खींचती है। अरविंद केजरीवाल इस लोकपाल से संतुष्ट नहीं। वह इसे ‘जोकपाल’ अर्थात् मज़ाक का मामला कहते हैं लेकिन निश्चित तौर पर यह बड़ा कदम है। जो कमियां रह गई […]

मोदी ही विकल्प हैं

December 18, 2013 Chander Mohan 1

मोदी ही विकल्प हैं हिंदी क्षेत्र में इन चार विधानसभाओं के परिणाम राजनीति को बदल डालेंगे। नए सहयोगी तो कहां मिलेंगे जो कांग्रेस के साथ हैं वे भी बिदक सकते हैं। मौसम के मुर्गे शरद पवार ने आने वाले तूफान का संकेत दे ही दिया। नेतृत्व के लिए यह भी बड़ा संकट है कि  पार्टी के अंदर हाहाकार मच गया है। अलग तेलंगाना का विरोध कर रहे कांग्रेस के छ: सांसदों ने ही अपनी ही सरकार के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव का नोटिस दिया है। अगर मैं गलत नहीं तो देश के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। इस सबका परिणाम होगा कि सरकार के लिए काम करना और मुश्किल हो जाएगा। अंतिम समय में तो वैसे […]

दो पंजाब

December 16, 2013 Chander Mohan 0

दो पंजाब पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के छोटे भाई हैं और उनकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग में नम्बर दो हैं, आजकल भारत की यात्रा पर हैं। दोनों पंजाब में बहुत सांझ है। धर्म को छोड़  कर लगभग हर चीज एक जैसी है, भाषा, खान-पान, रहन-सहन काफी मिलता है। इसीलिए भारत में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो पाकिस्तान के पंजाब के बारे बहुत रोमानी हैं, भावना में बहने को तैयार हैं। हमारे प्रधानमंत्री भी इनमें शामिल हैं। वे पाकिस्तान की यात्रा करना चाहते हैं पर हालात ऐसे हैं कि जा नहीं सके। पंजाब के नेता भी पाकिस्तानी पंजाब के बारे बहुत भावनात्मक हैं। कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने भी दोस्ती का बहुत प्रयास किया […]

अविश्वास मत पारित

December 11, 2013 Chander Mohan 0

अविश्वास मत पारित ए खाक नशीनो उठ बैठो वह वक्त करीब है आ पहुंचा, जब तख्त गिराए जाएंगे जब ताज़ उछाले जाएंगे! हवा का रुख 17 नवम्बर को दिल्ली के दक्षिणपुरी विधानसभा क्षेत्र से मिल गया था। जैसे ही राहुल गांधी बोलने के लिये उठे लोगों ने बाहर निकलना शुरू कर दिया। उसके बाद से राहुल गांधी तथा सोनिया गांधी दिल्ली के चुनाव अभियान से लगभग लापता रहे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मैदान में उतारा ही नहीं गया। इन लोगों ने समझा था कि वे कुछ भी करते जाएं लोग बर्दाश्त करते जाएंगे। लोगों को बताते रहे कि ‘हमने’  दिल्ली से पैसा भेजा था पर नरेन्द्र मोदी के कटाक्ष कि ‘पैसा आपके मामा का था?’ ने लोगों की भावना को […]

एक विवादास्पद और अनावश्यक कवायद

December 7, 2013 Chander Mohan 0

एक विवादास्पद और अनावश्यक कवायद सरकार ने विवादास्पद सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक में कुछ फेरबदल करने का फैसला किया है। पहले हिंसा के लिए बहुसंख्यकों को जिम्मेवार ठहराए जाने का प्रावधान था अब यह विधेयक विभिन्न सांप्रदायिकों, समूहों या समुदाय के बीच तटस्थ रहेगा। इससे पहले विधेयक में स्पष्ट उल्लेख था कि दंगों का दायित्व बहुसंख्यक समुदाय पर होगा। अर्थात् कहीं भी दंगा होगा तो इसके लिए हिन्दू समुदाय को ही जिम्मेवार ठहराया जाना था। इसी से इस सरकार की घटिया और संकीर्ण मानसिकता स्पष्ट होती है। चुनाव से पहले प्रयास सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का था जो उलटा पड़ गया है। कानून का सिद्धांत है कि इसके आगे सब बराबर हैं। इस विधेयक के मूल प्रावधानों में इस सिद्धांत का शीर्षासन […]

एक बीमार समाज के लक्षण

December 4, 2013 Chander Mohan 0

एक बीमार समाज के लक्षण तहलका का पूर्व संपादक तरुण तेजपाल इस वक्त गोवा की उस पंखे के बिना कोठरी में रह रहा है जहां उसके साथी कुछ वे भी हैं जिन पर हत्या के मामले चल रहे हैं। यह कोठरी तेजपाल को जरूर उस चमचमाते ग्रैंड हयात होटल से बहुत अलग लगी होगी जहां उसने एक लड़की पर यौन हमला किया था। यह वह शख्स है जिसे एक प्रतिभाशाली और कुशाग्रबुद्धि वाला प्रतिष्ठित संपादक समझ जाता था जो विशेष तौर पर महिलाओं के मामलों में मुखर रहता था।  पर पीड़िता द्वारा उसे लिखे ये शब्द की वह ‘मेरे पिता का पूर्व साथी तथा दोस्त है, मेरी सहेली का पिता है और वह व्यक्ति है जिसका मैं दिल से कई […]