क्या हमने जल्दबाज़ी दिखाई ?, Deal: Time To Reconsider?

February 26, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्र्मप को भारी झटका देते हुए वहाँ की सुप्रीम कोर्ट ने उनके द्वारा दुनिया भर पर लादे गए टैरिफ़ को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया। अदालत का कहना है कि उनका संविधान टैरिफ़ लगाने का अधिकार उनकी कांग्रेस (संसद) को देता है, कार्यपालिका को नहीं। अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति और उस देश के संस्थापकों में से एक थॉमस जैफरसन ने कहा था, “अगर हम सत्ताधारी लोगों को शरारत करने से रोकना चाहतें हैं तो उन्हें संविधान की ज़ंजीरों में बाँध देना चाहिए”।आदत के अनुसार ट्रम्प ख़ूब भड़क रहें हैं और यहाँ तक कह दिया कि यह फ़ैसला ‘शर्मनाक’ है और जजों ने देशहित के खिलाफ काम किया है। बड़ा मसला रिफंड का बनता है […]

दोराहे पर बांग्लादेश, India-Bangladesh Relations Need A Reset

February 19, 2026 Chander Mohan 0

बांग्लादेश नैशनल पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान, जो बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने है का कहना है कि उनकी पार्टी की विदेश नीति बांग्लादेश के हितों पर आधारित होगी। हाल के चुनाव में उनकी बीएनपी को दो तिहाई से अधिक बहुमत मिला है और मुख्य विपक्षी पार्टी जमात ए इस्लामी काफ़ी पीछे रह गई है। पाकिस्तान से अलग बांग्लादेश की सेना ने चुनाव में दिलचस्पी नहीं दिखाई और न ही यह प्रभाव दिया कि वह किसी विशेष उम्मीदवार का समर्थन करते हैं। रहमान की जीत पर भारत को राहत होगी क्योंकि हम कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी को पसंद नहीं करते। प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को तत्काल बधाई दे दी है। तारिक रहमान […]

क्या उचित, क्या अनुचित, What Is ‘Uchit’, What Is Not

February 12, 2026 Chander Mohan 0

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकंद नरवणे की अप्रकाशित किताब फ़ोर स्टारज़ ऑफ डेसटिनी को लेकर  संसद में खूब हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी विशेष तौर पर बहुत उत्तेजित हैं। वह किताब पर चर्चा की ज़िद्द कर रहे हैं जबकि सत्तापक्ष भी अड़ गया है कि क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई, इसलिए उस पर बहस नहीं हो सकती। राहुल गांधी ने संसद के बाहर ‘किताब’ की कापी पत्रकारों को दिखा भी दी पर यह बाज़ार में नहीं आई क्योंकि रक्षा मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी। लेकिन इसके कुछ अंश एक पत्रिका में छप चुकें हैं और इसका पीडीएफ़ उपलब्ध बताया जाता है। जनरल नरवणे ने इस बात का प्रतिवाद नहीं किया कि उन्होंने यह किताब लिखी है। […]

हमारी ज़िन्दगी कब सुधरेगी?, When Will Our Lives Improve?

February 5, 2026 Chander Mohan 0

निर्मला जी ने एक और बजट पेश कर दिया। यह उनका लगातार 9वां बजट था। उनसे अधिक केवल मोरारजी देसाईं ने 10 बजट पेश किए थे, पर वह लगातार नहीं थे। मैं अर्थ शास्त्री नही हूँ इसलिए बजट के गुण दोष पर टिप्पणी नहीं कर रहा। यह नोट किया गया है कि वर्तमान वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था 7.4% की अच्छी दर से तरक़्क़ी करेगी। हम चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और कुछ सालों में जर्मनी को पछाड़ कर हम तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। यह उस देश के लिए मामूली उपलब्धि नही है जो कभी अपने लोगों का पेट भरने के लिए अमेरिका से PL-480 कार्यक्रम के अधीन अनाज के लिए निर्भर था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने […]

प्रियंका गांधी: संस्करण 2, Can Priyanka Be The Alternative?

January 29, 2026 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना बॉस कहा है। भाजपा में कौन ‘बॉस’ है यह सब जानते है, पर यह तो मानना पड़ेगा कि 45 वर्ष के नितिन नबीन को अध्यक्ष बना कर भाजपा के हाईकमान ने एक बार फिर प्रदर्शित कर दिया कि वह लगातार पार्टी का नवीनीकरण करते जातें हैं। पार्टी पुराने घिसे पिटे नेताओं के बल पर आश्रित नहीं रहती, जैसे कांग्रेस है या कई प्रादेशिक पारिवारिक पार्टियाँ हैं। झोले से अचानक ऐसा नाम निकाला जाता है कि लोग दंग रह जातें हैं। वह पाँच बार विधायक चुने जा चुके हैं और नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं। उनके चुनाव से संदेश है कि भाजपा मेरिट को डाइनेस्टी पर […]

‘बाम्बे’ मुम्बई बन गया, सिंगापुर या हांगकांग न बन सका, Mumbai And Its Contradictions

January 22, 2026 Chander Mohan 0

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय के चुनाव परिणाम बता गए हैं कि इस समय देश में भाजपा का कोई मुक़ाबला नहीं है। न वह नेतृत्व किसी के पास है और न ही वह संगठन, और न ही वह पैसा। 2024 के आम चुनाव में भाजपा  बहुमत के नीचे आ गई थी, उससे वह उभर चुकी है। एक के बाद एक वह महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार के विधानसभा चुनाव अच्छी तरह जीत गई थी। विपक्ष, विशेष तौर पर राहुल गांधी, ‘वोट चोरी’ की शिकायत करते रहे पर कोई सुनता नहीं। लोग समझतें हैं कि छोटी मोटी धांधली तो हो सकती है, पर इतने व्यापक स्तर पर नहीं कि वह चुनाव परिणाम ही उलट दे। महाराष्ट्र के चुनाव से पहले दक्षिण से एक […]