दो अंतहीन युद्ध, Wars With No End In Sight

August 6, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका के राष्ट्रपति डानल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर प्रस्तावित हमले को रोक दिया है। उनका कहना है कि ऐसा उन्होंने मध्य पूर्व के साथी देशों और ईरान के अनुरोध पर किया है। ईरान इस बात का प्रतिवाद करता है कि उन्होंने ऐसा कोई अनुरोध किया है। पर खाड़ी के देश निश्चित तौर पर चाहतें हैं कि युद्ध ख़त्म हो जाए या कम से कम और न भड़के। मामला होर्मुज को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर अड़ा हुआ है। दूसरी तरफ़ रूस-युक्रेन युद्ध अब छठे साल में प्रवेश कर गया है जो प्रथम विश्व युद्ध से भी अधिक लम्बा चल चुका है। ट्रम्प की ही तरह पुतिन भी ग़लतफ़हमी का शिकार हो गए […]

क्या अमेरिका की ताक़त उतार पर है? America’s Power Waning?

April 16, 2026 Chander Mohan 0

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे की वार्ता बेनतीजा रही। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध ख़त्म होना चाहिए नहीं तो बहुत तबाही होगी। करोड़ों लोगों का रोज़गार और वैश्विक अर्थव्यवस्था का भविष्य इस क्षेत्र में शान्ति पर निर्भर है। हार्मुज जलमार्ग, परमाणु कार्यक्रम, लेबनान आदि मसलों को लेकर मतभेद ख़त्म नहीं हुए। ईरान के फ़्रीज़ की हुई अरबों डालर की जायदाद को खोलने की ईरान की माँग भी है। वह चाहतें हैं कि उन पर लगे प्रतिबंध वापिस लिए जाएँ। वार्ता क्यों असफल रही वह लेख का विषय नहीं है। यह वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान ने अमेरिका को शीशा दिखा दिया। जिस देश की सभ्यता को रातोंरात नष्ट करने की अमेरिका के […]

एक बेमतलब,बेमक़सद युद्ध में विराम, Cease Fire In Aimless Pointless War

April 9, 2026 Chander Mohan 0

ईरान युद्ध में दो सप्ताह का विराम हो गया है। हमले रूक रहें हैं और होर्मुज का जलमार्ग खुल जाएगा। यह शुभ समाचार है। मार्च के पहले सप्ताह में मैंने इस युद्ध को ‘बेमतलब, बेमक़सद’ कहा था। बात वही है। इतनी तबाही से मिला क्या? ट्रम्प ने ‘रिजीम चेंज’ और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रद्द करने का लक्ष्य बताया था। 40 दिन की बमबारी के बाद वहाँ वही शासन है और ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम उन्हीं के पास है। अब फोक्स हार्मुज पर है। युद्ध से पहले यह जलमार्ग खुला था। इस युद्ध ने इसका नियंत्रण ईरान को दे दिया। ईरान के पास वह हथियार आगया जो परमाणु अस्त्रों से भी अधिक घातक है। जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ फरीद ज़कारिया […]

यह युद्ध का युग नही है, This Not Era of War

March 19, 2026 Chander Mohan 0

डवाइट डी.आइज़नहॉवर जो द्वितीय विश्वयुद्ध में योरूप में सुप्रीम कमांडर थे और बाद में अमेरिका के 34वें राष्ट्रपति बने ने कहा था, “मैं युद्ध से नफ़रत करता हूँ क्योंकि मैंने उसका अनुभव किया है। मैंने उसकी क्रूरता, निरर्थकता और मूर्खता देखी है”। आज जबकि एक और अमेरिकी राष्ट्रपति ने मध्यपूर्व में एक और युद्ध शुरू कर दिया है, आइज़नहॉवर के इन शब्दों की सार्थकता समझ आती है। ट्रम्प की मूर्खता की बात करने से पहले यह याद रखना चाहिए कि दुनिया में एक और युद्ध भी चल रहा है। चार साल पहले रूस ने युक्रेन पर हमला किया था। अनुमान है कि दोनों तरफ़ से मारे गए की संख्या 500000-600000 के क़रीब है। घायल लाखों में है। युक्रेन छोटा है […]

विदेश नीति की दिशा पर पुनर्विचार चाहिए, Foreign Policy Direction Needs Course Correction

March 12, 2026 Chander Mohan 0

अमेरिका-इज़राइल और ईरान का युद्ध हिन्द महासागर की लहरों पर सवार हो कर हमारे दरवाज़े तक पहुँच चुका है। श्रीलंका के तट से 44 नौटिकल मील दूर अमेरिका की पनडुब्बी द्वारा ईरान के युद्धपोत ‘डेना” को  टॉरपीडो से डुबोए जाने की घटना के बाद से भारत की भूमिका को लेकर देश और विदेश में बहुत चर्चा, और आलोचना, हो रही है। यह जहाज़ हमारा महमान था और विशाखापटनम में बहुराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था कि उसे डुबो दिया गया। लेकिन हम तो इस युद्ध से तब से जुड़े हुए हैं जब से प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल की यात्रा की थी। इस यात्रा की समाप्ति के कुछ ही घंटों के बाद ईरान पर हमला कर […]

बेमतलब, बेमक़सद युद्ध, Point Less, Aimless War

March 4, 2026 Chander Mohan 0

हर युद्ध का कोई मतलब होता है, कोई लक्ष्य होता है। हाल में रूस ने युक्रेन पर जो युद्ध शुरू किया है उसका मक़सद उस क्षेत्र पर क़ब्ज़ा करना है जिस में रूसी बोलने वाले लोग रहतें हैं और जो रूसी साम्राज्य का हिस्सा रहा है। अमेरिका ने भी जब जब विभिन्न देशों पर हमले किए तो इसका औचित्य समझाने की कोशिश की थी। वियतनाम पर हमला कम्युनिस्टों को ख़त्म करने के लिए किया। इराक़ पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि, अमेरिका के अनुसार, सद्दाम हुसैन के पास सामूहिक विनाश के हथियार थे। सद्दाम मारा गया पर यह कथित हथियार नहीं मिले क्योंकि यह थे ही नही। अफ़ग़ानिस्तान पर हमला ‘आतंक को ख़त्म करने के लिए’ किया गया। हाल ही […]