इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत, और हक़ीक़त, The Reality Of Kashmir

July 1, 2021 Chander Mohan 0

5 अगस्त 2019  को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जिस तरह अभी तक  जम्मू और कश्मीर की स्थिति को सम्भाला गया वह मोदी सरकार की ‘सकसैस सटोरी’, सफलता की कहानी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अच्छा प्रशासन दिया है। हिंसा कम हुई है, पत्थरबाज़ी रूक गई है और कोविड को सम्भालने का प्रबन्ध अच्छा रहा है, जो कश्मीरी भी मानते है। फ़रवरी के बाद पाकिस्तान के साथ सीमा शान्त है। 23 महीनों के बाद जम्मू कश्मीर के नेताओं को वार्ता के लिए दिल्ली बुलाया गया है। बर्फ़ कुछ पिघली है पर अभी बहुत दूर जाना है। वास्तव में यह भी मालूम नही कि कहाँ  तक जाना है, मंज़िल क्या है? यही सवाल पूछे जाने पर डा. कर्ण सिंह […]

कश्मीर, कहाँ शुरू कहाँ ख़त्म Kashmir, When will Peace Return

August 13, 2020 Chander Mohan 0

इस साल के शुरू में मैंने एक ख़ुशनुमा सप्ताह केरल में गुज़ारा था। कुछ ख़रीदारी के लिए जब एक दुकान में गया तो कश्मीरी दुकानदार ने मेरा स्वागत यह कह कर किया, “बहुत ख़ुशी है कि आप हमारी आज़ादी की स्टरगल(संघर्ष) का समर्थन कर रहे हो”। दंग, मैं बाहर आ गया। कहाँ कश्मीर और कहाँ  दूर कोच्चि। पर यहाँ भी यह कश्मीरी अपनी कथित आज़ादी का रोना रो रहा था। ऐसा अनुभव देश में सब ने किया होगा जिनका किसी न किसी कश्मीरी से पाला पड़ा हो। केरल वाला प्रसंग मुझे फिर याद आया जब केन्द्र द्वारा धारा 370 तथा 35ऐ हटाए जाने तथा प्रदेश को दो केन्द्रीय शासित क्षेत्रों में बदलने पर उमर अब्दुल्ला ने यह शिकायत की, “जम्मू […]

तल्ख थे, तल्ख रहेंगे (India-China, Tense Relationship)

October 10, 2019 Chander Mohan 0

अमेरिका के पूर्व विदेशमंत्री हैनरी किसिंजर ने चीन के नेतृत्व के बारे अपनी किताब  ‘ऑन चायना’ में लिखा था,  “वह सौदेबाजी या वार्ता को विशेष महत्व नहीं देते… वह नहीं समझते कि व्यक्तिगत संबंध का फैसलों पर विशेष असर पड़ता है चाहे वह व्यक्तिगत संबंधों के द्वारा अपने प्रयासों को बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।” अब जबकि चेन्नई के पास प्राचीन मंदिरों के शहर मामल्लापुरम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा चीन के राष्ट्रपति जी जिनपिंग एक बार फिर मिल रहे हैं, आशा है कि हमारे प्रधानमंत्री किसिंजर की इस समझदार राय को याद रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी पहले शी जिनपिंग का अहमदाबाद में सागरमती के किनारे स्वागत कर चुके हैं। पिछले साल दोनों चीन के खूबसूरत शहर वुहान […]

इमरान खान की नपुंसक गर्जन (Imran Khan’s Impotent Rage)

September 19, 2019 Chander Mohan 0

कहते हैं  ‘इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया वरना हम भी आदमी थे काम के।’  जिस तरह इमरान खान आज-कल बड़बड़ा रहें उन्हें न केवल इश्क बल्कि राजनीति ने भी बिल्कुल निकम्मा कर दिया लगता है। इश्क में तो वह कप्तान रहें ही हैं! हाल ही के कुछ सप्ताहों में वह भारत के प्रधानमंत्री तथा भारत के नेतृत्व को  ‘कायर’ ,  ‘हिटलर’ ,  ‘नाजी’, ‘फासीवादी’,  ‘मुस्लिम विरोधी’ कई प्रकार की गालियां निकाल चुके हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना भारत से मुसलमानों के  ‘नस्ली सफाए’ की है। यह उस देश का नेता कह रहा है जहां अल्पसंख्यक धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने खुद को  ‘कश्मीर का अम्बैसेडर’ घोषित कर दिया है। उन्हें यह भी […]

मोदी का दाव और इमरान की बेबसी (Aggressive Modi and Helpless Imran)

August 15, 2019 Chander Mohan 0

पाकिस्तान की संसद में भारत द्वारा धारा 370 रद्द किए जाने को लेकर तीखी बहस हो रही थी। विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान पर ताबड़तोड़ हमला कर रहा था कि उन्होंने एक बार कहा था कि  “शायद अगर भाजपा जो एक दक्षिणपंथी पार्टी है, जीत जाती है तो कश्मीर का समाधान निकल जाए”  लेकिन यहां तो नरेन्द्र मोदी ने नक्शा ही बदल डाला। इमरान खान बेबस हैं। एक बार अपनी संसद में झल्ला कर उन्होंने विपक्ष से यह सवाल जरुर कर दिया कि  “आप क्या चाहते हैं कि मैं क्या करुं? भारत पर हमला कर दूं?” यह नहीं कि इमरान खान ने खुद जंग की धमकी नहीं दी। वह संसद में कह चुके हैं कि अगर युद्ध होता है तो यह […]

जय हो! (Jai Ho)

August 8, 2019 Chander Mohan 0

यह एक एतिहासिक क्षण है। एक प्रहार से इतिहास बदल दिया गया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटा कर उसे एक सामान्य दिल्ली जैसा राज्य बना दिया गया है। अनुच्छेद धारा 370 पूरी तरह से अस्थाई थी। अम्बेदकर तो इसके बिलकुल खिलाफ थे पर शेख अब्दुल्ला के दबाव में जवाहर लाल नेहरू इसके लिए तैयार हो गए थे। वह भी चाहते थे कि समय के साथ यह प्रभावहीन हो जाए। समझा गया था कि इसके द्वारा कश्मीर का बाकी देश में भावनात्मक विलय हो जाएगा लेकिन हुआ इसका उलट। इस अनुच्छेद ने कश्मीर और बाकी देश के बीच अलंघ्य दीवार खड़ी कर जिसके भारी दुष्परिणाम निकले, देश के लिए भी और कश्मीर के लिए भी। कश्मीर की तरक्की रुक गई क्योंकि […]