गलवान के बाद भारत -चीन, India and China after Galwan

June 24, 2021 Chander Mohan 0

यह एक जानबूझकर सोची समझी उकसाहट थी। एक साल पहले पूर्वी लद्दाख में गश्त कर रही 16 बिहार रैजीमैंट की टुकड़ी जिसका नेतृत्व कर्नल संतोष बाबू कर रहे थे, पर चीनी सैनिकों ने हिंसक हमला कर दिया था। कर्नल बाबू और हमारे 19 सैनिक शहीद हुए थे। हमारे जवानों ने ज़बरदस्त मुक़ाबला किया और कई महीने  चीन ने नही बताया कि उसके कितने हताहत हुए थे। बाद में चार मारे गए स्वीकार किए जबकि अमेरिकी और रूसी ख़ुफ़िया सूत्र 35-45 हताहत बता रहें हैं। चीन के साथ टकराव चलता रहता है पर चार दशक के बाद पहली बार था कि चीनी सैनिक हमारा  ख़ून बहाने की तैयारी कर आए थे। भारत और चीन के रिश्तों में गलवान एक निर्णायक मोड़ […]

क्वैड: जाना कहाँ तक है? Quad: Past Present and Future

March 25, 2021 Chander Mohan 0

एशिया में ग्रेट गेम शुरू हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री योशिहीदे सुगा तथा आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच पहली वर्चुअल शिखिर वार्ता दुनिया और विशेष तौर पर एशिया में सामरिक संतुलन बदलने की क्षमता रखती है। ‘क्वाड’ अर्थात चतुष्कोण की बैठक में फ़ैसला लिया गया कि भारत वैक्सीन निर्यात का बड़ा केन्द्र बनेगा। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन तथा हिन्द-प्रशांत महासागर में जहाज़ों के निर्बाध आवागमन पर चारों देशों के बीच ज़बरदस्त सहमति बनी है। लेकिन असली सहमति उस देश की ब्लैकमेल को रोकने पर बनी है जिस का संयुक्त बयान मे नाम नही लिया गया, चीन। चीन के आक्रामक रवैया और हठधर्मिता से सब परेशान हैं यही […]

शी ज़िनपिंग की ‘इंडिया प्रॉब्लम’ Xi Jinping’s India Problem

December 3, 2020 Chander Mohan 0

अपनी किताब ‘द इंडिया वे ‘ में विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन के बारे लिखतें हैं, “एक समाज जिसने छल को शासन कला के उच्चतर स्तर पर पहुँचा दिया वह है चीन”। इसका उदाहरण वह  चीन की प्रसिद्ध किताब ‘बुक ऑफ़ क्वि’ में दी गई कहावतों से देतें हैं, ‘समुद्र पार करने के लिए आसमान को धोखे में रखना’, ‘पूर्व में आवाज़ कर फिर पश्चिम पर हमला करना’,‘पेड़ों को नक़ली फूलों से सजाना’ इत्यादि। जयशंकर बतातें हैं कि भारत से भिन्न चीन में इस छलकपट के बारे न कोई अपराध बोध है न कोई शंका, उलटा इसका कला के तौर पर गुणगान किया जाता है। भारत को चीन की कपट की नीति अच्छी तरह समझ आ रही है। जब वुहान […]

चीन, नेहरू और मोदी (China, Nehru and Modi)

June 25, 2020 Chander Mohan 0

दो सप्ताह पहले अपने लेख में मैंने लिखा था, “एक और भारतीय प्रधानमंत्री फेल हो रहें हैं…जिस तरह चीन अंतराष्ट्रीय मंच पर जवाहरलाल नेहरू को बर्दाश्त नही कर सका उसी तरह नरेन्द्र मोदी की अंतराष्ट्रीय पहुँच को पचा नही रहा और उसी तरह चुनौती दे रहा है”। 15-16 जून की रात को गलवान घाटी में जो हिंसक टकराव हुआ और हमारे  20 सैनिक शहीद हो गए से मेरी बात की पुष्टि हो गई कि एक और प्रधानमंत्री को चीन की तरफ़ से गम्भीर चुनौती मिल रही है। जवानों के ज़ख़्म बता रहें हैं कि उनके साथ अत्यन्त बर्बरता का सलूक किया गया जो कोई प्रोफैशनल आर्मी नही करती। इतनी क्रूरता दिखा कर चीन न केवल यह बता रहा है कि […]

क्या चीन का बहिष्कार हो सकता है? (Should We Boycott China?)

June 11, 2020 Chander Mohan 0

भारत ने चीन के साथ अगर दोस्ताना नही तो सामान्य रिश्ते रखने का भरसक प्रयास किया है लेकिन  इस मामले में एक और भारतीय प्रधानमंत्री फ़ेल हो रहें हैं। जवाहरलाल नेहरू से ले कर नरेन्द्र मोदी तक हर भारतीय प्रधानमंत्री से चीन ने दगा किया है। नरेन्द्र मोदी ने शी जिनपिंग को अहमदाबाद में साबरमती के किनारे झूला झुलाया,फिर वुहान और महाबलीपुरम में दोनों में अच्छी बातचीत हुई। हम चीन द्वारा फैलाए वायरस के मामले में ख़ामोश रहे। तायवान, हांगकांग, डब्ल्यू एच ओ सब पर हम मौनी बाबा बने रहे। पर न यह और न ही झूला या कथित वुहान स्पिरिट ही चीन को बदमाशी से रोक सकी। अनुमान है कि लद्दाख में पैंगांग झील के साथ लगते हमारे इलाक़े […]

चीन ने नेपोलियन को सही सिद्ध कर दिया (The Threat From China)

May 21, 2020 Chander Mohan 0

नेपोलियन ने एक बार कहा था, “चीन को सोने दो जब वह जाग गया तो  दुनिया को कष्ट होगा”। यह चेतावनी जो लगभग 200 वर्ष पहले दी गई थी को अधिकतर समय गम्भीरता से नही लिया गया क्योंकि चीन कई शताब्दी आंतरिक उथल पुथल, ग़रीबी और बीमारी से जूझता रहा। माऊ से-तुंग की सांस्कृतिक क्रांति में मरने वालों का अनुमान लाखों से दो करोड़ तक का है। एक समय तो यह लग रहा था कि चीन अराजकता में खो जाएगा लेकिन अब जबकि चीन एक सुपरपावर बन चुका है और उसकी आर्थिक और सैनिक ताक़त अमेरिका के बाद दूसरे नम्बर पर है, फ़्रांस के पूर्व सम्राट का कथन सही भविष्यवाणी प्रतीत होती है। चीन जाग ही नही चुका वह दहाड़ […]