कब तक? (How Long?)

September 20, 2016 Chander Mohan 0

‘‘मैं आपको विश्वास दिलवाता हूं कि मेरी अनुमति के बिना कोई अंदर नहीं आ सकेगा। यह आतंकी जो आए वह अंतिम थे।’’ -रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर, पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद 2 जनवरी को पठानकोट एयरबेस से लेकर 18 सितम्बर को उरी की 12वीं ब्रिगेड पर हुआ हमला छठा ऐसा हमला है जो सेना या अर्धसैनिक बलों पर किया गया है। सेना और अर्धसैनिक बलों के कैम्पों पर हमले हो चुके हैं। सेना के काफिलों पर हमला हो चुका है। हम सब बर्दाश्त कर गए लेकिन उरी पर हमला जिसमें अब तक 20 जवान मारे गए के बाद लै. जनरल सईद अता हसनैन जो इस ब्रिगेड के कमांडर रह चुके हैं, के शब्दों में भी, ‘इतने वर्ष पाकिस्तान हमले करता […]

मुद्दत से आरजू थी कि सीधा करे कोई! (Someone has to set them right)

August 23, 2016 Chander Mohan 0

लाल किले से अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ब्लूचिस्तान, गिलगिट तथा पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों का जिक्र करने को वाशिंगटन स्थित ब्लूच बुद्धिजीवी मलिक सिराज अकबर ने ‘एक गेम चेंजर’ कहा है अर्थात् खेल बदलने वाला। उनका कहना है कि ब्लूचिस्तान पाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वियों के लिए तैयार है जो इस्लामाबाद की फजीहत करना चाहते हैं और उसका खून बहाना चाहते हैं। यह सज्जन बहुत आगे बढ़ गए लगते हैं। यह तो सही है कि प्रधानमंत्री के कथन से खेल बदल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री के कथन का यह मतलब नहीं कि भारत वहां दखल देने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी यह संदेश अवश्य दे रहें हैं कि पाकिस्तान के बारे वह लगभग वहां तक जाने को तैयार […]

Bharat Sarkar Ki Pak Neeti kyaa he? -by Chander Mohan

March 24, 2015 Chander Mohan 0

भारत सरकार की पाक नीति क्या है? पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस पर नई दिल्ली में उनके दूतावास में आयोजित समारोह में हुर्रियत कांफ्रेंस के अलगाववादी नेताओं की मौजूदगी की भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई। भारत चाहे कश्मीर मसले के समाधान में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज करता हो पर पाकिस्तान हमें बता रहा है कि कश्मीर में उसके अपने बंदे हैं। इससे पहले सांबा तथा कठुआ में फिदायीन हमला भी यही संदेश देता है कि पाकिस्तान की कश्मीर में दखल पूरी है और वह वहां चैन नहीं होने देगा। शायद यही कारण है कि मुफ्ती मुहम्मद सईद को भी कुछ चानण हो रहा है और अफस्पा के बारे अपना रवैया नरम करते हुए अब कहना है […]