जिन्होंने ग़ाज़ा में 14000 मरने दिए उन्हें इस घोषित आतंकी की चिन्ता है!, Those Who Allowed 14000 To Be Killed In Gaza Are Worried About One Terrorist

November 30, 2023 Chander Mohan 0

ब्रिटिश अख़बार फाईनैनशल टाईम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की सरकार ने खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू जिसे भारत आतंकवादी घोषित कर चुका है, की “हत्या की साज़िश को विफल कर दिया है”, और भारत सरकार को चेतावनी दी है कि चिन्ता है कि “वह इस साज़िश में संलिपत थी”। रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में एक अपराधी के खिलाफ न्यूयार्क की ज़िला अदालत में सीलबंद केस दाखिल किया गया है। इस से पहले कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपनी संसद में बयान दे चुकें हैं कि  ‘विश्वसनीय आरोप’ हैं कि खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की वहाँ हत्या में भारत की एजेंसियाँ संलिप्त थीं। कैनेडा की सरकार ने अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं दिया जिस पर वहां स्थित हमारे राजदूत […]

इल्ज़ाम हमारा, सबूत तुम्हारे, Our Allegations: Your Proof

October 5, 2023 Chander Mohan 0

जस्टिन ट्रूडो कुछ पिघले हैं। भारत और कैनेडा के रिश्ते को इल्ज़ाम बम से तबाह करने के बाद अब उनका कहना है कि  भारत के साथ घनिष्ठ रिश्ते को लेकर वह गम्भीर हैं क्योंकि “वह देश उभर रही आर्थिक शक्ति है और महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक खिलाड़ी है”। पर जब हमें दुनिया भर में बदनाम किया गया था तब उन्हें भारत के महत्व के बारे जानकारी नहीं थी क्या? उस समय किस नशे में थे जनाब ? अब भी कहना है कि “हम यह बताना चाहते हैं कि भारत को कैनेडा के साथ मिल कर यह निश्चित करना होगा कि हम मामले की तह तक पहुँच सके”। विदेश मंत्री डा.जयशंकर बार बार कह चुकें हैं कि अगर कैनेडा कोई सबूत देगा तो […]

आंख में पानी नहीं आग भरो (It Can’t Be Left Unanswered)

February 21, 2019 Chander Mohan 0

दिल्ली के पालम हवाई अड्डे के टैक्निकल क्षेत्र में पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों के शव रखे हुए थे। उस वक्त एक चैनल ने लता मंगेशकर का मशहूर गाना लगा दिया,”ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी।“ बहुत भावुक क्षण था। विपक्ष भी पूरा सहयोग दे रहा था। पुलवामा के बाद देश बदल गया था। शोक में हम इकट्ठे थे और खून सबका खौल रहा था इसलिए मेरा मानना है कि लताजी के इस आइकानिक गाने में अब संशोधन करने की जरूरत है। आज आंख में पानी नहीं आग भरने की जरूरत है। यह 1962 का भारत नहीं जिसे चीन रौंद सका था। वह पराजय एक टूटे, कमज़ोर, बेतैयार और घबराए हुए देश की पराजय […]