तेरी बरबादियों के मशवरे है आसमानों में (Gathering Clouds)

July 20, 2017 0

महबूबा मुफ्ती के बाद ममता बैनर्जी ने भी केन्द्र को चीन के हमारे मामले में दखल के प्रति आगाह किया है। महबूबा ने तो कश्मीर में अशांति के लिए चीन को सीधा जिम्मेवार ठहराया है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले ने एक बार फिर स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। यह नहीं कि पहले हमले नहीं हुए थे। 2000 में पहलगाम में 30 यात्री मारे गए लेकिन इस बार की घटना अधिक गंभीर है क्योंकि पहले ही हालात नाजुक हैं। जम्मू-कश्मीर के आईजीपी मुन्नीर खान ने सेना, सीआरपीएफ तथा सरकार को चेतावनी दी थी कि ‘‘आतंकी गुट द्वारा सनसनीखेज हमले की संभावना को रद्द नहीं किया जा सकता।’’ इस सूचना के बाद यह हमला कैसे हो गया? सारा […]

गिल साहिब, तालियां बजती रहेंगी (Gill Sahib, You Will Be Long Remembered)

June 1, 2017 0

देश के प्रति उनकी सेवा तथा भक्ति को देखते हुए यह बहुत अफसोस की बात है कि पंजाब के पूर्व डीजीपी के.पी.एस. गिल के साथ न्याय नहीं किया गया। जितना उनका योगदान था उसे देखते हुए, वह तो किसी गायक या क्रिकेटर से अधिक ‘भारत रत्न’ के अधिकारी थे। अगर वह आगे आकर खालिस्तानी आंदोलन को कुचलते नहीं तो पंजाब शायद आज भी अशांत रहता। लेकिन मानवाधिकार वालों के शोर तथा कुछ निजी कमजोरियों के कारण के.पी.एस. गिल को जिंदगी में सही तरीके से सम्मानित नहीं किया गया पर उनकी मौत के बाद जनता की तरफ से उन्हें जो श्रद्धांजलि मिली है उससे पता चलता है कि लोग जानते हैं कि यह जांबाज पुलिस जरनैल वास्तव में राष्ट्रीय हीरो हैं। […]

वह हमारा सज्जन नहीं (He Not Our ‘Sajjan’)

April 19, 2017 0

कैनेडा के रक्षामंत्री हरजीत सिंह सज्जन ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह के इस आरोप का जवाब नहीं दिया कि वह खालिस्तानी समर्थक हैं। कैनेडा की सरकार ने अवश्य अमरेंद्र सिंह के बयान को ‘निराशाजनक’ कहा है जबकि सज्जन का कहना है कि उनका सारा ध्यान भारत तथा कैनेडा के रिश्तों को मज़बूत करने पर ही लगेगा। लेकिन उल्लेखनीय है कि वहां खालिस्तान समर्थकों पर रोक लगाने का कैनेडा की सरकार ने कभी प्रयास नहीं किया। लेकिन उनकी यात्रा विवाद में तो आ गई है क्योंकि अमरेंद्र सिंह ने सज्जन की पंजाब यात्रा के दौरान उनसे मिलने से इंकार कर दिया है। पंजाब में आमतौर से यह परम्परा रही है कि जो पंजाबी मूल के बड़े लोग अमेरिका या कैनेडा […]

कट्टरवाद का कैदी कश्मीर (Kashmir Prisoner of Extremism)

November 22, 2016 0

जम्मू-कश्मीर स्कूल बोर्र्ड की दसवींं की परीक्षा में 99 प्रतिशत बच्चोंं ने हिस्सा लिया। इतनी अच्छी उपस्थिति तो यहां भी नहीं मिलती। एक-दो जगह शरारतियों ने पथराव का प्रयास किया था लेकिन अब वह भी खामोश हो गए क्योंकि स्पष्ट हो गया कि मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं और बच्चे पढ़ना चाहते हैं। इससे पहले 30 के करीब स्कूल जलाए जा चुके हैं। अलगाववादी अपने एजेंडे पर चल रहे हैं जबकि कश्मीरी मां-बाप को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है। वह देख चुके हैं कि किस तरह एक कश्मीरी युवक शाह फैज़ल आईएएस परीक्षा का टॉपर रहा है। बांदीपुरा जिला जहां सबसे अधिक स्कूल जलाए गए, की 8 वर्ष की बच्ची तजामुल विश्व में किक बाक्सिंग चैम्पियन […]

थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है (Thoda He Thoda Ki Zaroorat He)

August 16, 2016 0

शहीद राम प्रसाद बिस्मल जिन्हें 19 दिसम्बर 1927 में फांसी दी गई थी, ने लिखा था, कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज होगा, जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा! अब जबकि देश आजादी के सात दशक पूरे कर रहा है देखने की जरूरत है कि हमने अपनी जमीं और अपने आसमां का बनाया क्या है? इसमें कोई शक नहीं कि देश ने बेहद तरक्की है। बाहर के लोग पूछते हैं कि अगला सुपर पावर कौन है, चीन या भारत? इस वक्त हमारी अर्थव्यवस्था योरूप की अर्थव्यवस्था से चार गुणा तेजी से बढ़ रही है और 2030 के दशक में हम यूरोपियन यूनियन की अर्थव्यवस्था को मात दे देंगे। 2050 तक हमारी अर्थव्यवस्था यूरोपियन यूनियन से […]