• In Kuwait

मोदी का दाव और इमरान की बेबसी (Aggressive Modi and Helpless Imran)

August 15, 2019 0

पाकिस्तान की संसद में भारत द्वारा धारा 370 रद्द किए जाने को लेकर तीखी बहस हो रही थी। विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान पर ताबड़तोड़ हमला कर रहा था कि उन्होंने एक बार कहा था कि  “शायद अगर भाजपा जो एक दक्षिणपंथी पार्टी है, जीत जाती है तो कश्मीर का समाधान निकल जाए”  लेकिन यहां तो नरेन्द्र मोदी ने नक्शा ही बदल डाला। इमरान खान बेबस हैं। एक बार अपनी संसद में झल्ला कर उन्होंने विपक्ष से यह सवाल जरुर कर दिया कि  “आप क्या चाहते हैं कि मैं क्या करुं? भारत पर हमला कर दूं?” यह नहीं कि इमरान खान ने खुद जंग की धमकी नहीं दी। वह संसद में कह चुके हैं कि अगर युद्ध होता है तो यह […]

जय हो! (Jai Ho)

August 8, 2019 0

यह एक एतिहासिक क्षण है। एक प्रहार से इतिहास बदल दिया गया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटा कर उसे एक सामान्य दिल्ली जैसा राज्य बना दिया गया है। अनुच्छेद धारा 370 पूरी तरह से अस्थाई थी। अम्बेदकर तो इसके बिलकुल खिलाफ थे पर शेख अब्दुल्ला के दबाव में जवाहर लाल नेहरू इसके लिए तैयार हो गए थे। वह भी चाहते थे कि समय के साथ यह प्रभावहीन हो जाए। समझा गया था कि इसके द्वारा कश्मीर का बाकी देश में भावनात्मक विलय हो जाएगा लेकिन हुआ इसका उलट। इस अनुच्छेद ने कश्मीर और बाकी देश के बीच अलंघ्य दीवार खड़ी कर जिसके भारी दुष्परिणाम निकले, देश के लिए भी और कश्मीर के लिए भी। कश्मीर की तरक्की रुक गई क्योंकि […]

रिश्तों की नींव हिल गई (Uncertainty in Indo-US Relations)

August 1, 2019 0

अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के अनिश्चित रिश्तों के बारे अपनी किताब में चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सलाहकार रहे ब्रूस रीडल लिखते हैं,  “इस क्षेत्र में अमेरिका अपने अधिकतर लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहा है। रुज़वैल्ट से लेकर ओबामा तक अधिकतर अमरीकी राष्ट्रपतियों ने पाया कि उपमहाद्वीप में आगे बढ़ना मुश्किल है… इतिहास साक्षी है कि अमेरिकी कदमों ने बुरी स्थिति को बदतर बना दिया था…।” अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह किताब पढ़ी होती या अपने सलाहकारों की राय मानी होती तो इमरान खान के साथ अपनी बैठक में कश्मीर में अपनी मध्यस्थता की अनावश्यक पेशकश न कर बैठते। इमरान खान के लिए तो छींका फूटने वाली बात हो गई लेकिन अपनी इस लापरवाही से ट्रम्प […]

The Modi Doctrine

February 28, 2019 0

The capture of brave heart Wing Commander Abhinandan whose courage and dignity in enemy custody is exemplary and who  brought down their F-16 with his ageing  Mig-21 doesn’t change anything.   The real story is the paradigm shift in India’s policy. If Gujral Doctrine was pacifist and based on cordial relations with neighbours where we as the bigger power were to show extreme tolerance towards grave provocations, the new message is that our patience is running thin and we will hit you at the target of our choice whoever it is if you do not behave. Our attack on Balakot terror camp of Jaish e Mohammad is a turning point in our policy towards Pakistan. We have used military options against […]

मोदीजी,एक धक्का और लगाओ (Action Required on Another Front)

February 28, 2019 0

शायर ने लिखा है, मुद्दत से थी आरज़ू सीधा करे कोई! मंगलवार को वह आरज़ू पूरी हो गई। जो हमने कारगिल के बाद नहीं किया, मुुंबई पर 26/11 के हमले के बाद नहीं किया वह अब हो गया। कारगिल के बाद वाजपेयी ने वायुसेना को नियंत्रण रेखा पार करने की इज़ाजत नहीं दी थी। मुंबई पर हमले के बाद मनमोहन सिंह की सरकार तो विलाप ही करती रही। यह प्रभाव दे दिया गया कि क्योंकि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार है इसलिए जवाब देना पाप होगा। पाकिस्तान की सेना भी समझ बैठी कि उनके परमाणु कवच के कारण भारत डर गया और जवाब नहीं देगा इसलिए वह इतमिनान से भारत भूमि पर आतंकी कार्रवाई जारी रख सकते हैं। मंगलवार को […]

Will Pakistan Behave?

January 17, 2019 0

These days we are hearing some positive voices from  inside Pakistan regarding India. Imran Khan has also said that dealing with Mumbai attack of 26/11 is in their interest. His interesting comment is that “we should do something about it “. It remains to be seen whether he can do this ‘something’.  Many sane media voices there are also saying that burying the hatchet is in Pakistan’s interest. There is also speculation in Pakistan about revival of Manmohan Singh -Musharraf formula. Bloomberg has written that among those who are in favour of better relations with India is Gen. Bajwa. Should we catch these positive signals from Pakistan? Conceding that better relations are in the interest of both countries much will […]

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