हिमाचल में क्या होगा ? , Himachal Pradesh Election: Will History Repeat Itself?

October 27, 2022 Chander Mohan 0

देश मे लम्बा चुनावी मौसम शुरू हो रहा है।12 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश से शुरू हो कर छ: और प्रदेश, गुजरात,कर्नाटक,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के चुनावों को बाद 2024 में आम चुनाव होंगे। गुजरात चुनाव हिमाचल प्रदेश की तरह ही इन सर्दियों में होंगें। अभी गुजरात चुनाव की तिथि की घोषणा नहीं हुई पर सत्तारूढ़ भाजपा के लिए गुजरात का बहुत महत्व है क्योंकि यह ‘बिग टू’, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह, का गृह प्रदेश है।  2012 के चुनाव में भाजपा की सीटें जो 116 थीं वह 2017 के चुनाव में घट कर 99 रह गईं इसलिए कोई जोखिम नहीं उठाया जा रहा। प्रधानमंत्री मोदी वहाँ अभियान का नेतृत्व कर रहें हैं और जगह जगह गुजराती अस्मिता की […]

अमिताभ बच्चन : ‘इंक़लाब’ जारी है !, Amitabh Bachchan: The Story Continues

October 20, 2022 Chander Mohan 0

कहतें हैं कि अमिताभ बच्चन के माता पिता, हरिवंश राय बच्चन और तेज़ी बच्चन, ने गांधीजी के ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ से प्रेरित होकर अपने पहले बेटे का नाम ‘इंक़लाब’ रखा था। हरिवंशराय बच्चन कवि, लेखक और सांसद थे और तेज़ी बच्चन पाकिस्तान के लायलपुर के सिख परिवार से थीं। बाद में अमिताभ नाम रखा गया। नाम चाहे बदल गया हो पर हरिवंशराय बच्चन और तेज़ी बच्चन की संतान द्वारा  विशेष तौर पर 1973 में आई ज़ंजीर से समाज में जो इंक़लाब शुरू किया वह कौन बनेगा करोड़पति के रास्ते आजतक जारी है।पुराने ज़माने में ब्लैक में टिकट लेकर बहुत लोग अमिताभ बच्चन की फ़िल्म पहला दिन पहले शो देखने जाते थे। अंधेरा सिनेमा हॉल में उनके साथ हम सब हंसे, रोए, नाचे, गाए, रोमांस किया। आज भी उनके 80 वें जन्मदिन पर कौन बनेगा करोड़पति के सैट पर उनके साथ बहुत लोग भी भावुक हुए थे। जब कोलकाता के ईडन गार्डन  में भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 मैच के शुरू होने से पहले उन्होंने राष्ट्र गान गाया था तो रोंगटे खड़े हो गए […]

परमाणु विनाश के कगार पर दुनिया?, Near Nuclear Armageddon ?

October 13, 2022 Chander Mohan 0

“अपनी आक्रामक रूस विरोधी  नीति में पश्चिम के देश सभी सीमाएँ लांघ गए हैं। जो मैं कह रहा हूँ वह कोरी धमकी नहीं है। जो परमाणु हथियारों के साथ हमें ब्लैकमेल करना चाहते हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि हवा का रूख बदल सकता है और उनकी तरफ़ मुड़ सकता है”। यह सख़्त शब्द कह कर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर परमाणु विनाश की सम्भावना  दुनिया के सामने पेश कर दी। यह धमकी वह पहले भी दे चुकें हैं पर इस बार उनके द्वारा ‘परमाणु’ शब्द के इस्तेमाल से दुनिया दहल उठी। कारण यह कि पुतिन के लिए यूक्रेन में युद्ध सही नहीं चल रहा। एक के बाद एक धक्का लग रहा है। ऐसी स्थिति में हताश […]

राहुल गांधी नई रोशनी में, कांग्रेस वहीं की वहीं , Rahul Gandhi In New Light

October 6, 2022 Chander Mohan 0

तमिलनाडु में कन्याकुमारी से शुरू हो कर केरल में तीन सप्ताह गुजरने को बाद राहुल गांधी की 3500 किलोमीटर की ‘भारत जोड़ों यात्रा’ कर्नाटक में दाखिल हो गई है जहां वह तीन सप्ताह रहेगी।  मीडिया इसे बहुत अधिक तवज्जो नहीं दे रहा, पर निकल रहे समाचारों से पता चलता है कि दक्षिण भारत में इसे अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है। यह यात्रा 150 दिन चलेगी और 12 राज्यों से गुजरने के बाद इसका समापन कश्मीर में होगा। इसके केन्द्र में राहुल गांधी है। चाहे और 118 सहयात्री भी हैं पर  लोग राहुल को ही मिलने, देखने और कई बार छूने के लिए आ रहें हैं। मैसूर में मूसलाधार वर्षा में भी बड़ी संख्या चुपचाप उन्हें सुनती रही और वह भी […]

मोहन भागवत की सही पहल, Mohan Bhagwat’s Positive Initiative

September 29, 2022 Chander Mohan 0

देश के चिन्ताजनक, कई तो इसे अंधकारमय कहतें हैं, माहौल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की पहल एक आशा की किरण नज़र आती हैं। उन्होंने दिल्ली की एक प्रमुख मस्जिद और मदरसे का दौरा किया जहां उन्होंने बड़े  इमाम डा. उमेर अहमद इलियासी से लम्बी वार्ता की और मदरसे के  300 छात्रों से सीधा संवाद किया।  यह पहली बार है जब किसी सरसंघचालक ने मस्जिद या मदरसे में कदम रखा हो। इससे एक दिन पहले उन्होंने  पाँच प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों से भी आपसी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी। भागवत के साथ प्रमुख संघ के प्रमुख पदाधिकारी, कृष्ण गोपाल और  इन्द्रेश भी बातचीत में शामिल हुए जिससे पता चलता है कि संघ ने इस संवाद की प्रक्रिया […]

एलिज़ाबेथ और ‘मुश्किल घटनाओं की कष्टप्रद मिसाल’, ‘Elizabeth And ‘Distressing Examples Of Difficult Times’

September 22, 2022 Chander Mohan 0

14 अक्तूबर 1997 को इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय अपने पति प्रिंस फ़िलिप के साथ अमृतसर के जलियाँवाला बाग आईं थीं। वहाँ उन्होंने  पुष्पांजलि अर्पित की और विज़िटर बुक में हस्ताक्षर कर लौट गईं। जो कई सौ निहत्थे अंग्रेजों की बर्बरता के शिकार हुए उनकी मौत पर कोई शोक व्यक्त नहीं किया गया, डायर की क्रूरता की निन्दा करना तो दूर की बात है।  वहाँ लिखा हुआ था कि ‘लगभग 2000 हिन्दू, सिख और मुसलमान यहाँ अहिंसक आंदोलन के दौरान शहीद हुए थे’। इस पर फ़िलिप ने यह कह कर  विवाद खड़ा कर दिया कि ‘आँकड़ा कुछ अधिक लगता है और इसमें घायल शामिल लगते हैं’। उनके अनुसार ऐसा उन्हें डायर के पुत्र, जो नौसेना में उनके साथ था, ने […]