नीरज को अपने कीचड़ से दूर रखो, Keep Neeraj Away From Divisive Agenda

September 2, 2021 Chander Mohan 0

ग्रामीण पृष्ठभूमि के एक 23 वर्ष के नौजवान ने देश को वह आयना दिखा दिया जिसकी हमे बहुत ज़रूरत थी।  उसने यह भी बता दिया कि शहरों की मानसिक गंदगी और प्रदूषण से दूर गाँव की सोच अभी भी सही है। मेरा अभिप्राय नीरज चोपड़ा से है। इस नौजवान ने बता दिया कि वह केवल गोल्ड मैडल विजेता ही नही, उसका दिल भी गोल्ड से बना है। मामला टोक्यो ओलम्पिक में जैवलिन थ्रो के फाईनल से जुड़ा है। नीरज ने एक इंटरव्यू मे बताया कि थ्रो से ठीक पहले उसे अपना जैवलिन नही मिल रहा था फिर उसने देखा कि वह पाकिस्तान के खिलाड़ी  अरशद नदीम के हाथ में है। उसने नदीम से कहा कि, ‘भाई, यह मेरा जैवलिन है […]

अफ़ग़ानिस्तान: पाकिस्तान की बड़ी ग़लतफ़हमी, Pakistan and Taliban: Uneasy Friends

August 26, 2021 Chander Mohan 0

कभी ख़ुद ज़ोर से अपने ही गिर जाता है ज़ोरावर          मेर क़ातिल कहीं तू अपना क़ातिल न बन जाना अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर पाकिस्तान में कई लोग सीताराम केसरी की भाषा में ‘बम’, ‘बम’ हैं। वह विशेष तौर पर इस बात से जश्न में है कि भारत को वहां सामरिक और कूटनीतिक धक्का पहुँचा है। इमरान खान की नाटकीय टिप्पणी है कि तालिबान ने ‘अफ़ग़ानिस्तान में ग़ुलामी की ज़ंजीरें तोड़ दीं’। उनके विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने दुनिया को गिनती कर बताया है कि चार राष्ट्राध्यक्षों ने इमरान खान से अफ़ग़ानिस्तान को लेकर बात की है। उनके गृहमंत्री शेख़ रशीद का कहना है कि ‘अब कोई सुपरपावर पाकिस्तान की अनदेखी नही कर सकता’। लेकिन पाकिस्तान में ऐसी […]

गिरते पहाड़, उफान पर नदियाँ,आफ़त की इंतज़ार, Hills Face Ecological Challenge

August 19, 2021 Chander Mohan 0

पिछले सप्ताह मैंने कुछ दिन हिमाचल प्रदेश की ख़ूबसूरत काँगड़ा वादी के पालमपुर शहर के नज़दीक गुज़ारें हैं। कालेज के दिनों से मैं पालमपुर आता जाता रहा हूँ। बर्फ़ से ढके धौलाधार का नज़ारा, स्वच्छ जलवायु, कल कल करते झरने, मीलों  फैले चाय के बगान इंसान को बार बार वहां आने के लिए मजबूर करतें हैं। हिमाचल के लोग वैसे ही बहुत शिष्ट और मेहमाननवाज़ हैं। इस बार भी कोरोना के कारण घर में महीनों क़ैद से निकलने के लिए पालमपुर का रास्ता किया। ज़हन में वही पुरानी तस्वीर थी पर बहुत कुछ बदला हुआ था, अच्छा भी बुरा भी। पालमपुर पुराना पालमपुर नही रहा उसमें एक आधुनिक शहर के गुण -अवगुण सब हैं।  बाज़ार खचाखच भरा हुआ था। इतना […]

जब ओलम्पिक स्टेडियम में तिरंगा फहराया गया, Best Independence Day Gift

August 12, 2021 Chander Mohan 0

यह वह सुनहरा क्षण था जिसका तेरह वर्ष से इंतज़ार था। इससे पहले 2008 की बीजिंग ओलम्पिक में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मैडल जीता था। और अब फिर 2021 में टोक्यो में एक और हमारा नौजवान खिलाड़ी मंच पर खड़ा था, गले में गोल्ड मैडल था, आँखों में नमी थी और सामने वह तिरंगा फेहराता देख रहा था और राष्ट्रगान की धुन सुन रहा था। और 130 करोड़ लोग भावुक हो कर उस दृश्य को देख रहे थे जिसकी उन्हे बरसो से कामना थी। ‘वह’ मैडल कभी तो आएगा! नीरज चोपड़ा ने हमारी वह इंतज़ार पूरी कर दी। यह गोल्ड मैडल इस 23 वर्ष के नौजवान के साहस, आत्मबल,मेहनत और चरित्रबल की सुनहरी कहानी है। उसका पहला थ्रो 87.03 मीटर […]

दिल्ली अभी दूर है, Abhi Dilli Door He

August 5, 2021 Chander Mohan 0

संसद का मानसून अधिवेशन भी निरर्थक नजर आता है। पेगासस साफ्टवेयर के द्वारा कुछ प्रमुख लोगों के मोबाइल की जासूसी को लेकर गम्भीर गतिरोध चल रहा है। किसी भी लोकतन्त्र में ऐसी जासूसी घिनौनी है। सरकार स्पष्ट जवाब नही दे रही कि क्या पेगासस के लिए किसी इसरायली कम्पनी के साथ उसकी कोई डील हुई थी या नही? वह जानती है कि अगर यह साबित हो गया कि ऐसी जासूसी हो रही है तो यह क़ानून का गम्भीर उल्लंघन होगा। इस मुद्दे पर विपक्ष तेज़ है और अब तो साथी नीतीश कुमार ने भी जाँच की मांग कर दी है। निश्चित तौर पर यह गम्भीर मामला है जिसकी जाँच और जिसकीसंसद में चर्चा होनी चाहिए। पर मुझे दो बातें और […]

क्या स्कूल खुलने चाहिए, Should Schools Reopen?

July 29, 2021 Chander Mohan 0

बचपन के दुख कितने अच्छे होते थे                       तब तो सिर्फ़ खिलौने टूटा करते थे समीना असलम समीना के यह शब्द आज के कोरोना काल में कितने मार्मिक लगतें हैं। आज केवल खिलौने ही नही टूटते कईयों का तो बचपन ही टूट गया है। कोरोना ने सबको प्रभावित किया है पर सबसे अधिक वह प्रभावित है जो इससे निबटने में सबसे कमजोर है, जिनकी त्रासदी है कि उन्हे मालूम ही नही कि कितनी बडी त्रासदी ने उन्हे घेर लिया है, हमारे बच्चे। जो खेलने का, उछल कूदने का, शरारत करने का समय है वह सहमा सहमा गुज़र रहा है। इस महामारी का सबसे बड़ा ज़ख़्म शायद  बच्चों को झेलना पड़े। बच्चों से बाहर के उनके दो रिश्ते, पड़ोस और स्कूल, […]