तुम ही सो गए दास्तां कहते कहते (The Loss of Ashwani Chopra)

January 23, 2020 Chander Mohan 0

अश्विनी नहीं रहे। सब संघर्ष पर विजय पाई लेकिन यह एक ऐसा संघर्ष था जिस से लडऩे में इंसान बेबस महसूस करता है। वह कैंसर से हार गए और यह शायद उनकी एकमात्र हार थी। जिंदगी में बहुत दिलेरी से संघर्ष किया। बहुत बढ़िया विरासत छोड़ गए इसीलिए आज एक शायर के यह शब्द उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी, जिंदगी में बड़ी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार कि परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहें पर्दा अब गिर चुका है लेकिन तालियां बज रही हैं और बजती जाएंगी क्योंकि वह बंदा ही ऐसा था। बहुत प्यारी शख्सियत थी। पत्रकारिता जगत के शूरवीर थे। सच्चे दोस्त थे। बाहर से कईयों को वह सख्त लगते थे लेकिन अंदर से बिलकुल साथ-सुथरे बेकपट […]

दिल्ली बेरहम है (Dilli is Merciless)

January 16, 2020 Chander Mohan 0

दिल्ली के गली-कूचे इतिहास की बेरहम करवट के गवाह रहें हैं। बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ बर्दाश्त किया और बहुत कुछ बर्बाद भी किया। मीर तक्की मीर जिन्हें दिल्ली से इश्क था, ने दिल्ली की बेरहमी के बारे लिखा था, दिल्ली में आज भीख भी मिलती नहीं उन्हें था कल तलक दिमाग जिन्हें ताज-ओ-तख्त का लाल हरदयाल ने मीर को भी जवाब दिया था, पगड़ी अपनी संभालिएगा मीर और बस्ती नहीं यह दिल्ली है अब फिर पगड़ी संभालने का मौका आ गया है। फरवरी में चुनाव है। क्या अरविंद केजरीवाल अपनी पगड़ी संभाल पाएंगे? और अगर उनके सर पर नहीं तो पगड़ी और किस के सिर पर बंधेगी? दिल्ली आज पूरे देश का लघु रूप है। कभी यह लाहौर के […]

लेकिन इन हवाओं को रोकिए (Stop This Madness)

January 8, 2020 Chander Mohan 0

इस देश की चाल बहुत बेढंगी हो रही है। यहां तो अब कोई मुसलमान विद्वान संस्कृत नहीं पढ़ा सकेगा। दिल्ली के जेएनयू पर नकाबपोश गुंडों ने जो हमला किया वह संस्था के बलात्कार से कम नहीं है। कैम्पस के अंदर ‘गोली मारो सालों को’ के नारे लगे और बाहर पुलिस तमाशबीन बनी रही। क्या शिक्षा को उजाडऩा है? क्या एक ही तरह की विचारधारा अब यहां स्वीकार्य होगी? देश के प्रतिष्ठित आईआईटी कानपुर में इस बात की जांच हो रही है कि क्या फैज अहमद फैज की प्रसिद्ध नज़म  ‘हम देखेंगे’ में हिन्दू विरोधी टिप्पणी की गई है? वहां के कुछ छात्रों ने यह नज़म पढ़ी थी जो फैज ने पाकिस्तान के तानाशाह ज़िया उल हक के खिलाफ लिखी थी […]

खाड़ी के देश और भारत (Gulf Countries and India)

January 2, 2020 Chander Mohan 0

इस्लाम के जन्म स्थान साऊदी अरब में भारी परिवर्तन आ रहा है। यह देश बहुत कट्टर रहा है और इसी ने दुनिया भर में वहाबी इस्लाम का प्रचार और प्रसार करवाया जिसने कई जगह आतंकवाद की शक्ल ले ली। अमेरिका पर 9/11 के हमले के अधिकतर आरोपी साऊदी अरब के नागरिक थे लेकिन अब वहां के क्राऊन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में वह देश तेज़ी से बदल रहा है। समझ लिया गया कि तेल एक दिन खत्म हो जाएगा इसलिए पैसा अर्जित करने के लिए दूसरे साधन ढूंढने पड़ेंगे जिनमें प्रमुख बिसनेस और पर्यटन हो सकते हैं। सबसे पहले दुबई में परिवर्तन आया। उनके पास वैसे भी तेल कम है इसलिए उन्होंने अपने देश को एक प्रकार से […]

इंतज़ार था जिसका ये वो सहर तो नहीं (This is not the Dawn we longed for)

December 26, 2019 Chander Mohan 0

यह इस दशक का मेरा अंतिम कालम है। आभास है कि दशक के अंतिम दिन देश को बुरी तरह बांट गए और भाजपा को भारी धक्का दे गए। झारखंड पांचवां राज्य है जो भाजपा के हाथ से खिसका है। दो साल पहले भाजपा का देश के 71 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा था जो अब मात्र 35 प्रतिशत रह गया है। भाजपा के पास 300 सांसद हैं, एक प्रभावशाली नेतृत्व है लेकिन कहीं जनता के साथ संवाद टूट रहा है। बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों में सबसे अधिक है और अमित शाह आसमान से ऊंचा राम मंदिर बनाने की बात कर रहें हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि झारखंड वह प्रदेश है जहां सबसे अधिक मॉब लिंचिंग हुई है। विकास की दर […]

पंजाब को मदद चाहिए, तत्काल (Punjab Needs Immediate Support)

December 19, 2019 Chander Mohan 0

बिल्ली थैले से बाहर आ गई है। जो बात हम सब कहते रहे उसकी पुष्टि पाकिस्तान के बड़बोले रेल मंत्री शेख रशीद ने कर दी है कि करतारपुर कॉरिडर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल बाजवा के दिमाग की उपज है जिसने इसके द्वारा  “वह जख्म दिया है जो भारत को सदा याद रहेगा।” यही बात भारत की एजंसियों तथा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह भी कहते रहें हैं कि पाकिस्तान की करतारपुर कॉरिडर में असामान्य दिलचस्पी इसलिए नहीं है कि उनमें अचानक गुरु नानक देव जी के प्रति श्रद्धा-भाव फूट उठा है बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान की साजिश है क्योंकि वह फिर सिख उग्रवाद को बढ़ावा देना चाहता है। कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद परेशान पाकिस्तान की व्यवस्था […]