इंसाफ या इंतकाम? (Justice or Revenge?)

December 12, 2019 Chander Mohan 0

हैदराबाद तथा उन्नाव की दर्दनाक घटनाओं, तथा हैदराबाद मेें मुठभेड़ में आरोपियों की मौत पर देश भर में मनाई गई खुशी के बाद मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबडे ने कहा है कि न्याय कभी तत्काल नहीं होना चाहिए और अगर यह प्रतिरोध बन गया तो उसे न्याय नहीं कहा जा सकता। माननीय मुख्य न्यायाधीश की बात सही है। अगर अदालतों से बाहर न्याय होने लगा तो अराजक स्थिति बन जाएगी। हमने तो अजमल कसाब को भी प्रक्रिया पूरी करने के बाद फांसी पर लटकाया था लेकिन हैदराबाद में दोषियों का  ‘एनकाऊंटर’ कर दिया गया जिसके बाद लोगों ने पुलिस वालों पर फूल बरसाए और उन्हें कंधों पर उठा लिया। यह एनकाऊंटर असली था या फर्ज़ी यह तो जांच बताएगी लेकिन इस […]

चाल और चरित्र पर चिंतन चाहिए (BJP Needs To Introspect)

December 5, 2019 Chander Mohan 0

2014 तथा 2019 में हम लोगों ने भाजपा को तीन कारणों से वोट दिया था। (1) नरेन्द्र मोदी (2) तेजी से विकास की आशा तथा (3) राजनीति में शुचिता का वादा। दूसरी मोदी सरकार के छ: महीने पूरे होने पर हम कह सकते हैं कि (1) तो सही चल रहें हैं लेकिन (2) तथा (3) पर सवालिया निशान लग रहा है और चिंता यह है कि कहीं (2) तथा (3) की छाया (1) पर न पड़ जाए और धीमी अर्थ व्यवस्था तथा भाजपा की भटकन नरेन्द्र मोदी की छवि को प्रभावित न कर जाए। वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थ व्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है और विकास की दर गिर कर 4.5 पहुंच गई है जबकि इसी समय […]

किसको राहजन किसको रहनुमा कहिए (All Are Losers in Maharashtra)

November 28, 2019 Chander Mohan 0

तीन दिन मुख्यमंत्री रहने के बाद देवेन्द्र फडनवीस ने इस्तीफा दे दिया है। बेहतर होता वह दोबारा मुख्यमंत्री बनते ही ना। असली चाणक्य ने कहा था कि अपने दुश्मनों को इकट्ठा मत होने दो, पर ऐसा ही भाजपा ने कर दिया जिस कारण यह फजीहत झेलनी पड़ रही है। जो एक खिचड़ी गठबंधन है वह संयुक्त, उद्देश्यपूर्ण तथा जोशीला नज़र आने लगा। फिलहाल उनका अंतर्विरोध छिप गया है लेकिन समय के साथ यह बाहर आएगा क्योंकि इस नए रंग-बिरंगे गठबंधन के बारे कहा जा सकता है कि मंजिल जुदा-जुदा है,मकसद जुदा-जुदा है भीड़ तो जमा है यह कारवां नहीं एक तमाशा खत्म हो गया और अब दूसरा शुरू हो रहा है। महाराष्ट्र में हम अपनी राजनीति का सबसे घिनौना चेहरा […]

एक और सर्जिकल स्ट्राइक चाहिए (Surgical Strike Required Against Pollution)

November 21, 2019 Chander Mohan 0

वाराणसी से समाचार है कि प्रदूषण को देखते हुए वहां के तारकेश्वर महादेव मंदिर में पुजारियों ने शिवलिंग पर मास्क चढ़ा दिया है। उनका कहना है कि भोले बाबा को जहरीली हवा से बचाना है। वहां के सिगरा मंदिर में भी पुजारियों ने देवी-देवताओं को भारी प्रदूषण से बचाने के लिए मास्क पहना दिए हैं। चित्र में पुजारियों ने खुद भी मास्क डाले हुए हैं। दिल्ली में भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बच्चों में कुछ मास्क बांटे हैं लेकिन अब तो विशेषज्ञ कह रहे हैं कि उत्तर भारत की हवा इतनी खराब है कि मास्क भी आपको बचा नहीं सकते। जो विशेषज्ञ बता रहें हैं वह भयानक है। दिल्ली में जो लोग सिगरेट नहीं पीते उनके फेफड़ों के कैंसर में तीन […]

सहर्ष सौहार्द का समय (Ayodhya Verdict)

November 14, 2019 Chander Mohan 0

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के ज़मीनी विवाद पर अपना ऐतिहासिक निर्णय देकर वह पचीदा मामला हल कर दिया जिसका शताब्दियों से कोई समाधान नहीं निकल पा रहा था। यह जश्न का समय है क्योंकि अयोध्या के भव्य राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है और यह कार्रवाई भी संविधान के दायरे के अंदर हो रही है और पूरा संयम दिखाते हुए देश ने इसे स्वीकार किया है। विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को सौंपने का आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट ने सदियों पुरानी कटुता समाप्त करने का रास्ता निकाल दिया है। हिन्दू तथा मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी स्थिति को शांत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश ने इस मामले में वह परिवक्वता दिखाई है जो कुछ […]

शुरुआत की तरफ सफर या तनाव की तरफ वापिसी? (Will Kartarpur Corridor be a Bridge of Peace ?)

November 7, 2019 Chander Mohan 0

9 नवम्बर का दिन ऐतिहासिक होगा जब सात दशकों की इंतजार के बाद पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जहां गुरु नानक देव ने अपने अंतिम दिन गुजारे थे, के दर्शन के लिए गलियारा खोल दिया जाएगा। इसे लेकर संगतों में भारी उत्साह है आखिर बहुत पुरानी हसरत पूरी हो रही है पर इस गलियारे के उद्घाटन समागम को लेकर पंजाब में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण विवाद रहा है कि कौन मंच लगाएगा, कौन नहीं? कितनी शर्मनाक बात है कि ऐसे ऐतिहासिक दिन को भी सब नेता मिल कर मनाने को तैयार नहीं जबकि सब खुद को गुरु नानक देव जी के अनुयायी कहते हैं जिन्होंने सदा भाईचारे, सादगी तथा बराबरी का संदेश दिया था। क्या एक दिन के लिए हम राजनीति […]