नेता, उनके और हमारे (Leaders: Theirs and Ours)

February 8, 2017 Chander Mohan 0

अमेरिका में नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस में रहने लगे हैं और उनके शपथ ग्रहण के तत्काल बाद पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस छोड़ गए। ऐसा भारत में भी होता है। नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के साथ पूर्व राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन छोड़ देते हैं। लेकिन एक बड़ा अंतर है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति व्हाइट हाउस छोड़ कर अपने निजी आवास में चले जाते हैं जबकि भारत में एक राष्ट्रपति ‘पूर्व’ बनने के बाद एक और विशाल सरकारी बंगले में शिफ्ट हो जाते हैं जहां अंत तक उनका खर्चा करदाता उठाता रहता है। बराक ओबामा अब वाशिंगटन में कालोरामा के एक बंगले में दो साल रहेंगे। यह एक विशाल 8200 वर्ग फुट का मकान है जिसमें सब […]

पंजाब : कम बुराई कौन सी है? (Punjab: Which is the Lesser Evil?)

February 1, 2017 Chander Mohan 0

प्रधानमंत्री मोदी की प्रकाश सिंह बादल की तारीफ के बावजूद पंजाब में जो हवा चल रही है वह बादल परिवार और हुकूमत को उड़ा ले जाएगी। वोटर इस बात को लेकर बिलकुल साफ नजर आता है कि उसे क्या नहीं चाहिए। वह पांच साल और बादल सरकार और बादल परिवार नहीं चाहता। इसका असर भाजपा पर होगा जिसका अस्तित्व ही अकाली दल पर निर्भर करता है। भाजपा के हाईकमान ने पार्टी को अकालियों को आउटसोर्स कर दिया। पंजाब में भाजपा ने तो सुसाइड कर लिया लगता है और उनके बारे कहा जा सकता है कि कुछ लोग अपनी हिम्मत से तूफां की जद से बच निकले कुछ लोग मगर मल्लाओं की हिम्मत के भरोसे डूब गए! कई मामलों में बादल […]

अखिलेश की सर्जिकल स्ट्राइक (Akhilesh’s Surgical Strike)

January 25, 2017 Chander Mohan 0

समाजवादी पार्टी में बाप और बेटे के दंगल में बेटे की निर्णायक विजय हुई है। अखिलेश अब बाप की जगह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। निश्चित तौर पर मुलायम सिंह ने अपने पुत्र की महत्वकांक्षा तथा क्षमता का सही आंकलन नहीं किया। अखिलेश ने बहुत पहले से अपनी रणनीति बनाई लगती थी और वह पार्टी के विभाजन के लिए पूरी तरह से तैयार थे जबकि मुलायम सिंह यादव अपने बदनाम सलाहकारों के बीच फंसे रहे। वह समझ बैठे थे कि ‘नेताजी’ के बिना समाजवादी पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं। पर वह लाख समझें कि मैंने पार्टी बनाई और खड़ी की, जनता और पार्टी अब उनके साथ नहीं हैं। मानना पड़ेगा कि अखिलेश बहुत चुस्त निकले हैं। उन्हें अपने […]

संदेशवाहक को गोली मत मारो (Don’t Shoot The Messenger)

January 17, 2017 Chander Mohan 0

पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर तैनात बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने वीडियो जारी कर जवानों को मिल रहे घटिया खाने की शिकायत की है। हरियाणा के महेन्द्रगढ़ में रहने वाले तेज बहादुर के परिवारजनों का भी कहना है कि वह कई बार शिकायत करता था कि ‘पशुओं वाला खाना मिलता है।’ उसका यह भी आरोप है कि सरकार उनके लिए जरूरी चीज़ें खरीदती है पर अफसर उसे अवैध तरीके से बाजार में बेच देते हैं। जैसा अपेक्षित था बीएसएफ की प्रतिक्रिया आई है कि संगठन अपने जवानों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है और व्यक्तिगत खामियां अगर कोई हैं तो इनकी जांच की जाएगी। इसी के साथ तेज बहादुर के चरित्र पर भी उंगली उठाई जा रही […]

मुगल, लखनऊ वाले और दिल्ली वाले (Mughals of Lucknow and Delhi)

January 10, 2017 Chander Mohan 0

पंजाब विधानसभा के चुनाव में कम समय रह गया है इसलिए कुछ रुझान स्पष्ट हो रहे हैं। सत्तारूढ़ अकाली-भाजपा को भारी सत्ता विरोधी भावना का सामना करना पड़ रहा है। यह नहीं कि काम नहीं किया। इस सरकार की दो बड़ी उपलब्धियां हैं। इन्होंने दस साल साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत काम किया लेकिन परिवारवाद, भ्रष्टाचार, बेअदबी और ड्रग्स जैसे मुद्दे चुनाव में भारी रहेंगे। अकाली दल की बड़ी कमजोरी है कि भाजपा यहां कमज़ोर है। पार्टी का हाईकमान भी पंजाब की बहुत परवाह नहीं करता लगता जो उम्मीदवारों की घोषणा में देरी से पता चलता है। भाजपा जैसी चुस्त पार्टी की यह बेतैयारी हैरान करने वाली है। यह इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि पंजाब […]

कश्मीर छोटा पाकिस्तान बन रहा है (Kashmir Becoming Mini Pakistan)

January 3, 2017 Chander Mohan 0

कुछ दिनों की शांति के बाद कश्मीर में फिर तनाव है, प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। देश विरोधियों को नया मुद्दा मिल गया है। उनकी शिकायत है कि कश्मीर की ‘डैमोग्रैफी’ (जनसांख्यिकी) बदलने की साजिश हो रही है और उमर फारुख से लेकर फारुख अब्दुल्ला सब भड़क रहे हैं। मामला देश की आजादी और विभाजन के तत्काल बाद पश्चिम पाकिस्तान से आकर जम्मू-कश्मीर में बसे शरणार्थियों का है। प्रदेश में इनको कोई अधिकार नहीं दिए गए। 70 साल में तीन पीढ़ियां वहां पैदा हो चुकी हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर उन्हें मान्यता नहीं देता। वह लोकसभा चुनाव में मतदान कर सकते हैं पर विधानसभा के चुनाव में मतदान का उन्हें अधिकार नहीं है क्योंकि वह ‘स्टेट सबजट’ नहीं हैं। वह भारत के […]