Iftaar ki Rajniti

July 21, 2015 Chander Mohan 1

इफतार की राजनीति पवित्र रमज़ान के महीने में सूर्यास्त के बाद इकट्ठे मिलकर रोज़े तोडऩे का मौका अब हमारे देश में एक बड़ा ‘पोलिटिकल स्टेटमैंट’ बनता जा रहा है। किसने इफतार पार्टी दी, किसने नहीं दी, कौन शामिल हुआ, कौन नहीं हुआ, दुर्भाग्यवश यह बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। जो मौका बड़े-छोटे सबका इकट्ठे मिल कर रोज़ा तोडऩे का है वहां हमारे ताकतवर और रईस राजनेताओं ने अपनी अपनी राजनीति के विस्तार का साधन बना लिया है। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की इफतार पार्टी अशोक होटल के कनवेंशन हॉल में आयोजित की गई जिसमें आम मुसलमान कदम भी नहीं रख सकता। बिल कई लाख रुपए आया होगा। इफतार के साथ जो सादगी और भाईचारा की गरिमा जुड़ी हुई […]

Desh ka pehla killer scam

July 14, 2015 Chander Mohan 0

देश का पहला किल्लर-स्कैम बोफोर्स से लेकर 2जी तथा कोयला आबंटन तक इस देश ने ढेर सारे स्कैम देखे हैं पर मध्यप्रदेश का व्यापमं घोटाला पहला किल्लर स्कैम है, पहला खूनी घोटाला है जिसमें अभी तक यह ही नहीं तय हो रहा कि कितने लोग मारे गए हैं पर संख्या दर्जनों में है। पिछले कुछ दिनों में तो धारावाहिक अप्राकृतिक मौत हो रही थी जैसा अब आसाराम मामले में भी हो रहा है। मामला देश से बाहर तक छा गया। न्यूयार्क टाईमस ने सुर्खी दी ‘आज कोई नहीं मरा!’ यह वह घोटाला है जिसमें व्यावसायिक कालेजों की सीटें पैसे लेकर बेची गईं और असंख्य परीक्षाओं में पैसे, नकल, आंसर-शीट से खिलवाड़, जाली लोगों का दूसरों की जगह परीक्षा में बैठना, […]

Ek Shahar Ho Sapnoan ka

July 7, 2015 Chander Mohan 0

इक शहर हो सपनों का भाजपा की तीन जमा एक देवियों से सम्बन्धित विवादों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा शहरों के कायाकल्प के लिए घोषित तीन अहम परियोजनाओं पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया जिनसे हमारे जर्जर हो रहे शहरों का कायाकल्प हो सकता है। 100 स्मार्ट सिटी बनाने के अतिरिक्त अमृत योजना के नीचे 500 शहरों  के  विकास की योजना है। शहरों में दो करोड़ मकान बनाने की महत्वकांक्षी योजना है। क्या यह सफल होगी? इससे पहले मैं यह बताना चाहता हूं कि हमारे जर्जर शहरों का बदलाव अब हमारी राष्ट्रीय जरूरत बन चुका है क्योंकि इस देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ता जा रहा है। लोग गांवों से निकल कर शहरों की तरफ बढ़ रहे हैं जिसका प्रमुख कारण […]

Simla mein 200 saal

June 30, 2015 Chander Mohan 0

शिमला में 200 साल शिमला में जिलाधीश के कार्यालय की स्थापना के 200 साल हो गए। पहले भारतीय अफसर जो जिलाधीश रहे वह केवल सिंह चौधरी थे जो आईसीएस थे और 1947 से 1948 के बीच जिलाधीश रहे। अर्थात् 1815-1947 के बीच ब्रिटिश जिलाधीश ही रहे। शिमला अंग्रेजों की ग्रीष्म राजधानी भी थी इसलिए भी प्रशासनिक नियंत्रण उन्होंने अपने हाथ रखा था। इस ऐतिहासिक क्षण को याद रखने के लिए समारोह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वायदा किया कि सभी ऐतिहासिक हैरीटेज इमारतों का नवीकरण किया जाएगा। गेयटी थिएटर हो चुका है अगली बारी जिलाधीश कार्यालय की है। यह सभी इमारतें देश के इतिहास का हिस्सा हैं। अफसोस है कि कैनेडी हाउस तथा पीटर हॉफ जैसी कई पुरानी इमारतें अग्नि […]

Punjab bechean kyon he

June 23, 2015 Chander Mohan 0

पंजाब क्यों बेचैन है? आनंदपुर साहिब के 350वें स्थापना दिवस का समारोह धार्मिक उत्साह के साथ सम्पन्न हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं आए। बताया गया कि तंजानिया के राष्ट्रपति की यात्रा के कारण वह व्यस्त थे पर अखबारों में छपा है कि वह अकाली दल की दिशा को लेकर खिन्न हैं इसलिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के व्यक्तिगत अनुरोध के बावजूद नहीं पहुंचे। बेहतर होता कि वह आते। आनंदपुर साहिब का देश के इतिहास में विशेष स्थान है जो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होना चाहिए। यह नहीं कि केन्द्र या भाजपा की अकाली नेतृत्व के प्रति शिकायतें जायज़ नहीं हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए अकाली नेतृत्व में हताशा अधिक नज़र आ रही है। लोगों को […]

pugdi apanee sumbaliyega, yeh dilli he

June 16, 2015 Chander Mohan 0

पगड़ी अपनी संभालिएगा, यह दिल्ली है दिल्ली बेवफा है, बेपरवाह है, बेरहम है, यह सब जानते हैं। सदियों से इसका यह इतिहास रहा है। नए लोग आते हैं, नए प्रसंग उठते हैं, नई साजिशें रची जाती हैं पर दिल्ली का स्वभाव नहीं बदलता। जो खुद को शक्तिशाली समझते हैं उन्हें भी आइना दिखा दिया जाता है। अरविंद केजरीवाल का हश्र देखिए। किस तरह सबको धमकाते रहे। सोचा था मैं दिल्ली का मालिक हूं कुछ भी कर सकता हूं कोई मुझे चुनौती नहीं दे सकता पर अब मालूम पड़ गया कि वह अपनी मर्जी का एक अफसर भी नहीं लगा सकते। अधिकार ही नहीं है। अब कभी राष्ट्रपति भवन गुहार लगाने पहुंचते हैं तो कभी गृहमंत्रालय। जब पहले जीतेन्द्र तोमर पर […]