पढ़ा-लिखा आतंकी अधिक घातक है, Educated Terrorist is More Lethal

November 27, 2025 Chander Mohan 0

लालक़िले के पास कार बम विस्फोट करने वाले डाक्टर उमर उन नबी ने एक रोंगटे खड़े करने वाले वीडियो में इसको न्यायोचित ठहराते हुए कहा है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ग़लत समझा जाता है कि यह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है। उसके अनुसार दरअसल यह “शहादत का अभियान” है। विडियो में उसका कहना है कि “जिहाद में ऐसी कार्यवाही न केवल जायज़ है बल्कि सराहनीय भी है”। यह वीडियो अप्रैल में बनाया गया था पर नवम्बर में अपलोड किया गया। इसके द्वारा नबी दूसरों को सुसाइड बॉम्बर बनने के लिए प्रेरित ही नही, उत्तेजित भी कर रहा है। कि हमारी एजेंसियाँ इस वीडियो के प्रसारण को रोक नहीं सकी यह बहुत बड़ी चूक साबित होगी। असादुद्दीन ओवैसी जो मॉडरेट […]

यह पार्ट-टाईम सियासत का टाईम नहीं है, No Time For Part Time Politics

November 20, 2025 Chander Mohan 0

बिहार में एनडीए की महा जीत और महागठबंधन की महा हार ने देश की राजनीति को बदल दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी विपक्षी नेता बनने में सफल रहे थे। उसके बाद समझा गया कि विपक्ष के इंडिया गठबंधन में जान पड़ जाएगी। पर पहले महाराष्ट्र, फिर हरियाणा, फिर दिल्ली के बाद अब बिहार के चुनाव बता गए हैं कि भाजपा और एनडीए अपनी स्थिति मज़बूत करने में सफल रहें हैं जबकि कांग्रेस ऐसी जगह पहंच गई है कि उसकी प्रासंगिकता पर ही सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने तो भविष्यवाणी भी कर दी है कि आगे चल कर कांग्रेस का एक और विभाजन हो सकता है। बिहार में एनडीए को […]

ममदानी की जीत और उषा की हार, Victory Of Mamdani And Setback For Usha

November 13, 2025 Chander Mohan 0

न्यूयार्क एक अद्भुत शहर है। दुनिया के करोड़ों लोगों के लिए यह सपनों का शहर है,जहां सपने पूरे भी होतें है। जनसंख्या 90 लाख के क़रीब है। प्रति परिवार वार्षिक आमदनी 75000डालर है। केवल आठ देश, अमेरिका,चीन,जर्मनी,जापान,भारत, फ़्रांस,यूके और इटली हैं जिनकी जीडीपी न्यूयार्क की 2.37 डालर की जीडीपी से अधिक है। न्यूयार्क का बजट 116 बिलियन डॉलर है। इसके मुक़ाबले हमारे सबसे बड़े शहर मुम्बई का बजट 8.9 बिलियन डॉलर (74.427 करोड़ रूपए) है। यहाँ 350000 करोड़पति हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध (या अप्रसिद्ध) डानल्ड ट्रम्प हैं ! न्यूयार्क में 32 लाख लोग ऐसे रहतें हैं जिनका जन्म अमेरिका से बाहर हुआ है। शहर की आबादी का केवल 31% व्हाइट है। बाक़ी अश्वेत, अफ्रीकी, एशियन या दक्षिण अमेरिका के हिसपैनिक […]

भव्य त्रिमूर्ति, गांधी, नेहरू और पटेल, The Fabulous Three

November 6, 2025 Chander Mohan 0

कृतज्ञ राष्ट्र ने  सरदार बल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती एकता दिवस के तौर पर मनाई है। इस महान नेता ने 562 बड़ी-छोटी रियासतों, जिनका विभाजन से पहले के भारत के 40 प्रतिशत हिस्से पर शासन था, को भारत संघ के साथ मिलाया था। कई रियासत तो बहुत छोटी थीं पर समृद्ध हैदराबाद भी थी जो योरूप के अधिकतर देशों से बढ़ी थी और जिसका तब बजट बेल्जियम के बराबार था। ऐसा करते वकत उन्होंने साम दाम दंड भेद सब का इस्तेमाल किया था। जॉन ज़ुब्रज़ीकी जिन्होंने रियासतों के भारत में विलय पर किताब लिखी है, ने इसके लिए “पटेल के शक्तिशाली व्यक्तित्व, क्रोध के साथ सौम्यता और मिन्नत के साथ ज़बरदस्ती के मिश्रण” को ज़िम्मेवार ठहराया है। नेहरू और पटेल […]

रेवड़ी की बरसात से कहीं छत न फट जाए, It’s Raining Freebies in Bihar

October 30, 2025 Chander Mohan 0

छह नवम्बर से शुरू होने वाले बिहार चुनाव के बारे पूर्व राजनयिक और पूर्व सांसद पवन वर्मा ने लिखा है, “ बिहार का ख़ज़ाना ख़ाली है,लेकिन रेवड़ियाँ और जुमले बरस रहें हैं”। उनकी बात सही है। बिहार देश का लम्बे समय से सबसे पिछड़ा प्रांत है। कोई आशा भी नज़र नहीं आती पर दोनों एनडीए और विपक्षी महागठबंघन धड़ाधड़ मुफ़्त देने के वादे कर रहे हैं। जिन्हें अंग्रेज़ी का मीडिया फ्रीबीज़ कहता है और प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार मज़ाक़ में रेवड़ियाँ कहा था, की ऐसी बरसात हो रही है कि आशंका है कि बिहार की आर्थिक छत ही कहीं फट न जाए! पटना से अर्थशास्त्री सूर्य भूषण बतातें हैं कि जो रेवड़ियाँ घोषित की गईं हैं वह लागू नहीं […]

पाकिस्तान बनाम तालिबान, और हमारी मजबूरी, Pakistan, Taliban And India’s Compulsion

October 23, 2025 Chander Mohan 0

जब से अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी भारत की छ: दिन की यात्रा कर लौटें हैं पाकिस्तान बहुत छटपटा रहा है। काबुल और कंधार पर हवाई हमले हो चुकें हैं और सीमा पर झड़पों में दोनों तरफ़ का बहुत नुक़सान हुआ है। पाकिस्तान के तड़पने का कारण ढूँढना भी मुश्किल नहीं है। तालिबान उनकी पैदायश है। उसे पाकिस्तान के उत्तर पूर्व के मदरसों में तैयार किया गया। पाकिस्तान उन्हें अपने लड़के कहता रहा पर यह लड़के अब बड़े हो चुकें हैं, आज़ाद हो चुकें हैं और अपने पूर्व मेहरबान के खिलाफ लड़ाकू बन चुकें हैं। उन्होंने पाकिस्तान की कठपुतली बनने से इंकार कर दिया है। अफ़ग़ानिस्तान से सोवियत यूनियन और बाद में अमेरिका को भगाने में पाकिस्तान […]