अपने देश वापिस जाओ, The Unwanted Indian Abroad

October 16, 2025 Chander Mohan 0

 यह एक ऐसी जघन्य घटना थी जिसने इंग्लैंड में रह रहे भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया। बर्मिंघम में ओल्डबरी में एक ब्रिटिश सिख महिला के साथ दो गोरों द्वारा बलात्कार किया गया, बेरहमी से मारपीट की गई और जातें जाते बलात्कारी यह संदेश दे गए कि ‘वह यहाँ की नही है’ और उसे अपने देश लौट जाना चाहिए। अर्थात् मामला केवल बलात्कार का ही नही था उस महिला को उसकी नस्ल के लिए टार्गेट किया गया, क्योंकि वह सिख है। महिला को निशाना बना कर उसके बाक़ी समुदाय को संदेश भेजा जा रहा है कि तुम यहाँ सुरक्षित नहीं हो। कुछ दिन पहले पास के एक शहर में दो बुजुर्ग सिख टैक्सी चालकों पर हमले हो चुकें है। […]

मोहन भागवत : विरासत,चुनौती और दायित्व, Mohan Bhagwat: Legacy, Challenge And Responsibility

October 9, 2025 Chander Mohan 0

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की विजयदशमी रैली में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संदेश में बहुत सामंजस्यपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सब तरह की विभिन्नताओं का सम्मान करती है। उनका कहना था कि अगर कोई हिन्दू कहलाने में असहज महसूस करता है तो वह ख़ुशी से खुद को ‘भारतीय’ कह सकता है। उनका यह भी संदेश था कि हिन्दू समाज को ‘हम’ और ‘वह’ की मानसिकता से खुद को अलग रखना है और समुदायों के बीच उत्तेजना फैलाना अस्वीकार होना चाहिए। मोहन भागवत प्रधानमंत्री मोदी के बाद देश के दूसरे सबसे शक्तिशाली नहीं तो सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं। संघ का प्रभाव तो पहले से ही था पर जिस तरह भागवत उसे नई दिशा दे […]

बेहतर होता कि खेलते ही नही, Why Play At All

October 2, 2025 Chander Mohan 0

क्रिकेट को कभी जैंटलमेंस गेम अर्थात् शरीफ़ लोगों का खेल कहा गया था। जैसे टैनिस है। टैनिस में तो अभी भी कुछ शराफ़त बची है जो विम्बलडन में देखने को मिलती है पर क्रिकेट तो अब ‘गोलीबारी के बिना युद्ध’ बन चुका है। 1996 के विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुक़ाबला पर लेखक माइक मारकूज़ ने अपनी किताब का टाइटल War Minus The Shooting दिया था। अर्थात् युद्ध है केवल गोलियाँ और बम नहीं चल रहें। तब से लेकर अब तक मुक़ाबला और विस्फोटक बन चुका है जैसा हम हाल ही में एशिया कप में देख कर हटें है। पहलगाम के हमले के कुछ महीनों बाद मैच में तनाव तो होना ही था पर इस बार तो […]

पंजाब, पंजाबियत और प्रवासी, Punjab and Migrants

September 25, 2025 Chander Mohan 0

9 सितंबर को होशियारपुर के एक गाँव में एक प्रवासी मज़दूर द्वारा अपहरण के बाद दुष्कर्म कर पाँच वर्ष के बच्चे की निर्मम हत्या की पंजाब में बहुत तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लोग इस कुकृत्य से भारी आक्रोष में हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासियों के खिलाफ एक प्रकार से बैकलैश शुरू हो गया है। कई लोग माँग कर रहें हैं कि इन्हें वापिस भेज दिया जाए। ग़ुस्सा ऐसा है कि कुछ प्रवासी अपनी सुरक्षा के बारे चिन्तित है और वापिस जाने के बारे सोच रहे हैं। होशियारपुर की वीभत्स घटना के बाद पंजाब के कई हिस्सों में प्रवासियों के खिलाफ स्पष्ट ग़ुस्सा नज़र आ रहा है। होशियारपुर और उसके आसपास की 20 पंचायतों ने प्रवासियों के खिलाफ […]

नेपाल का घटनाक्रम और भारत, Nepal’s Uprising And India

September 18, 2025 Chander Mohan 0

हो जाते हैं जिन पे अंदाज़े खुदाई पैदा                हमने देखें हैं वह बुत तोड़ दिए जातें हैं हमारे पड़ोस में एक के बाद एक ऐसे बुत तोड़े जा रहें हैं। 2022 में गम्भीर आर्थिक संकट के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़ भाग गए थे। एक और पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और 5 पूर्व मंत्रियों को जेल की सजा सुनाई गई थी। कई नेताओं के घर जला दिए गए। लगभग एक साल पहले बांग्लादेश में ऐसा ही विद्रोह हुआ था जब ढाका में हिंसक प्रदर्शनों के बीच शेख़ हसीना को भागना पड़ा था और भारत ने उन्हें शरण दी थी। उनका भी घर जला दिया गया था।  वहाँ 90 दिनों में चुनाव होने थे पर बिना चुनाव […]

ख़ाक हो जाऐंगे हम तुमको खबर होने तक, Punjab Needs More Hand Holding

September 11, 2025 Chander Mohan 0

घुटने भर पानी में तस्वीर खीचवाने के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की स्थिति को जलप्रलय कहा है और साथ ही भरोसा भी दिलवाया कि केन्द्र की सरकार ‘पंजाब के साथ मज़बूती से खड़ी है’। शिवराज सिंह चौहान की बात सही है। पंजाब की तबाही किसी प्रलय से कम नहीं है। ऐसी भयंकर बाढ़ इससे पहले 1988 में आई थी जब 500 लोग मारे गए थे पर विशेषज्ञ बता रहें हैं कि आज स्थिति 1988 से भी अधिक नाज़ुक और संकटपूर्ण है। उस वक़्त 12 ज़िले प्रभावित हुए थे जबकि इस बार सभी 23 ज़िले बाढ़ की गिरफ़्त में हैं। अनुमान है कि 4 लाख एकड़ खेत पानी से भर गए हैं। हैं।2000 गाँव पानी में […]